एक रात सगी मामी के साथ
दोस्तो मेरा नाम आयुष है और मेरा उम्र 20 साल है। मेरे मामी का नाम अर्पना है। मामी सरकारी स्कूल की शिझिका है। उम्र 35 के आस पास है। देखने मै जवान सेक्सी हॉट औरत लगती है। मेरे मामी को देखकर कोई भी मुठ मार सकता है इतनी हॉट है। कहानी पे आते है मामी अपने बच्चो के साथ टाउन मे रहती है। मामी 2 BHK का फ्लैट ली थी जिसमें व अपने बच्चो को लेकर रहती थी। मामा हफ्ते मै एक से दो बार आते जाते है क्युकी उनका दुकान गाँव मे है और घर पर भी काम रहता है। तो हफ्ते मै एक दो दिन के लिए आते जाते है। जब मामी गाँव रहती थी मै करीब 19 साल का था। एक दिन घर पर हम, मामी, मामी के बच्चे, और मामी के बीचले देवर, जो की मेरे मामा लगते थे। मै और मामी के बच्चे एक साथ खेल रहे थे। इधर बीचले मामा मामी को मना रहे थे। उस समय पर हमको भी उतना समझ नही था की बीचले मामा बड़ी मामी को क्या बोल रहे थे। क्यों मना रहे थे? कुछ देर बाद बड़ी मामी मान गयी। बोली बीचले मामा से, “चलिए रूम को लॉक कर दीजिये।” मामा रूम का दरवाजा चिपकाए दिये और लॉक नही किये थे। मै सब देख रहा था छिपकर। मामी के बच्चे सोने चले गए थे। मै रूम के पास ही रह गया और धीरे से हल्का दरवाजा खोला। मामी को नंगा देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया। मामी और मामा ओट💋 चूस रहे थे। मामी पूरी गरम थी और उनके चूत से पानी निकल रहा था। मामा ने फिर मामी का चूची दबाकर मामी का दूध पी रहे थे। मामी कहर रही थी। फिर मामा ने मामी से बोला, “भाभी, मेरे लंड को चूसिये।” मामी मना की। फिर मामा ने मना कर मामी के मुह पर अपना लंड रख दिया। फिर मामी झटके से हटा कर बोली, “जो करना है जल्दी कीजिये। इस सब में समय मत बरबाद कीजिये।” मामा ने मामी के चूत में उंगली करके अपने लंड को सेट किया। और जोर जोर से धक्का मार रहे थे। मामी सिसकरिया का निकालने लगी। मेरे को भी देख कर मामी को पेलने का मन करने लगा। अब मे मौका ढूंढने लगा। मामा का लंड मामी की चूत मै घुस गया। मामी जोरसे चीखी। मैं अपने लंड को बाहर निकाल कर हिलाने लगा। मेरे आँख के सामने मामी की चुदाई हो रही थी। करीब एक आधे घंटे बाद दोनों झड गए। मामी बेड पर नंगी ही लेटी रह गयी। मामा मामी को चोद कर बाहर चले गए। मेरे पास बहुत अच्छा मौका था। मै तुरंत मामी के बेड पर गया और मामी को चूमने किस करने लगा। मामी का ओट चूसने लगा। मुझे मजा आ रहा था। मामी एक आधे घंटे से चुदाई के बाद थक गयी थी और नंगे ही बेड पर पड़ी हुई थी। मै पुरा फायदा उठाने लगा। मामी का दूध पीने लगा। वो निकल ही नही रहा था। बहुत कोशिश के बाद निकला ही नही। फिर मामी एक साइड करवट हो गयी। हमे आराम हो गया मामी के बॉडी पर नही चड़ना पड़ा। अगर चड़ता तो मामी जग जाती तो मै मामी को नही चोद नही पाता। फिर कोशिश किया मामी का दूध पीने का। फिर भी नही निकला। मामी भी होश में नही थी। फिर अपने लंड को मामी के चूत में घुसाने लगा। मामी को लगा की मामा है। मामी बेहोश की तरह पड़ी हुई थी। मैं मामी के चूत को चाटने लगा। मामी कहर ने लगी। वह चटवाने के लिए चरमसुख पर थी। मै मामी की चूत के छेद में जिब से छेद में गुदगुदी करने लगा। मामी अब फिर से लंड लेने के लिए तैयार थी। फिर मामी का आँख को पटी रुमाल से बांध दिया। मामी बोली, “एह क्या कर रहे हो?’ मै बोला आवाज बदलकर, “भाभी आप एह सब मत देखो इस लिए पटी बांध दिया हु।” फिर मामी को नीचे सरकाय। मामी को पता नही चला कौन है। रूम मै पुरा अंधेरा था। फिर मैंने अपने लंड पर थूक लगा के मामी के चूत पे सेट किया और एक झटके मै घुसा दिया। मामी की चीख निकल गयी। मै अब अपने रफ़्तार को बढ़ा दिया। मामी पुरा साथ दे रही थी। मै मामी की चूत को भोसड़ा बनाने मै लग गया। मेरा पहला सेक्स था। मै मामी को करीब 30 मिनट तक ठुकाई करने के बाद मेरा बीज निकलने वाला था। तुरंत मामी के मुह मै निकाल गिरा दिया। मामी थूकने लगी फिर मामी गटक गयी। मैं और मामी चूमा चूमी करने के बाद मै तुरंत वहा से निकल लिया। फिर भी मामी कोई असर ही नही पड रहा था। मामी लगभग एक घण्टे बाद उठकर बाथरूम फ्रेश होने गयी। मामी जब बाथरूम से निकली मै उनकी तरफ देख कर मुस्कराने लगा। मामी को कुछ डॉट (doubt) हुआ। मामी पुझी, “क्यों हँस रहे थे?” मै बोला ऐसे ही। फिर करीब 5 साल बाद मैं दिल्ली गया पढ़ने। (अभी तक मामी के साथ एक बार ही सेक्स किया था) मै छुट्टी मैं घर लौट रहा था। 14 February मतलब बहुत से लोगो का सेक्स का दिन होता है। Valentine day को मेरा ट्रेन रात के 1 बजे ही उतार दी। मै घर पर बोल दिया था ट्रैन मेरे को रात को ही उतर देगी। मम्मी मामी को बोल दी थी की रात को मै जाऊंगा। फिर मैं मामी के फ्लैट पर पहुँच गया। मामी के बच्चे एक रूम मै सोये थे। ठण्ड का समय था। मामी के पास दो कंबल था। एक कंबल मामी ने अपने बच्चो को उडाया था। एक कंबल खाली था। फिर मैं फ्रेश हो कर आया और मामी से बोला, “मैं जा रहा हु सोने।” मामी बोली, “ठिक है, सो जाईये, कंबल रख दी हु।” मामी अपने बच्चो के रूम मै जा रही थी। मामी जब मुड़ी तभी मेरी नजर मामी की गांड पर पडी। मामी मैक्सी पहनी थी और अंदर कुछ पहनी नही थी। मेरे मन मै अब मामी के साथ सेक्स के लिए विचार आने लगा। मामी गुलाबी रंग की मैक्सी पहनी हुई थी। कुछ देर तक मामी उस रूम मैं रही फिर मेरे रूम मैं आई। मैं पूछा, “क्या हुआ मामी?” मामी बोली, “दो कंबल था। जी एक में आप हो और दूसरे में बच्चे है।” मैं तुरंत बोला, “आप मेरे कंबल मैं सो जाईये।” मामी सोच मै पड़ गयी। फिर कुछ मिनट बाद आकर सो गयी। मेरा पुरा बदन गरम था। मामी का ठंडा पड़ गया था। मैं मामी के पैर पर पैर रख दिया। फिर कुछ समय बाद मामी नींद में मेरे से सट गयी। और गांड मेरी तरफ करदी। अब मेरा लंड पुरा खड़ा हो गया। मामी की गांड मै छूने लगा। मामी पैंटी नही पहनी हुई थी। मेरा लंड मामी के छेद मै जाने लगा। तभी मामी को एहसास हुआ की उनके पीछे कुछ उनकी गांड मै चुभ रहा है। मामी तुरंत मेरे लंड को पकड़ ली। लेकिन उस समय मेरा लंड मेरे लोवर में था। मै भी हाफ लोवर पहन कर सोया था बिना उंडरवेअर के। मेरा लंड मामी के मूठी में था। मामी तुरंत पलट कर मेरी तरफ देखी। लेकिन मै हल्का सोने का नाटक किया। मामी को लगा मै नींद मै हु इसलिए ऐसा किया। फिर मामी गांड मेरे तरफ करके सोई। मै फिर कुछ देर मिनट बाद मामी को पीछे से पकड़ के सोने का नाटक किया। मामी को लगा नींद मै पकड़ा है रहने देते है। मामी बेकोफ़ सोई। मैं अब मामी के बूब्स दबाने लगा। मामी को लगा नींद मै दबा रहा है दबाने देती हु। वैसे भी इतना दूर से ट्रैवल करके आया नींद मै ही कर रहा है। मै फिर मामी का मैक्सी अपने पैर से उपर की ओर सरकाने लगा। अब मामी की मैक्सी कमर पे आ गयी। अब मामी की गांड पर अब कोई परदा नही था। मामी नींद मै चली गयी। फिर मै धीरे धीरे मामी की गांड मै उंगली करने लगा। मामी को लगा लंड ही मेरा चुभ रहा होगा। मै अब अपने लंड पे थूक लगाया फिर एक हाथ से मामी को पकड़ा और लंड को घुसा दिया। मामी तुरंत झटपट आ गयी और मेरे से छुड़वाने लगी। मै अब जोश मै था। अब मामी को दोनों बूब्स पकड़ के उनके उपर चढ़ के जोर जोर से मामी की गांड पेलने लगा। मामी छुड़वाने की कोशीश कर रही थी।