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अगर मुझसे मोहब्बत है-27 (Agar mujhse mohobbat hai-27)

Story Hindi 4 pages 15 years ago

अगर मुझसे मोहब्बत है-27 (Agar mujhse mohobbat hai-27)
Hindi Chudai Kahani
This story is part of the अगर मुझसे मोहब्बत है series चलो एक खेल हम खेलेंगे गैरों से चुदाई का। मिलन गैरों से, अपनों से समा होगा जुदाई का। मैं चोदूँ उसकी बीवी जैसे वह मेरी अमानत है। तू चुदवा लंड से उसके अगर मुझ से मोहब्बत है। सूरज ने रीता को एक बार फिर कस के अपनी बाँहों में जकड़ा। सूरज ने कहा, “रीता, मुझे तुमसे सिर्फ मोहब्बत नहीं, बहुत-बहुत ज्यादा मोहब्बत है, और उसके साथ-साथ बहुत सारी पुरानी बकाया पड़ी हुई शिकायतें भी हैं। मैंने अब तक उन शिकायतों को कूड़े में डाल दिया था। पर आज तुमने वह कूड़े के डिब्बे का ढक्कन खोलने के लिए मुझे मजबूर कर दिया है। मैं तुम्हारी रफ़ चुदाई जरूर करूंगा। क्योंकि अगर तुम मुझ से मेरे सारे ग़म लेना चाहती हो, तो आखिर मैं भी तो तुमसे मोहब्बत करता हूँ। अगर तुम मेरी ख्वाहिश पूरी करती हो, तो मुझे भी तुम्हारी ख्वाहिशों का सम्मान करना चाहिए।” रीता ने सूरज के चेहरे को अपने चेहरे से मिला कर सूरज के होंठों को चूमते हुए कहा, “मेरे राजा, तुमने तो मेरी सारी ख्वाहिशें आज पूरी कर दी हैं। आज अगर मैं मर भी जाऊं, तो मुझे कोई ग़म नहीं है। बस मेरी एक ही ख्वाहिश अब बाकी है, जो तुम अब पूरी करोगे और वह है मेरी “गांड फाड़” चुदाई की। मुझे तुम यह सोच कर मत चोदो कि मैं तुम्हारी प्राणप्यारी रीता हूँ। मुझे तुम यह सोच कर चोदो कि मैं वह रीता हूँ, जिसने तुम्हें अपमानित किया, दुत्कारा, बहुत भला बुरा कहा और तुम्हारे सच्चे प्यार को ठोकर मार कर ठुकरा दिया।” मैंने उस समय जब सूरज को देखा तो सूरज की आँखों में खून आ गया हो ऐसे उसकी आँखें लाल हो रही थी। सूरज ने अपने नीचे लेटी नंगी रीता की ओर ऐसे क्रूरता से देखा कि ना सिर्फ रीता बल्कि मैं और किरण भी डर से कांपने लगे। सूरज नंगी रीता को नीचे लेटी हुई रख कर उठ खड़ा हुआ। फिर सूरज ने अपना लम्बा लंड अपने हाथ में पकड़ा और अपने हाथ से सहलाया और रीता के मुँह के ऊपर बैठते हुए सूरज ने अपने लंड को रीता के मुंह में ठूंसना शुरू किया। कहीं ना कहीं मुझे लगा कि सूरज वास्तव में क्रूरता नहीं कर रहा था, पर रीता की ख़ुशी के लिए क्रूरता का प्रदर्शन कर रहा था। मैंने देखा की अचानक इस तरह के आक्रमण से चौंकी हुई रीता ने अपना मुंह पूरा खोला। पर कहां सूरज का मोटा लंड और पूरी तरह से खुला हुआ रीता का छोटा सा जबड़ा? रीता की आँखें फट गयी, और रीता की सांसे रुक गयी जब सूरज ने अपना लंड घुसा दिया। रीता अपने होंठों को पूरा का पूरा फुला कर सूरज के लंड को अपने मुंह में लेने की नाकाम कोशिश में लग गयी। पर सूरज कहां थमने वाला था? सूरज ने जैसे ही रीता के खुले मुंह में घुटनों के बल बैठ कर अपना लंड का थोड़ा हिस्सा घुसाया, कि तुरंत उसने रीता के मुंह को चोदना शुरू किया। रीता सांस नहीं ले पा रही थी।

रीता की आँखों की पुतलियां ऊपर चढ़ गयी। सूरज इस की परवाह किये बिना रीता के मुंह को बेरहमी से चोदे जा रहा था। रीता की जान निकलते हुए देख किरण से रहा नहीं गया। किरण ने सूरज को धक्का मार कर रीता के मुंह में अपना लंड और गहरा घुसाने से रोका। उस समय अगर किरण आगे ना आती तो रीता की साँसे रुक जाती, और रीता बेहोश हो जाती। सूरज किरण से नाराज दिख रहा था। रीता ने भी सूरज के लंड को अपने मुंह में रखे हुए और बिना अपना सर घुमाये किरण को वहां से हट जाने का इशारा किया। किरण के इस तरह धक्का मारने पर भी सूरज ने अपना लंड रीता के मुंह से नहीं निकाला। सूरज ने लंड रीता के मुंह में और ठूंसा, और बेरहमी से रीता के मुंह को चोदता रहा। रीता के गाल पूरी तरह से फूले हुए थे। रीता की आँखों में से पानी बरस रहा था। रीता के गोरे नंगे बदन से पसीने की धारे बह रही थी। मैं समझ सकता था कि उस समय रीता लगभग बेहोशी की हालत में होगी। पर सूरज रीता के मुंह को चोदे ही जा रहा था। रीता की आँखें फटने की कगार पर थी। रीता ने अपने हाथ खुले हुए होते भी सूरज को नहीं रोका, और ना ही कोई धक्का मार कर उसे हटाया। मैं रीता की सहनशीलता पर हैरान रह गया। कुछ देर तक रीता के मुंह को चोदते रहने के बाद जब किरण को लगा कि रीता और मुंह की चुदाई झेल नहीं पाएगी, और बेहोश हो जायेगी, तब किरण ने सूरज को रीता के मुंह को चोदने से रोका और वहां से हटाया। रीता की आँखें फट रही थी। सूरज की मुंह चुदाई से रीता का पूरा बदन पसीने से तर हो रहा था। पर रीता ने मुंह से उफ़ तक नहीं निकाली। सूरज के वहां से हटते ही रीता बिस्तरे पर ढेर हो कर गिर पड़ी। सूरज वहां से हट कर रीता की दो जाँघों के बीच में पहुंचा, और झुक कर अपनी जीभ रीता की चूत की पंखुड़ियों पर रख कर सूरज अपनी जीभ के अग्रभाग से रीता की चूत के कोने कोने को चाटने लगा। यह कार्यकलाप रीता के लिए बड़ा ही रोचक था, और जो कुछ परेशानी रीता ने अपनी मुंह चुदाई से झेली थी, सूरज की जीभ चुदाई से उसे काफी अच्छा लगा। पर इसके बाद सूरज ने रीता की चूत में जब अपनी दो उंगलियां डाली और उनसे रीता की चूत को अपनी उँगलियों से चोदने लगा, तब रीता पलंग पर अपनी गांड पर उन्माद के मारे कूदने लगी। जैसे-जैसे सूरज ने अपनी उंगली चोदन की फुर्ती तेज की, तब रीता के तोते उड़ने लगे। कुछ देर तक इस तरह से उंगली से रीता की चूत चोदने के बाद जब रीता से रहा नहीं गया। तब रीता ने सूरज की कमर पकड़ी और उसे कहा, “सूरज, अब बहुत हो गया, अब मेरी चूत तुम्हारा लंड चाहती है। तुम मुझे अपने लंड से ऐसे चोदो की मेरी चूत फट जाए। मैं तुम्हारा पूरा लंड अपनी चूत में चाहती हूँ। चाहे मेरी चूत उसे ले पाए या नहीं। मैं ऐसे नहीं चुदवाना चाहती जैसे अभी तुम किरण को चोद रहे थे। तुम किरण की चूत में अपना लंड पूरी तरह से डाल भी नहीं रहे थे।

अगर तुमने ऐसा किया तो मेरा मरा हुआ मुंह देखोगे।” रीता की बात सुन कर किरण और मैं हैरानगी से एक-दूसरे को देखते रहे। यह रीता क्या कह रही थी? रीता पहली बार सूरज से चुदवा रही थी। उसकी चूत को सूरज के लंड से एडजस्ट होने में काफी समय लग सकता है। उसके लिए रीता को सूरज से धीरे-धीरे कई बार चुदना पडे़गा तब कहीं जा कर धीरे-धीरे रीता की चूत की त्वचा फ़ैल कर सूरज के इतने मोटे लंड को कुछ हद तक अपने अंदर ले पाएगी। किरण इतने सालों से सूरज से चुदने के बाद भी अभी तक सूरज का पूरा लंड अपने अंदर नहीं ले पा रही थी। रीता ने सूरज को जैसी कसम दी थी तो जाहिर है कि‌ सूरज उस कसम को नहीं तोड़ेगा। उसे रीता को बेरहमी से चोदना ही पड़ेगा। रीता इतनी सरल थी, और उसे सूरज के प्यार का ऐसा अहसास उसे हो रहा था कि वह मरने तक के लिए तैयार थी। सूरज की आँखों में खून सवार था, फिर भी उसके दिल में रीता के लिए प्यार भरा हुआ था। उसे रीता की दी हुई कसम भी नहीं तोड़नी थी और रीता की जान भी खतरे में नहीं डालनी थी। सूरज की समझ में नहीं आ रहा था कि वह करे तो क्या करे? पर और कोई चारा नहीं था। उसे रीता की चूत में अपना पूरा का पूरा लंड उस रात डालना ही था। सूरज ने वह तेल जो अपने बगल में रखा हुआ था उसे अपने लंड पर बोतल को उलटी कर के उंडेला। सूरज का पूरा मोटा लम्बा लंड तेल से लथपथ हो गया। अपनी हथेली और उँगलियों में तेल की काफी मात्रा ले कर सूरज ने रीता की चूत में काफी अंदर तक तेल खूब उदारता से लगाया। बेचारी रीता अपनी जाँघें चौड़ी रखती हुई उत्तेजना और डर की मारी सूरज को यह सब करते हुए देखती ही रही। उसकी हिम्मत नहीं पड़ी की सूरज का डरावना चहरा देखने के बाद उसे कुछ कह सके। पर अपने प्यारे प्रियतम से अपनी चूत में तेल डलवाते हुए भी रीता काफी मचलने लगी थी। उसे लगा कि आज की रात उसकी जिंदगी की सबसे यादगार रात बनने वाली थी। अब वो अपने प्रियतम के लंड को अपनी चूत में घुसने का इंतजार कर रही थी। एक स्त्री अपने प्यारे प्रियतम के लंड से चुदवाने के लिए कितनी बेकरार होती है वह तो स्त्रियां ही जानती हैं। रीता ने जब महसूस किया कि सूरज अब उसे चोदने के लिए तैयार था, तब उसकी जान उसकी हथेली में आ गयी। इतनी ज्यादा बहादुरी दिखाने के बावजूद भी जब सूरज के लंड का पहली बार रीता की चूत की पंखुड़ियों से स्पर्श हुआ, तब रीता काँप उठी। वह अंदर ही अंदर अपनी आखरी साँसे गिन रही हो ऐसा उसे लगने लगा था। सूरज ने एक धक्का दिया, और उसके लंड का अग्रभाग आसानी से रीता की चूत में चला गया। रीता को ख़ास कोई परेशानी नहीं हुई। रीता ने कुछ राहत की सांस ली। पर उसे क्या पता था कि सूरज के लंड का सिर्फ टोपा ही रीता की चूत में दाखिल हुआ था। सूरज ने एक और धक्का मारा जब सूरज का लंड रीता की चूत की दीवारों को चीरता हुआ रीता की चूत में घुसने लगा।

पहले धक्के में सूरज का एक चौथाई लंड रीता की चूत में क्या घुसा, रीता से सहा नहीं गया और रीता जोर से चीख उठी। रीता की चूत में से आग जैसी अगन उठी। पर आश्चर्य की बात यह थी कि सूरज को रोकने या कोसने के बदले वह जोर से चीख कर सूरज को और चुनौती दे रही थी और कह रही थी, “बस इतना ही? चोदो, और जोर से चोदो, और अंदर घुसाओ तुम्हारा लंड मेरी चूत में, रुको मत, मेरे दर्द की परवाह मत करो, मैं बिल्कुल ठीक हूँ।” इस का मतलब रीता को जबरदस्त दर्द हो रहा था पर वह फिर भी और दर्द की कामना कर रही थी। पता नहीं भगवान ने स्त्रियों को कैसी और कितनी मानसिक और शारीरिक सहनशक्ति दी है कि वह इतनी नाजुक होते हुए भी पुरुषों से कहीं ज्यादा दर्द और परेशानी झेल सकती है। सूरज ने जब यह सुना तो उसे और जोश चढ़ा। सूरज ने नंगी रीता के मासूम गले पर अपने हाथ की मुठ्ठी की पकड़ कसी और दूसरे हाथ से रीता का एक सख्त मुलायम स्तन अपनी तगड़ी हथेली में पिचकाते हुए अपने घोड़े के लंड के जैसे लम्बे और मोटे लंड को रीता की गुलाबी, नाजुक फूलों की अधखिली कोमल कली सी चूत में और घुसाया। इस बार रीता की चीख गगनभेदी थी। वह इतने जोर से चिल्ला उठी कि ऐसा लगा जैसे पूरा कमरा ही रीता की चीख से गूंज उठा। यह साफ़ था कि वह इस लंड को अपनी चूत में इतनी गहराई तक जाने के कारण असह्य दर्द झेल नहीं पा रही थी, फिर भी वह जोर से कह रही थी, “और जोर से, घुसाओ और अंदर, चोदो तुम्हारी रण्डी रीता को, निकाल दो अपने अंदर की सारी कड़वाहट और गुस्सा मेरी चूत पर। फाड़ दो मेरी चूत, रुकना मत, याद रहे मैंने आपको अपनी जान की कसम दी है।” [email protected]

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