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चुदाई के रंग में रंगी मेरी चुदक्कड़ मां-5 (Chudai ke rang mein rangi meri chudakkad maa-5)

Story Hindi 3 pages 16 years ago

चुदाई के रंग में रंगी मेरी चुदक्कड़ मां-5 (Chudai ke rang mein rangi meri chudakkad maa-5)
Desi Chudai
पिछला भाग पढ़े:- चुदाई के रंग में रंगी मेरी चुदक्कड़ मां-4 हिंदी सेक्स कहानी का अगला पार्ट शुरू करते है- गौरव और मैंने, एक-दूसरे की मम्मी की ब्रा और पैंटी से मजा किया। हमें बहुत आनंद मिला। सरोज ने आवाज लगाई: गौरव आ जाओ, मैंने पास्ता बनाया है। हम दोनों कमरे से बाहर जाते है और पास्ता खाने लग जाते है और सरोज मेरे साइड में आकर बैठ जाती है। जब वह बैठती है तो बैठते वक्त उसकी गांड का दृश्य हम दोनों को मोह लेता है और उसकी नंगी कमर ने तो हमें पागल ही कर दिया था। सरोज की आधी नंगी छाती से मेरी नज़र ही नहीं हट रही थी। उसकी छाती की तरफ देखता हुआ मैं पास्ता खा रहा था। तभी वो बोली- सरोज: समर बेटा तुम्हारी मम्मी क्या कर रही है? मैं: पता नहीं आंटी मैं तो सीधा यहां चला आया गौरव के फोन करने पर। घर पर ही है मेरी मम्मी। सरोज: अच्छा बेटा अपनी मम्मी का नंबर दो। मैंने कोमल का नंबर दिया और सरोज ने फोन लगा कर कोमल से कहा- सरोज: हाय कोमल, सरोज बोल रही हूं। अगर आप फ्री हो तो मार्केट जाकर आते है। कोमल: हां-हां जरूर, वैसे भी आज जाने ही वाली थी। सरोज: चलो ठीक है फिर तो, आप तैयार हो जाओ। कोमल तैयार होकर आती है। सरोज दरवाजा खोलती है। दरवाजे की ओर जाते हुए कोमल के हिलते हुए चूतड़ और उसकी चिकनी कमर फिर से मुझे पागल कर देती है। कोमल अंदर आती है। कोमल ने मस्त भूरे रंग का सूट डाला हुआ था। देखते ही सरोज बोली- सरोज: वाओ कोमल जी, इस सूट में तो आप बेहद खूबसूरत लग रही हो। कोमल: थैंक्यू सरोज जी। कोमल और सरोज हमारे पास आकर बैठती है और सरोज कोमल के लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर आती है। कोमल: समर मैं तो सोच रही थी तू सोया पड़ा है, पर तू तो यहां मस्ती कर रहा है। मैं: बस मम्मी गौरव का फोन आ गया था। कोमल: अच्छा ठीक है। सरोज: कोमल जी मानना पड़ेगा क्या सूट पहना है आपने कहां से सिलवाते हो आप? कोमल: मैं खुद सिल लेती हूं। सरोज: वाह। वाकयी आप कयामत लग रही है इस सूट में। गौरव: हां आंटी बहुत हॉट लग रही हो आप। सरोज: हां कोमल जी हॉट लग रही हो, आपके हसबैंड तो काफी किस्मत वाले है जो उन्हें ऐसी सुंदर बीवी मिली। कोमल: थैंक यू, कुछ ज्यादा ही तारीफ कर रहे हो आप। वैसे साड़ी में सरोज ही आप तो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रहे। सरोज: ओह थैंक्यू। कोमल: अच्छा समर हम मार्केट जा रहे है, तो घर पर कोई नहीं है ध्यान रखना। मैं: ओके मम्मी। सरोज: गौरव ध्यान रखना। गौरव: ओके। फिर सरोज और कोमल मार्केट चले जाते है। तब तक मैं और गौरव सरोज और कोमल को चोदने का प्लान बनाते है। उसकी मौसी सुमन ही हमारी मदद कर सकती थी। गौरव ने मेरे कहने पर सुमन को फोन लगाया। गौरव: हाय सुमन कैसी हो मेरी जान? सुमन: मैं ठीक हूं तू बता। गौरव: मैं भी ठीक हूं।

बस मेरा लंड खड़ा था तो सोचा मेरी रांड मौसी को फोन कर लूं। सुमन: अच्छा बेटा। मौसी को सिर्फ चोदने के लिए याद करता है तू। गौरव: मेरी जान इस से बड़ा कोई सुख है ही नहीं। सुमन: ये बात तो बिल्कुल सही कही। गौरव: कब आ रही हो? सुमन: अभी में कैसे आ सकती हूं बहुत बिजी चल रही हूं। जॉब से छुटी ही नहीं देते मादरचोद। गौरव: मौसी तुम उस नौकरी को छोड़ क्यों नहीं देती? सुमन: मन तो बहुत है पर और कोई जॉब भी तो नहीं है। गौरव: तुम यहां आ जाओ यहां पर जॉब ही जॉब है। सुमन: सोच तो रही हूं कि दीदी के पास आ जाऊं। जीजू कोई ना कोई जॉब दिला ही देंगे। गौरव: बस तुम जल्दी आ जाओ। सुमन: तुझे इतनी जल्दी क्यों है? गौरव: मौसी इस बार तुम्हे बहुत बड़ा काम करना है। सुमन: क्या? गौरव: मौसी देखो तुम्हे तो पता ही है कि मैं कितना ठरकी हूं। सुमन: हां पता है। गौरव: एक नया दोस्त बना हैं मेरा, बिल्कुल मेरे जैसा ठरकी। उसकी मां माल है, सोच रहा हूं तुम उसे तुम्हारी तरह चुदक्कड़ रांड बना दो तो मैं भी उसे चोद पाऊंगा। बहुत मन है मेरा उसकी गांड मारने का। सुमन: अच्छा बेटा, अपनी मां चोद ले ना। गौरव: मौसी मैं तो मेरी मां को भी चोद दूं अगर वो तैयार हो जाए। सुमन: वो तो पता है मुझे कि तू कितना बड़ा हवसी है। गौरव: तू कौन सा कम है मेरी रांड मौसी। सुमन: क्या करूं सेक्स से अच्छी चीज इस दुनिया में है ही नहीं और ऊपर से नए-नए लोगों के साथ सेक्स करने में अलग ही मजा है। संसार के सारे रिश्ते झूठे है, बस लंड और चूत का रिश्ता सच्चा है। गौरव: तभी कह रहा हूं कि यहां आ जाओ मेरी जान मिल कर मजा करेंगे और हो सके तो अपनी बहन को भी एक रांड बना दो क्योंकि मेरे दोस्त को सरोज पसंद आ गई है। हम दोनों ने एक-दूसरे की मां के साथ मजे करने का प्लान बनाया है, जो तुम पूरा करोगी। सुमन: अच्छा मां की अदला-बदली। वैसे सोचने में ही मजा आ रहा है तो करने में कितना मजा आएगा। सरोज को तो मैं आसानी से एक रंडी बना दूंगी, पर तुम्हारे दोस्त की मां का कोई पता नहीं। वैसे मेरा भी मन है जीजू और दीदी के साथ थ्रीसम करने का। गौरव: अच्छा, फिर तो और अच्छा है। तुम बस यहां आ जाओ। सुमन: दो दिन रुक, फिर आती हूं। वैसे तुझे तो पता ही है कि मुझे भी एक सेक्स फैमिली चाहिए जहां खुल कर सेक्स हो। गौरव: तभी कह रहा हूं। मेरी मां और मेरे दोस्त की मां को एक रंडी बना दो मेरी जान फिर देखना सब साथ मिल कर मजा करेंगे। सुमन: चल ठीक है फिर मैं परसो आती हूं और तैयार रहना एक-दम क्योंकि काफी दिन हो चुके है लंड लिए। गौरव: मेरी रांड ये भी कोई कहने की बात है मेरे नए दोस्त के साथ मिल कर तुझे खूब मजा देंगे। सुमन: चल ठीक है मेरे ठरकी भांजे। फिर फोन कट जाता है। सुमन बिल्कुल खुले रूप से सेक्स की दीवानी थी और उसे भी हमारी तरह सेक्स के अलावा कुछ पसंद नहीं था, वो अलग-अलग मर्दों से चुदने का शोक रखती थी।

उसे सेक्स की दुनिया में नई-नई चीजें करना पसंद था और इसलिए वो हमारे मकसद के लिए बिल्कुल ठीक थी। एक चुदक्कड़ औरत ही एक चुदक्कड़ औरत को जन्म दे सकती है और सुमन चाहती थी औरत खुल कर चुदाई का आनंद ले और किसी एक से बंध कर नहीं बल्कि अलग-अलग लोगों से चुदा कर मजे लूटे और जीवन का आनंद ले। गौरव: भाई अब हमारी मम्मियों को रांड बनने से कोई नहीं रोक सकता। सुमन ने काफी औरतों को रांड बनाया है। बस परसो तक का इंतजार है। मैं: अच्छा, भाई वैसे भी लंड में बहुत तेज आग लगी हुई है। मेरी मां ने वैसे भी जीवन में खुल कर चुदने का आनंद नहीं लिया। गौरव: भाई चिंता मत कर जल्द ही उन्हें एक रंडी बना दिया जाएगा। वैसे सोच अगर मेरा बाप भी इस सब में आ जाए तो हम जैसा चाहे वैसा कर सकते है। सोच तेरी मां मेरे बाप का लंड चूस रही है और मैं उसकी चूत चाट रहा हूं और तू मेरी मां के बदन के मजे लूट रहा है। मैं: उफ्फ भाई बहुत मजा आएगा और फिर हम अपनी-अपनी मां का स्वाद भी चखेंगे। गौरव: ये भी कोई कहने की बात है। जिंदगी में मम्मियों से बढ़ कर लंड को कोई और मजा नहीं दे सकता। मैं: ये तो सच है। वैसे तेरी मौसी इस सब में कैसे आई? और तूने उसे कैसे चोदा। गौरव: भाई मेरी मौसी शुरू से ऐसी है उसे खुल कर जीना पसंद हैं और उसे सेक्स के अलावा कुछ पसंद नहीं बल्कि उसे तो सेक्स की दुनिया में नई-नई चीजें करना पसंद है। एक दिन में पोर्न देख रहा था और उसने देख लिया। मैं डर गया लेकिन उसने आते ही मेरे लंड को सहलाया और कहा कि डरो मत ये सब नॉर्मल है। फिर उसने मुझे किस्स किया और मेरे लंड को चूस कर अपनी चूत में ले लिया। मैं: वाह भाई। फिर हम टीवी देखने लग जाते है और मूवी देखते-देखते शाम हो जाती है। फिर सरोज और कोमल मार्केट से आ जाते है। फिलहाल यही तक, आगे क्या होगा वो पढ़ने के लिया बने रहिए मेरे साथ इस चुदाई भरे सफर पर। मेरी मेल: [email protected]

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