चाची के साथ पहली चुदाई-1 (Chachi ke sath pehli chudai-1)
Pehli Chudai
नमस्कार दोस्तों, मैं विशाल आपको अपनी पहली चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूं। उम्मीद करता हूं आप सब को कहानी पढ़ कर मज़ा आएगा। तो चलिए शुरू करते है। मैं 21 साल का हूं और कॉलेज का स्टूडेंट हूं। मेरे परिवार में मैं, मम्मी-पापा, दादा-दादी, और चाची है। कुछ दिनों तक चाचा भी हमारे साथ थे, लेकिन अब नहीं हैं। और उनकी गैरहाजरी में ही मुझे अपनी चाची के साथ अपनी पहली चुदाई का मौका मिला। वहीं कहानी मैं आप सब को बताने जा रहा हूं। मेरे चाचा की उम्र 32 साल है। मेरे पापा से वो काफी छोटे है। जब वो 27 साल के थे, तब उनका एक लड़की से प्रेम था। उन्होंने दादा जी को बोला भी कि उनकी शादी उस लड़की से करवा दे, लेकिन दूसरी जाति की होने के कारण दादा जी ने चाचा को मना कर दिया। ये बात एक बार के लिए वहीं खत्म हो गई। फिर उसके 3 साल बाद चाचा की शादी चाची से हुई। जब मैंने पहली बार चाची को देखा, तो देखता ही रह गया। ऐसा लग रहा था जैसे दुल्हन के जोड़े में कोई परी हो। गोरा रंग, 25 साल की खूबसूरत लड़की, और फिगर 34-28-34 का। कोई भी देखे तो पहली नजर में दीवाना हो जाए। मैं चाची से मन ही मन प्रेम करने लगा। लेकिन सच तो यहीं था ना कि वो मेरी चाची थी, और कभी भी मेरी प्रेमिका नहीं बन सकती थी। चाचा की शादी तो हो गई, लेकिन उनके मन में से उनका पुराना प्यार अभी भी नहीं गया था। शादी के कुछ महीनों बाद ही चाचा और चाची के बीच झगड़े होने लगे। गलती हमेशा चाचा की ही होती था, और इस बात पर उन्हें दादा जी से डांट भी पड़ती थी। फिर एक दिन पता चला कि चाचा आज भी उस लड़की से प्यार करते थे, और छुप कर मिलने जाते थे। दादा जी ने जब सारे परिवार के सामने चाचा जी को उस लड़की, या परिवार में से किसी एक को चुनने को कहा, तो चाचा जी ने उस लड़की को चुना। फिर वो घर से निकल गए। चाची का परिवार उनको घर ले जाने के लिए आया, लेकिन चाची ने जाने से मना कर दिया। क्योंकि वो हमारे परिवार को अपना परिवार मानती थी। दादा जी ने भी चाची को अपनी बेटी बना कर रखने का फैसला किया। चूत की आग बड़ी कुत्ती चीज़ है। इंसान से क्या-क्या करवा देती है। मैं कुछ दिन से नोटिस कर रहा था कि चाची मुझसे ज्यादा बातें करने लगी थी, और छूती रहती थी। मैं तो पहले से चाची का दीवाना था, तो मुझे मजा आ रहा था। लेकिन मैंने चाची को ऐसा कोई हिंट नहीं दिया कि मैं भी उनको उस तरह से लाइक करता था। अब मैंने भी चाची को मौका मिलते ही छूना शुरू कर दिया था। वो इस पर मुझे कुछ नहीं कहती थी। जब मैं उनके सामने होता, तो वो जान बूझ कर झुक कर मुझे अपनी क्लीवेज दिखाती थी। उसको देख कर मुझे रात को मुठ मारनी पड़ती थी। फिर एक दिन उन्होंने अपनी वासना का खुला ऐलान कर दिया। हुआ कुछ ऐसा, कि सुबह का वक्त था, और मैं कॉलेज के लिए लेट हो रहा था।