कसाई रफीक़ और उसके 2 दोस्तों के साथ चुदाई - भाग 3
सभी बड़े लंड वालो को पिंकी का नमस्कार। मैं आज अपनी कहानी का तीसरा भाग लेकर आई हूं। तो जैसा के आप लोगो ने पिछले भाग में पढ़ा होगा के मैंने रफीक से चुदाई करवा ली थी। और आलम और हसन का लंड हिला कर उनका माल निकल दिया था। और फिर कमिनो में मेरे ब्रा और ब्लाउज से अपना माल पूछ दिया था। अब आगे। मैं नहा कर आई तो मैंने देखा के हसन वही पर बैठा हुआ था लेकिन रफीक और आलम नहीं थे। मैंने पूछा तो उसने बताया के वो दोनो सिगरेट लेने गए हैं। हसन मुझे सिर्फ पैंटी में देख कर अपना लंड मसलने लगा और मुझे अपने पास आने को कहा। मैं उसके पास गई तो उसने मुझे पीठ के बल लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया। हसन का हट्टा कट्टा शरीर था और उसके शरीर से पसीने की महक आ रही थी जो मुझे गरम कर रही थी।फिर उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया। जिस पर मैंने भी उसका साथ दिया। वो एक हाथ से मेरे दूध जोर जोर से दबने लगे। मैं मज़े और दर्द से कराहने लगी – आह हां ओह आह आराम से जालिम। हसन फिर मेरे स्तन चूसने लग गया। मैं भी मज़े से उसके सर और पीठ पर हाथ फेरने लगी। जिससे उसका जोश और बढ़ गया और वो एक हाथ से मेरे स्तन दबा रहा था और दूसरे चुची को चूस रहा था। फिर उसने मुझे बैठा दिया और मेरी गोद में सर रख कर किसी बच्चे की तरह मेरे दोनों चुचियो को चूसने लगा। मै मजे से आवाजें निकालने लगी। “आह आह यस फक मी। जोर से चूस, पी जा पूरा दूध मेरा। आह जालिम और जोर से। आज चोद दे मुझे अपने लंड से, मेरी गर्मी शांत कर दे।” मेरे मुंह से ऐसा सुन कर वो जोश में आ गया और खड़ा हो गया। फिर उसने अपना खड़ा लंड मेरे सामने कर दिया। मैं समझ गई के मुझे क्या करना है। मैंने पहले उसके लंड को ऊपर से लेकर नीचे तक चाट चाट कर गीला कर दिया और फिर उसके टोपे को अपनी जीभ से चाटने लगी। वो मेरी इस हरकत से मजे से आह आह करने लगा। हम ऐसा कर ही रहे थे के इतने में आलम और रफीक आ गए। हमें ऐसा करते हुए आलम भी अपनी लुंगी फेक कर मेरे बाजू में आ गया। वही दूसरी तरफ रफीक के पीछे से आकर मुझे चूमना लगेगा। मैं बारी-बारी से हसन और आलम के लंड चूसने लगी। दोनो मस्ती से आवाज निकालने लगे – आह मेरी जान पिंकी क्या मस्त लंड चूसती है तू मन करता है बस चूसवाते ही रहे। आलम – हा यार हसन क्या मस्त छिनाल है एक दम प्रोफेशनल रंडी जैसी चूस रही है। मैने तब लंड बाहर निकल कर बोला – हा मैं तुम तीनो की रंडी हूं मुझे ऐसे ही चोदना जैसे रंडी को चोदते हो। आज मेरी गर्मी शांत करो। फिर मैंने बोला – बस अब मुझे तुम लोग चोदना शुरू करो मुझे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा, फिर तीनो ने अपना लंड पर कंडोम लगाया। हसन ने मुझे पीठ के बल लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ अपना लंड मेरी गांड के छेद पर सेट किया। मैं कुछ बोलती उसके पहले ही उसने एक ही झटके में अपना आधा लंड मेरी गांड में उतार दिया। उसके लंड की मोटाई करीब 3 इंच थी, मेरी गांड का छेद एक दम टाइट हो गया। मेरे मुंह से गाली निकल गई – अरे मादरचोद आराम से कर ना, भाग नही रही हूं कही।आह एक दम जालिम है तू तो। जिस पर उसको गुस्सा आ गया और उसने मेरे स्तन बहुत जोर से मसल दिए। वह बोला – क्यू रंडी? अभी तो बहुत बोल रही थी के रंडी की तरह चोद दू तुझे? तो अब ले रंडी बनने के मजे। इतना कह कर उसने एक और झटका मारा और अपना पूरा लंड मेरी गांड में डाल दिया मुझे बहुत तेज जलन हो रही थी। मैं चिल्लाने लगी – आह मर गई। निकल इसको हाय रे। आह आह उम्म्म। तब आलम मेरे पास आया और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया।अब मेरे दोनो छेद में लंड थे। हसन ने झटके मारना शुरू कर दिया दिया वो भी तेज़ तेज़ धक्के दे रहा था जिसे मेरे स्तन हिल रहे थे। जिसको देख कर रफ़ीक मेरे पास आया और एक स्तन अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। तभी हसन दूसरे स्तन को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। अब मुझे फिर से गर्मी चढ़ने लगी थी और मेरा दर्द भी कम हो गया था। मैं भी तीनों मर्दों के शरीर पर हाथ फेरने लगी। जिसे वो समझ गए के मै तैयार हूँ अब मज़े लेने के लिए। फिर 5 मिनट बाद आलम ने मेरे मुंह से लंड निकला और मेरे बाजू में लेट गया और मेरे स्तन दबा कर चूसने लगा। मैं पूरी तरह से मस्त हो गई थी और कराह रही थी – आह हाँ। चोदो मुझे। चोदो मुझे जालिमो आज अपनी बेगम बना दो मुझे। चोद चोद कर मेरी गर्मी शांत कर दो मुझे अपने बच्चे की माँ बना दो। चोदो मुझे अच्छे से। फिर आलम उठा और रफीक को कुछ इशारा किया। तब हसन ने अपना लंड मेरी गांड से निकाल लिया और मुझे खड़ा कर दिया। फ़िर हसन नीचे लेट गया और मुझे पीठ के बाल अपने ऊपर लिटा लिया और मेरी गांड में लंड डाल दिया। तब दूसरी तरफ से रफीक ने मेरी दोनों टांगें पकड़ ली और आलम ने मेरी गांड में अपना लंड घुसा दिया। एक साथ दो लंड मेरी गांड में घुस गया मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मैंने उनको लंड निकालने को बोला तो हसन मेरे बाल खींच कर मुझे थप्पड़ मारने लगा। तभी रफीक मेरे पास आया और मेरे मुंह में अपना लंड दे दिया और चुसवाने लगा। इधर आलम ने फ़िर से मेरे स्तन मुँह में भर लिए और चूसना लगा। करीब 5 मिनट मेरे साथ ऐसे खेलने के बाद हसन और आलम ने धक्के मारने शुरू कर दिए। मेरा भी दर्द कम हो रहा था। अब मैं भी अपनी कमर हिला हिला कर चुदवाने लगी।तब रफीक ने मेरे मुंह से अपना लंड निकल लिया। मैं- यार तुम तीनो बहुत कमीने हो। एक साथ दो लंड घुसा दिया। हसन – यहीं तो मजा है मेरी जान। रफीक – हा भाई हसन देखो कैसे मजे से चुद रही है ये। असलम साहब तो इसको क्या खुश कर पाते होंगे ये तो भूखी रांड है। आलम – हां भाई लेकिन कुछ भी कहो साली का फिगर बहुत ज्यादा गरम है। ऊपर से इसके मम्मे पर और होंठों के ऊपर जो ये तिल है वो इसको और गरम बना रहा है। मैं – हां तो फिर तुम तीनो आज मुझे अच्छे से चोद दो, अपनी रंडी बन लो फिर मैं तुमसे हमेशा चुदवाती रहूंगी। फिर ऐसे ही करीब 15 मिनट मुझे चोदने के लिए बाद हसन हट गया और उसकी जगह रफीक आ गया। मै फिर से दो दो लंड गांड में लेके चुदने लगी। अब तक मेरे 2 बार माल निकल चुका था। फिर थोड़े देर में दोनों ने अपना लंड निकल लिया और मुझे कुतिया बना दिया। तब आलम मेरे पीछे आया और मुझे चोदने लगा। वही दूसरी तरफ हसन ने कंडोम निकाल कर लंड मेरे मुंह में डाल दिया और मुंह चोदने लगा। और रफीक मेरे मम्मे दबाने लगा। फिर 10 मिनट तक बाद रफीक मेरे पीछे आ गया और आलम ने कंडोम निकाल कर अपना लंड मेरे मुंह में घुसा दिया। मैं किसी पोर्न स्टार की तरह तीनो मर्दो के साथ चुदाई करवा रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। तीनों का स्टैमिना बहुत गजब का था और शायद तीनो ने सेक्स पावर की गोली भी खा रखी थी। ऐसे ही तीनो ने मुझे बारी बारी आधे घंटे तक चोदा। फिर सबने मुझे घुटने के बल बिस्तर पर खड़ा किया मेरे सामने अपना लंड लेकर खड़े हो गए। 2 मिनट में सबने अपना माल बारी बारी से मेरे चेहरे पर मेरे कमर में, मेरे पेट पर और स्तन पर छोड़ दिया। मैं एक दम मस्त रंडी की तरह से सबका माल अपने शरीर पर मलने लगी। तभी मुझे आइडिया आया तो मैंने रफीक को मेरे फोन पर फोटो खिंचने को बोल दिया। मेरी अच्छी फोटो और वीडियो निकालें। फिर हसन और आलम आए और अपना लंड मेरे शरीर पर रगड़ने लगे। मैं भी मजे से उनके लंड सहलाने लगी।