खूबसूरत अकेली भाभी
पिछले महीने की बात है,जब मैं रेखा को पहली बार अपनी बाहों में लिया और करीब दो घंटे तक हमने पूरा एंजॉय किया। मैं एक प्राइवेट कंपनी में मार्केटिंग का काम करता हु। मैं लुधियाना के सबसे अच्छे इलाके के एक पार्क में रोज लंच करने के लिए बैठा करता था और मोबाइल चलाया करता था। वह मै एक से दो घंटे जरूर बीतता हु। जहा पर पार्क है उसके आस पास काफी बड़ी बड़ी अमीर लोगो की कोठिया बनी हुई है। एक दिन मैं लंच करके अपने मोबाइल में ऐसे ही विडियोज देख रहा था। तभी मेरी नजर एक घर में गई जहा बालकनी में एक लेडी बैठी हुई थी। अपना फोन पे किसी से बात कर रही थी। मैं तो उस लेडी को देखते ही बस देखता ही रहा। वो कितनी खूबसूरत है यार। देख कर उसकी उम्र करीब 40 की लग रही थी। फेस कटिंग उसकी परफेक्ट और गोरी। मैं तो चोरी चोरी उसे ही देख रहा था। फिर थोड़ी देर बाद वो खड़ी हुई और इधर उधर घूम कर बात करने लगी फोन पर। उसकी हाइट करीब 5″6 होगी। और उसका बॉडी शेप भी एकदम जैसे जवान लड़की की हो।उसका बदन एकदम भरा हुआ था। नीचे से चूतड बड़े कमर 30 की होगी और फिर ऊपर के बूब्स का साइज भी 34 के करीब होगा। मैं तो बस उसे ही देख रहा था। उसे देखने का कार्यकाल करीब 1 घंटे तक चला फिर वो अंदर चली गई और मैं भी वहा से चला गया। अब मैं रोज वहा आकर बस उस घर की तरफ देखता रहता था चोरी चोरी। करीब 5 से 6 दिन बाद भी जब वो मुझे नही दिखी तो फिर मैने उम्मीद छोड़ दी के वो फिर कभी दिखेगी। फिर एक दिन मैं अपना टाइम पूरा करके बस निकलने ही वाला था के वो खुद पार्क में आकर मेरे सामने वाले चेयर सेट पर बैठ गई। और बोली, “आज बड़ी जल्दी जा रहे हो कही जाना है क्या?” मैं तो अंदर से खुश भी हुआ और घबरा भी गया के ये तो आज गजब हो गया। मैंने सकपकते हुए बोला, “नही कही नही जाना बस। ऐसे ही।“ फिर वो बोली, “बैठो तुमसे कुछ बात करनी है। “मैं सच बताऊं तो दर गया के क्या बात करेगी? और फिर मैं बैठ गया और बोला, “जी कहिए?” वो बोली, “तुम यहाँ रोज लंच करने आते हो?” मैं बोला, “जी हा।“ “क्या काम करते हो?” मैंने अपने बारे में बताया उसने बहुत कुछ पूछा और मैने सबका जवाब दिया। फिर वो बोली, “एक बात बताओ। तुम जब तक यह बैठते हो तो मेरे घर की बालकनी में क्या देखते हो। कुछ चुराने का इरादा है क्या।?” मैंने कहा, “अरे नही ऐसा नही है बस ऐसे ही नजर चली जाती है।“ मैं तो बस उसे देख कर नजरो से नज़रे मिला कर बाते कर रहा था। और उसकी पूरी बॉडी को ध्यान से देख कर फील कर रहा था। वो मेरे सामने थी बस एक मीटर की दूरी पर और वो एकदम कमल की लग रही थी। उसने एक राउंड नोज़पिन पहन रखी थी जो उसके चेहरे को और भी सेक्सी बना रहा था। मेरा तो मन कर रहा था के इसे यही पर चूम लूं। पर अंदर ही अंदर से ये सब चल रहा था और खुद को कंट्रोल कर रहा था। और उससे बात भी। उसके चेहरे को देख कर उसे चोदने का मन कर रहा था। और यही सब सोच कर लन्ड एकदम टाइट हो गया था। मैं उसे किसी तरह उससे छुपाने की कोशिश कर रहा था। और शायद वो समझ रही थी मैं क्या कोशिश कर रहा था। मैंने उससे कहा, “मैं एक अच्छी फैमिली से आता हूं। ऐसा कुछ नही है जैसा आप सोच रही हो।“ उसने कहा, “चलो ठीक है।“ और फिर थोड़ी बात करने के बाद वो चली गई। अगले दिन फिर मैं वही बैठा और लंच किया और फोन चलते हुए उधर झांकने लगा। फिर करीब 10 मिनट बाद वो वहा ऐसे ही आयी। और ऐसा फील करवा रही थी के जैसे उसने मुझे देखा नही। फिर अचानक हम दोनो ही एक दूसरे को देखे और उसने एक बेहद खूबसूरत सी स्माइल दी। जो उसे और सेक्सी बना रही थी। फिर वो नीचे गई और 5 मिनट में पार्क में आ गई और बोली, “तो जनाब, बताओ आज क्या ढूंढ रहे थे। देखो सच बताना इधर उधर की बाते नही।“ तो मैं भी थोड़ा सा मुस्कुराया और बोला, “आप अगर बुरा न माने तो सच बताऊं? मैं आपको ही वहा ढूंढ रहा था।“ “अच्छा पर क्यों?” “मैंने कहा जब मैने आपको १० दिन पहले देखा था पहली बार उसी दिन आप मुझे बहुत अच्छी लगी। इस लिए बार बार मेरी नजर आपको देखती थी उधर।“ वो मेरी इस बात को बहुत ध्यान से सुन रही थी। और बोली, “अच्छा अपना नंबर दो मेरे हसबैंड ने मांगा है। वो आपको कॉल करेंगे और आपकी सर्विसेज के बारे में पूछेंगे।“ मैने उसे अपना नंबर दिया। वो bye बोलकर चली गई। दो घंटे के बाद मुझे व्हाट्सएप पे एक msg आया और उसने बताया की वो रेखा है। फिर हमारी बाते हुई काफी। उसने सब कुछ पूछना शुरू कर दिया। फिर वो पर्सनल भी हो गई. वो मुझसे बोली, “कोई gf है?” तो मैंने बोला, “मैं शादी शुदा हूं।“ वो ओके बोली फिर बताई के, “कल 11 बजे घर आ जाना काम है।“ मैने कहा ठीक है जी। अगले दिन मैं करीब 11.15 पर उसके घर पहुंचा और कॉल किया। थोड़ी देर बाद वो खुद गेट खोली और एक मुस्कान के साथ बोली, “अंदर आ जाओ।“ मैं अंदर गया। उसका घर काफी बड़ा था। घर में कोई दिखाई नही दे रहा था। तो मैंने पूछा, “घर पे कौन कौन है?” वो बोली, “मैं हु ना और किसी से भी मिलने आए हो क्या?” मैंने कहा नही। फिर वो मुझे रूम दिखाते हुए बोली, “बैठो मैं टी लेकर आती हु।“ मैं रूम में जाकर सोफे पर बैठ गया। रूम में बड़ा सा सोफा और दो छोटे सोफे लगे हुआ थे। और एक सिंगल बेड साइड में लगा हुआ था। मैं सोफे पर बैठ कर अपना फोन चलाने लगा। करीब १० मिनट में दो कप चाय और स्नैक्स लेकर आई और टेबल पर रखी। और सामने वाले सोफे पर आकर बैठ गई । वो बोली, “चाय पियो। और बताओ क्या हाल है?” मैंने कहा, “ठीक है जी। घर में कौन कौन है आपके?” वो बोली, “मैं, मेरे हसबैंड और एक 6 साल की बेटी है जो स्कूल गई है। और हसबैंड फैक्ट्री गए हुए है। वो शाम को आयेंगे और बेटी 3 बजे स्कूल से छुट्टी होगी और आते आते 3.30 बज जायेंगे।“ मैंने कहा, “ओह तो आप इस समय ३ बजे तक अकेले ही रहती है।“ वो बोली, “हा सुबह १० बजे तक नौकरानी है काम करके चली जाती है। फिर मैं फ्री रहती हु।? फिर हमारी नॉर्मल बाते चल रही थी। हमने चाय खत्म किया फिर वो मेरे थोड़ा पर्सनल बाते जैसे फैमिली के बारे में पूछी, मैने बताया। थोड़ी देर सब बाते हुए फिर हम दोनो शांत हो गए। और थोड़ी देर रुक कर वो बोली, “तुमसे एक बात करनी थी।“ मैंने कहा, “जी जरूर कहो।“ वो बोली अगर उसे तुम किसी से भी मत बताओ और शेयर करो तो ही वो बात करूंगी। मैंने कहा, “बिलकुल सीक्रेट रहेगी जी उसकी फिकर ना करो।“ वो बोली, “तुम्हे मै कैसी लगती हु?” मैंने बोला, “सुंदर हो अच्छी लगती हो। तभी तो डेली देखता था तुम्हारे घर की तरफ।“ वो बोली, “फिर फ्रेंड बनोगे?” मैंने समाइल करते हुए कहा, “हां, क्यों नही। आपके साथ अच्छा लगेगा। हम हर बात शेयर करेंगे और आपस में सीक्रेट रखेंगे।“ वो बोली ठीक है फिर अपना हाथ आगे की हाथ मिलाने के लिए। उसने दीप नेक वाला सूट पहना हुआ था। और जब वो झुकी तो उसके बूब्स के क्लीवेज साफ दिखाई दिए और मेरा ध्यान सीधे वही पर गया। वो बोली, “तो फिर कल से लंच लेकर मत आया करना। घर आ जाना हम दोनो साथ में लंच किया करेंगे।“ मैने कहा ठीक है। थोड़ी देर बाद वो मेरे बगल में एक बैठी बोली, “दिखाओ अपने फैमिली की फोटोज।“ मैं अपने मोबाइल में उसे फोटोज दिखाने लगा। घर में एकदम सन्नाटा था। सिर्फ हम दोनो थे। जब वो पास में एक बैठी मेरे से कंट्रोल नही हो रहा था।