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चरम सुख ही परम सुख-1 (Charam Sukh Hi Param Sukh-1)

Story Hindi 3 pages 15 years ago

चरम सुख ही परम सुख-1 (Charam Sukh Hi Param Sukh-1)
Bhabhi Ki Chudai
नमस्कार दोस्तों, मैं आपका दोस्त राजवीर, आपके सामने मेरे जीवन की एक सत्य सेक्स घटना को बताने जा रहा हूं। आप मुझे मेल करते रहे, तो मैं आगे जीवन की सत्य घटनाएं आपको बताता रहूंगा। आज जो आपको यह घटना बता रहा हूं, यह अभी जस्ट 15 दिन पहले मेरे साथ घटित हुई, जिसमें मैं ट्रेनिंग के सिलसिले में उदयपुर एक रिसॉर्ट में रुका हुआ था। वहां पर मुझे एक भाभी मिली, जिसकी मैंने मसाज करके चुदाई की, और साथ में भाभी ने मुझे प्यार दिया। यह मेरी अचानक से की हुई पहली चुदाई है जीवन की। नमस्कार दोस्तों, जैसा मैंने पहले अपना परिचय पहली कहानी में दिया था, एक बार फिर से बताना चाहूंगा। जिन्होंने पहली कहानी नहीं पढ़ी हो, वो जान लें, कि मेरा नाम राजवीर है। मैं राजस्थान जयपुर का रहने वाला हूं, और मेरी उम्र 32 साल है। मैं सामान्य कद काठी का इंसान हूं। 5 फीट 8 इंच की हाइट है, और मैं एक सरकारी संस्था में अच्छी पोस्ट पर कार्य कर रहा हूं। मैं पिछली कहानी में एक बात आपको बताना भूल गया था, कि मैंने सरकारी नौकरी लगने से पहले फिजियोथैरेपी का भी एक कोर्स किया था। क्योंकि मैं फिजियोथेरेपी की लाइन में जाना चाहता था। लेकिन इस बीच ही मुझे सरकारी नौकरी मिल गई, तो मैंने उस कार्य को छोड़ दिया,‌ और उसकी तरफ कभी ध्यान नहीं दिया। मैं आपको यह इसलिए बता रहा हूं,‌ क्योंकि यह जो आगे आने वाली घटना है, वह इसी से संबंधित है। तो मेरा नौकरी के सिलसिले में अभी ट्रेनिंग पर 5 दिन के लिए उदयपुर जाना हुआ। इस दौरान अच्छी क्वालिटी के रिसॉर्ट में रुका। मैं रिसोर्ट में 2:00 बजे पहुंचा, और पहुंचते ही सबसे पहले वहां पर मैंने सुविधाओं का जायजा लेना शुरू किया। तो वहां पर मैंने एक कॉर्नर में सपा और सपा के सामने ही अच्छा स्विमिंग पूल जो बहुत साफ सुथरा था, देखा। क्योंकि हमें कॉटेज मिला हुआ था, और कॉटेज से दूर घूमते हुए देखा, तो अच्छा माहौल, पेड़-पौधे, और बहुत शानदार जगह लगी। जब मैं सपा की तरफ गया, तो मुझे ऐसा फील हुआ कि अच्छा रिसॉर्ट है, तो अच्छा स्पा होगा। क्योंकि चुदाई मेरा शौक है, तो मैं चूत के लिए भी में नज़र घुमा रहा था, कि कोई मिल जाए तो मजा आ जाए। तभी मुझे एक चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। वह लेडी जोर-जोर से चिल्ला रही थी सपा वाले स्टाफ पर। जब मैं थोड़ा नजदीक जाकर देखा, तो देखा कि 5 फीट 4 ईंच की हाइट वाली यह महिला गाउन पहने हुए थी, और वो वन पीस पहने हुए बहुत सुंदर लग रही थी। उसमें उसकी आदी टांगे खुली हुई थी, और नितंब निकले हुए और बूब्स उभरे हुए थे। कुल मिला कर काम की देवी लग रही थी। इस महिला को वह लोग ना कह रहे थे। फिर मैंने करीब जाकर पूछा क्या हुआ, तो एक आदमी बोला- आदमी: सर हमारे यहां महिला को महिला मसाज करती है, पुरुष को पुरुष।

यहां हम अपोजिट सेक्स की मसाज नहीं करते है। तो मुझे भी गुस्सा आया, और मैं भी चिल्लाने लगा। इस तरह काफी देर उनसे बहस करने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला, तो हम दोनों स्विमिंग पूल की तरफ आ गए। वह लेडी भी मेरे साथ आ गई। धीरे-धीरे चलते-चलते इस तरह हमारा परिचय हुआ। हमने एक-दूसरे से बात-चीत की। बातों से पता लगा कि उनके हस्बैंड कोई मल्टीनेशनल में थे, और यहां पर आए हुए थे।‌ वह भी उनके साथ तीन दिन घूमने आई थी, लेकिन बोर हो रही थी। वो बोली: आई हुई तो पति के साथ हूं। पर वो अभी कहीं गए हुए हैं, किसी फ्रेंड के यहां, तो बोर हो रही हूं। तो उसने इस स्पा का प्रयोग करना सही समझा। लेकिन स्पा से वह काफी निराश हुई। फिर उसने बताया कि उसकी बॉडी दर्द कर रही थी। वह बहुत ज्यादा मसाज के लिए तड़प रही थी। तभी मेरे दिमाग में आईडिया आया, कि अरे मसाज तो मैं भी कर सकता था। तो मैंने उनको बताया: वैसे मैडम मैंने भी फिजियोथैरेपी कोर्स कर रखा है। लेकिन कभी किसी की मसाज की नहीं आज तक। तो मैं आपसे प्रोफेशनल मसाज तो नहीं बोल सकता, लेकिन मैं ट्राई कर सकता हूं। वो हंसने लगी और कहा: चलो ट्राई कर लेते हैं। तो मैंने कहा: नहीं मैंने जिस कोर्स को किया है, उसको एक उद्देश्य से किया था कि उसे फीस मिले, तो मैं ट्राई तो कर सकता हूं। लेकिन मेरी फीस लगेगी। वो हंस के बोली: आपकी जो भी फीस होगी, दे दूंगी। मैं: लेकिन मैं एक प्रोफेशनल इंसान हूं। इसकी फीस ₹4000 लगेगी। मसाज जितनी देर चाहे, जिस तरह से चाहो वैसे दूंगा। तो वह बोलीं: ओके। और उसने रूम नंबर बताया: आप 10 मिनट बाद आ जाइए, मैं अपने रूम में चल कर रेडी होती हूं। मैं भी चेंज के लिऐ मेरे रूम में गया। फिर चेंज किया, निक्कर और टीशर्ट डाली। निक्कर के नीचे मैंने अंडरवियर नहीं पहनी थी, और करीबन 15 मिनट बाद मैं घूमते हुए उनके रूम पर पहुंच गया। क्योंकि उन्होंने कॉटेज ले रखा था, जो साइड में था, तो वहां पर आराम से खुला माहौल और शानदार ऐसी चल रहा था। अंदर मैंने रिंग बजाई तो मैडम ने दरवाजा खोला। मैडम का नाम पूजा (मैं बताना भूल गया था आपको) था। पूजा ने दरवाजा खोला तो मैंने बोला: हो गए रेडी? उन्होंने एक ब्लैक गाउन पहना हुआ था और वह गाउन पूरी तरह पारदर्शी था, जिसमें उनकी ब्रा और पैंटी साफ़ दिखाई दे रही थी। संगमरमर सा उनका बदन देख कर मैं देखता ही रहा। उन्होंने कहा: अंदर भी आओगे कि‌ यहीं आंखों से ही निपटा दोगे (आंख मारते हुए बोली पूजा)। और वह स्माइल करने लगी। मुझे लग गया कि मैडम सिर्फ मसाज नहीं करवाएगी, और भी बहुत कुछ करवाना चाहती थी। उनको देख कर लग गया लेकिन कुछ नहीं बोला।‌ मैं अंदर आया और मैंने कहा- मैं: मैडम आप अपना गाउन उतार के और उल्टी हो कर लेट जाइए।‌ साइड में एक सोफा लगा था। मैं सोफे के ऊपर था।

मैंने कहा: मैडम आप सोफे पर उल्टा लेट जाइए (मैंने टावल पहले से उस पर डाल दिया था)। तो मैडम बोली: मुझे मैडम मत बोलो राज। आप मुझे पूजा कह कर पुकारो। आप एक अच्छे पोस्ट पर कार्य करते हो, और मसाज आपका काम नहीं है, सिर्फ मस्ती के लिए करते हो। अब हम दोस्त है राज। मुझे सिर्फ शरीर का सुख नहीं चाइए, बल्कि मैं एक अच्छा दोस्त चाहती हूं, जो मुझे समझे, समझदार हो, अच्छा इंसान‌ हो, और अच्छा दिखता भी हो। और तुममें वो सब है राज। मैं मुस्कुराया और बोला: आपको कभी राज निराश नहीं करेगा पूजा। मैंने कहा: पूजा आप उल्टी लेट जाइए, और अपना गाउन उतार दीजिए। उन्होंने जैसे ही गाउन उतारा, वह नीचे सिर्फ चड्डी और ब्रा में थी, जो बहुत ही छोटी थी। पिछवाड़े पर गोरे-गोरे नितम्ब देख कर ही मेरा लौड़ा सलामी देने लग गया। मुझे पता था कि सिर्फ मसाज नहीं होगी, चुदाई भी होगी। क्योंकि मुझे खुद पर पूरा विश्वास था कि मैं मसाज करते-करते गर्म कर ही दूंगा पूजा को। तो मैं पहले से ही वहां से वायग्रा 100 गोली को खाके गया था। फिर पूजा लेट गई। इसके आगे क्या हुआ, वो आपको कहानी के अगले पार्ट में पता चलेगा। फीडबैक [email protected] पर मेल करे। अगला भाग पढ़े:- चरम सुख ही परम सुख-2

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