All content free · updated every 5 minutes

नई नवेली पंजाबन भाभी कि चूदाई

Story Hindi 3 pages 15 years ago

नई नवेली पंजाबन भाभी कि चूदाई
Bhabhi Ki Chudai
This story is part of the Nayi naveli Punjaban bhabhi ki chudai series हैलो दस्तो कैसे हैं आप सब? मेरा नाम विनीत है, में चंडीगढ़ का रहने वाला हूं. मेरी लंबाई 5.8 इन्च है, मै नॉर्मल बॉडी शेप का व्यक्ति हूं मैं, अभी 30 साल का हूं. बिना आपका समय बर्बाद किए आज आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने एक नई नवेली पंजाबन कि चूदाई कि। यह बात तब कि है जब मैं 12 वीं क्लास में था। क्युकी मैं मैथ में बहुत कमज़ोर था तो मैंने हमारी कॉलोनी के अंकल के पास ट्यूशन रख ली। उनका नाम हरनाम सिंह था, वो पंजाब से थे और बहुत अच्छा मैथ पढ़ात थे। उनकी फैमिली में उनका बेटा कुलदीप था और उनकी पत्नी सरबजीत कौर थी, उनका एक ही बेटा था। कुलदीप भैया दिल्ली में जॉब करते थे और जल्दी है उनकी शादी होने वाली थी। सरबजीत आंटी बीमार रहते थे थोड़े इसलिए वो जल्दी से जल्दी कुलदीप भैया कि शादी करवाना चाहते थे। जब कुलदीप भैया घर नहीं होते थे तो आंटी मुझसे ही घर का काम या घर का समान मंगवाते थे। यहां मैं बता दू कि उनका घर 3 फ्लोर का था। सबसे ऊपर कुलदीप भैया का कमरा, बीच वाले में रसोई और अंकल ट्यूशन पढ़ाते थे। सबसे नीचे वाले में अंकल और आंटी सोते थे। अभी जनवरी चल रहा था और पेपर कि तैयारी भी चल रही थी। ठंड के कारण में मूठ मारके काम चला रहा था। कुलदीप भैया कि शादी फरवरी में थी और देखते ही देखते वो दिन भी आगया। क्यूंकि मैंने जैसे बताया कि में अंकल आंटी कि हेल्प कर देता था तो वो भी मुझे प्यार करते थे। इसलिए उन्होंने मुझे भी शादी में बुलाया था। 2 फरवरी कि शादी थी कुलदीप भैया कि बारात लुधियाना जा रही थी। क्युकी शादी तो दिन कि थी इसलिए बारात 10 बजे तक पहुंच गई। वैसे तो वहां पर बहुत सुंदर सुंदर सालिया थी भैया कि पर कोई भाव ही नहीं दे रही थी और भैया तो दुल्हन के आए लेकिन में खाली ही आगया। भैया कि वाइफ का नाम जसमीत था, पंजाबी में खूबसूरत लड़की को टोटा बोलते है और जसमीत भाभी तो कयामत थी, एक दम गोरी दूध जैसी। यहां आपको बता दूं जसमीत भाभी कि हाईट 5.4 इन्च है और उनका शरीर का गोल चेहरा, 36 के मोमे, 28 कि कमर, 34 गान्ड क्या बात! लंबे काले बाल बस जो एक बार देख ले वो तो मूठ मारे बिना नहीं रह सकेगा उस दिन। आज शादी का दूसरा दिन था, जसमीत भाभी ने लाल रंग का सलवार कमीज़ पहना था और पैरों में भारी भारी पायल, लाल चूड़ा लाल बिंदी लाल नेल पॉलिश लाल लिपस्टिक लगाती हुई थी और उनकी चाल थोड़ी ऐसी थी कि जैसे कुलदीप भैया ने अच्छे से ठुकाई कि है उनकी। जब मैं शाम को ट्यूशन गया तो बी जी यानी सरबजीत आंटी ने बोला की मुझे अपनी भाभी को बुला कर ला। मैंने भाभी के रूमका दरवाज़ा खटकाया, भाभी सर पे दुपट्टा लेती हुई आई। मैंने बोला कि आपको बिजी ने बुलाया है, तो वो मेरे साथ चल दी।

मैं आगे था वोह पीछे थी, जब हम सीढ़ियां उतर रहे थे तो उनकी पायल कि छन छन से मेरा लन्ड खड़ा हो रहा था। पर मैंने लंबी जर्सी पहनी थी तो पता नहीं लग रहा था। फिर हम नीचे आ गए तो सरबजीत बी जी ने बोला की “जसमीत बेटा मेरा सर बहुत दर्द कर रहा है, तू अदरक चाय बना ले और विनीत को भी एक कप दे देना, ये हमारा ही लड़का है, तेरा छोटा देवर है यह तुझे दूध लाकर देगा” “भाभी ने बोला ठीक है विनीत तुम दूध लेकर किचन में आजाना मैं तब तक चाय का पानी उबाल लेती हूं” मैंने कहा ठीक है, मैं दूध लेने चला गया पर बी जी को कहा पता था कि उनका ये आज्ञाकारी बेटा इतना शरीफ नहीं है। फिर मैं पास कि दुकान से दस मिनट में ही दूध ले आया और सीधा किचन में गया। भाभी चाय का पानी उबाल रही थी, मैंने दूध का पैकेट भाभी को दिया तो उन्होंने बोला विनीत एक काम करोगे? मैंने पूछा क्या? तो उन्होंने बोला कि में बाथरूम में अपना मोबाइल भूल गई क्या तुम ले आओगे? मैंने बोला ठीक है अभी ले आता हूं। आपको बता दू कि उनका बाथरूम तीसरे कमरे के ऊपर था। में सीढ़ियां चढ़ के गया उनके रूम में। भैया सो रहे थे, में सीधा बाथरूम में गया तो देखा बाथरूम के शेल्फ में भाभी का मोबाइल रखा है और नलके पर उनकी काली ब्रा और पैंटी भी टंगी थी। मैंने ब्रा को हाथ में लिया उससे सूंघा तो उसमें से भाभी कि खुशबू आ रही थी। मैंने उसी अपने लौड़े पे दो मिनट रगड़ा फिर वैसे ही टंगा दिया और मोबाइल लेकर नीचे चला गया। फिर उन्होंने मुझे एक कप चाय आंटी जी को देकर आने को कहा। मैं फटाफट से बी जी को चाय देकर आ गया। फिर उन्होंने एक कप मुझे दिया और खुद कि और भैया कि ट्रे में रख ली और बोला तुम भी साथ आजाओ। फिर हम उनके रूम में चले गए फिर उन्होंने भैया को उठाया और चाय दी। भैया ने पूछा कि कैसी चल रही पढ़ाई? मैंने बोला सब ठीक चल रहा है थोड़े दिनों में पेपर शुरू है। फिर भैया ने जसमीत भाभी से बोला कि यह मेरे छोटे भाई कि तरह ही है कुछ काम हो तो इसे बता देना और फिर मुझे बोला कि ओय तू अपनी भाभी कि हेल्प कर दिया कर। मैंने बोला जी भैया आप जब बोलो तभी हाज़िर हूं। जब ऊपर वाला देता है तो कोई ना कोई बहाना बना ही देता है और ऐसा ही हुआ। अभी 4 दिन ही हुए थे को अंकल जी के एक करीब रिश्तेदार कि मौत हो गई थी और वोह दो तीन दिन तक तो वापस नहीं लौटने वाले थे।। क्युकी आंटी बीमार थी इसलिए वोह नहीं जा सकती थी और अंकल खुद से ज्यादा ड्राइव नहीं कर सकते थे। इसलिए कुलदीप भैया साथ जा रहे थे पर गा में दो औरतें अकेले कैसे छोड़ कर जाए फिर। भैया का कॉल आया कि जल्दी आजा घर। में फटाफट से उनके घर गया, भैया ने बोला कि हम किसी रिश्तेदार कि मौत हो गई है वहां जा रहे है। हो सकता है वोह अंकल को छोड़ कर ही आजाए तब तक मैं उनके घर पर ही रहूं। मैंने बोला कि आप मेरी मम्मी से बोल दो।

फिर भैया ने मम्मी से बात कि और बोला कि विनीत 2 दिन तक हमारे घर रहेगा क्यूंकि वो किसी रिश्तेदार के शोक सभा में जा रहे हैं। मम्मी ने भी बोल दिया कि ठीक है विनीत वहीं रहेगा और कॉल कट गया। आगे की कहानी आपले भाग में जल्दी ही आएगी। आप अपने विचार और कोई चूदाई चाहती हो तो मुझे जरूर ईमेल करे – [email protected]

More stories See all