चाची को छत पे चोदा अकेले में-1 (Chachi ko chhat pe choda akele mein-1)
Pehli Chudai
ये रियल कहानी है मेरी चाची के साथ मेरे पहले अनुभव की। मैं कुछ दिनों से चाची के ही चक्कर में रहता था। कब वो घर में से निकले और मैं उन्हें देखूं। और जब हो बाहर पेशाब करने जाती, तो मैं चोरी से देखता था। कई बार तो मैंने उनको पेशाब करते देखा था। मैं उनकी गोरी-गोरी गांड देखता, और गांड देख मुठ मारता। ऐसे ही चल रही थी मेरी ज़िंदगी। कई बार बार तो मैंने अपने मोबाइल से उनकी गांड की फोटो खींची थी, जब वो पेशाब करने जाती। फिर उनकी गांड देख के रात में मुठ मारता और मन ही मन ये सोचता काश ये गांड मारने को मिल जाए तो क्या मजा आयेगा। उनकी गांड एक-दम शीशे के जैसी चमक जाती जब मैं उनको पेशाब करते देखता चोरी से। फिर एक दिन तो ऐसा लगा चाची ने मुझे देख लिया। लेकिन उन्होंने नहीं देखा था मुझे। वो जब नहा के आती थी तो उनकी पेंटी वही मोरी में टांग देती थी। और कभी-कभी तो पेंटी बिना धोये ऐसे ही बाल्टी में साड़ी के साथ रख देती थी। मैं मौका देख के चोरी से जाके उनकी पेंटी अपने लंड पे रख के मुठ मारता था। जब वो पेंटी उतार के रख के जाती थी, तो मैं देखता उनकी पेंटी में सफेद सफेद चूत का रस लगा रहता था। मैं तो उसे चाट लेता था। फिर पेंटी को लंड में फसा के मुठ मारता था। फिर मैं उनकी पेंटी वही बाल्टी में रख के चला जाता था। उन्हें ये सब पता भी नहीं चलता था। कभी-कभी उनके नहाने के पहले ही उनकी पेंटी में मुठ मार देता था। फिर उनकी पेंटी जहां रहती वहीं रख देता। उनकी काले कलर की पेंटी में बहुत हिलाया हूं अपना लंड। मैं अपनी चाची का बदन बता देता हूं। उनका शरीर बहुत गोरा है। उनकी चूची बड़ी-बड़ी है। कोई भी उनकी चूची देख के गर्म हो जाए। उनकी चूची का साइज 36″ होगा मेरे ख्याल से, और उनकी मोटी-मोटी गांड क्या कयामत लगती है। मेरी चाची के 2 बच्चे है। कोई उनको देख के नहीं बता सकता वो 2 बच्चे की मां है। उनका फेस बिल्कुल गोरा है। मेरा उन्हे देख के मन करता है उनके होंठो और गालों को खा जाऊं। क्या माल लगती है मेरी चाची। जब सारी पहनती है तो उनकी नाभी दिखती है। उनकी नाभी देख के मैं कितनी बार हिला देता था। नाभी एक-दम गहरी खाई की तरह लगती है। उनकी नाभी में ही चाहे कोई शराब डाल के पी ले, इतनी गहरी है नाभी। गोरा-गोरा बदन देख के तो किसी भी का लंड खड़ा हो जाए। उनकी गांड की तो बात मत करो। ऐसी गादरायी गांड को देख तो लंड हिल जाए किसी का भी। ये तो हो गई उनकी बात। अब शुरू करते है कैसे मैंने उनको पेला।वैसे तो मैं अपनी चाची को बहुत दिन से चोदना चाहता था। उनको याद करके कई बार मैंने हिलाया था। उनको नहाते वक्त, सारी बदलते वक्त, देख-देख के मेरा लंड खड़ा ही हो जाता था। फिर एक दिन- जब रोज शाम होती तो वो छत पे चली जाती थी। वहीं छत पे लेट जाती थी चटाई बिछा के।