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मां को स्कूटी चलाना सिखाया-2 (Maa Ko Scooty Chalana Sikhaya-2)

Story Hindi 3 pages 15 years ago

मां को स्कूटी चलाना सिखाया-2 (Maa Ko Scooty Chalana Sikhaya-2)
Maa Beta
पिछला भाग पढ़े:- मां को स्कूटी चलाना सिखाया-1 पिछले पार्ट में। आपने पढ़ा कि स्कूटी सीखते हुए मैं अपनी मोम को गलत तरीके से छू रहा था। फिर घर आते तक मेरा उनकी चुदाई करने का इरादा बन गया था। अब आगे- मैं: मॉम आपको आज मजा आया ना, स्कूटी चलाने में? मॉम: हां बेटा, बहुत मजा आया आज मुझे। मैं: मुझे भी। मॉम: तुझे तो आएगा ही ना। मैं: नहीं मॉम, ऐसा नहीं है। मॉम: सब समझाती हूं बेटा, बड़ा हो गया है तू (फिर मॉम हंसने लगी)। मैं कुछ बोला नहीं चुप रहा। फिर मॉम और मैं साथ में नाश्ता करने के लिए बैठ गए। मैं नाश्ते में ब्रेड खा रहा था, और मॉम कुछ फ्रूट्स खा रही थी। मॉम के हाथ में केला था। जब मैं घर में अकेला था, और मॉम भी अकेली थी। तो मैं इस चीज का फायदा उठाना चाहता था। फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करके मॉम को बोला- मैं: आप केला क्यों खा रही हो मॉम? ब्रेड खाओ ना। मॉम: मुझे अच्छा लगता है केला। मैं: क्यों ऐसा क्या है? मॉम: बस अच्छा लगता है केला मुझे। मेरे पास भी एक केला पढ़ा था, तो मैंने बोला: लो मेरा केला खाओ। मॉम: क्या? मैं: अरे मेरे पास केला है, वो भी लेलो (मैं हंसने लगा)। मॉम: बदमाश लड़के! मैं: आप क्या समझे? मॉम: कुछ नहीं पागल। मैं: एक बात पूछूं? मॉम: बोलो। मैं: एक दिन में कितने केले खा लेती हो? मॉम: क्यों क्या हुआ? मैं: मुझे आपको केला देना है। मेरे कॉलेज के पास एक केले वाला है, बहुत बड़े केले और अच्छे केले देता है। मॉम: अच्छा तू देगा केला मुझे? मैं: हां, क्यों नहीं दे सकता? मॉम: देदे बेटा, मैं तो कब से तैयार हूं। मैं: ठीक है, कल ले आऊंगा मॉम। मुझे लगा अब मॉम मुझसे चुद लेगी। क्योंकि मुझे ग्रीन सिग्नल मिल चुका था। फिर रात हो चुकी थी। मॉम-डैड भी घर नहीं थे। मॉम ने रात को नाइटी पहन रखी थी। मैं: मॉम आज ऐसी ड्रेस क्यों पहनी है? मॉम: क्यों, नहीं पहन सकती क्या? वैसे भी तेरे पापा मुझे ऐसी ड्रेस पहनने नहीं देते। मैं: अरे मॉम, आप बहुत अच्छी लग रही हो इस ड्रेस में। आप तो मेरी तरफ से रोज पहना करो। फिर हम साथ में बैठ कर टीवी देखने लगे।हम दोनों आमने-सामने सोफे पर बैठे हुए थे, और टीवी का रिमोट मॉम के पास था। मैं अपना फोन चला रहा था। अचानक से टीवी का रिमोट नीचे गिरा, और मॉम उसको लेने के लिए झुकी। तब मैं भी सामने देखा, और मैं देखता ही रह गया। मॉम ने अंदर ब्रा नहीं पहन रखी थी, और मॉम के बड़े-बड़े बूब्स साफ दिख रहे थे। मेरी तो हालत खराब हो गई देख कर। मैं मन ही मन सोच रहा था “यार अगर इसको दबाने मिले, और इसको चूसने मिले, तो रात भर चूस-चूस लाल कर दूं।” आप मेरा यकीन मानो दोस्तों, एक-दम बड़े-बड़े और गोल-मटोल थे, और एक-दम मोटे लगभग 40 की साइज के होंगे। मॉम: अरे बेटा इतना दूर क्यों बैठा है? आ ना मेरे पास बैठ। क्या फोन चलाता रहता है दिन भर।

मैं भी मन ही मन सोचा: यहीं अच्छा मौका है। मॉम और मैं रात अकेले भी हैं। और मॉम खुद सामने से मुझे बुला रही है। फिर मैं जा कर मॉम के पास बैठ गया, और बोला: मॉम, आज तो बड़ी सुंदर लग रही हो इस ड्रेस में। मॉम: थैंक यू बेटा। मेरा तो बहुत मन करता है ऐसी ड्रेस पहनने का, पर तेरे पापा ही मुझे कभी पहनने नहीं देते। इस ड्रेस में मेरी बॉडी एक-दम फ्री और रिलैक्स सी लगती है। मैं: हां मॉम, आप बड़ी अच्छी लगती हो इस ड्रेस में। आप लगते ही नहीं कि आप मेरी मॉम हो। मॉम: अच्छा तो क्या लगती हूं? तेरी गर्लफ्रेंड! मैं: नहीं मॉम मेरी तो कहां गर्लफ्रेंड! अगर आपके जैसी मेरी गर्लफ्रेंड हो तो क्या बात है। मॉम: अच्छा, मैं क्या तुझे इतनी अच्छी लगी? आज से पहले तो कभी बोला नहीं मुझे। आज अचानक इतना प्यार क्यों? मैं: अरे मॉम आप छोड़ो भी। क्या ही बोलूं ज्यादा? फिर मॉम ने मेरा हाथ पकड़ लिया, और मुझसे बोली: अरे बेटा बोल ना प्लीज (और मेरे हाथों को एक-दम दबाया)! मुझे बता ना कि मैं तुझे कैसी लगती हूं? तू मॉम की तारीफ भी नहीं कर सकता क्या खुल कर? मैं: अरे मॉम आप तो कयामत लग रही हो। आज इस ड्रेस में लग ही नहीं रहा कि आप मेरी मॉम हो। एक-दम सेक्सी लग रहे हो। मॉम: अच्छा तो बता ना मुझमें क्या अच्छा लगा तुझे? मैं: मैंने तो आज आपको इतने अच्छे से देखा। मुझे तो पता नहीं था कि आप इतनी सुंदर हो। मॉम: कब? मैं: जब आप रिमोट लेने उठी थी, तब (मैंने मॉम को आंख मार दी)। मॉम: ओ मेरा बेटे की आंखें तो बहुत तेज है। अपनी मॉम को कहां-कहां देखा है? मैं: आप जहां दिखती हो वहां देख लेता हूं (फिर हम दोनों हंसने लगे)। मैं: मॉम आज आप बहुत अच्छी लग रही हो। मुझे आपको वह किस्स करने का मन कर रहा है। मॉम: हां कर ले ना, उसमें क्या है? इसमें कौन पूछता है? मैं मॉम के गाल पर एक किस्स कर दी, और मॉम ने अचानक से मुंह फेर लिया। मैं: क्या हुआ मॉम आपको? मॉम: तू क्या बच्चों जैसी किस्स कर रहा है! मुझे तो लगा तू तो बड़ा हो गया है, पर तू बच्चा ही है अभी। मैं: अच्छा तो फिर कैसे किस्स करूं, आप ही बता दो ना? फिर मॉम ने मुझे पकड़ा, और मेरे लिप्स पर एक जोरदार किस्स कर दी। मैं: बस इतना ही प्यार है क्या आपको अपने बेटे से? मॉम: अच्छा बताऊं क्या कितना प्यार है? मैं: हां। फिर मॉम मेरे पास आई और मेरे लिप्स पर किस्स करने लगी। थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही रहा, पर मॉम धीरे-धीरे मेरे होंठ अपने होंठों से काटने लगी। फिर मैं भी जोश में आ गया, और हम दोनों लगभग 5 मिनट तक एक-दूसरे को किस्स करे। हमें लग नहीं रहा था कि हम मां-बेटे हैं। हम एक-दम गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड की तरह एक-दूसरे को किस्स कर रहे थे। मेरे दोनों हाथ मॉम की कमर पर थे, और मॉम का एक हाथ मेरे पेट पर, और दूसरा मेरे बालों में। थोड़ी देर बाद हम अलग हुए, और मॉम का मुंह लाल हो चुका था, और मेरे लिप्स मॉम ने जी भर कर काटे थे।

मॉम: देख लिया, बेटा कितना प्यार है? मैं: आप तो बहुत प्यार करती हो मॉम। मजा आ गया आज। मॉम: चल बेटा बहुत रात हो गई है। सोजा नहीं तो ऐसे ही हमारी मस्ती रात भर चलती रहेगी। मैं: ठीक है, मैं सुबह उठा दूंगा। हमको स्कूटी सीखने भी तो जाना है। सुबह के 7:00 बजे मॉम मुझे उठाने आई। मैं उठ कर, हाथ मुंह धो कर, तैयार हो गया। फिर हम स्कूटी चलाने के लिए बाहर निकले। मैं: लो मॉम, स्कूटी आप ही चलाओ। मॉम: अरे नहीं बेटा। तू अभी सिखा मुझे। सीखने में थोड़ा टाइम है। तू पीछे से मुझे पकड़ कर बैठना। मैं: ओके। फिर मॉम ने स्कूटी चलाई, और धीरे-धीरे हम आगे बढ़े। आगे जा कर सुनसान रोड आया, जहां पर मैंने हरकत स्टार्ट करी। मैंने हाथ मॉम की कमर पर रख दिए, और मॉम को बोला- मैं: बस ऐसे ही बैलेंस बना कर चलो। मॉम की कमर को पकड़ते ही मेरा लंड खड़ा हो गया था। मॉम: बेटा कल से तू पेंट पहन कर आया कर स्कूटी सिखाने। मैं: क्यों क्या हुआ? मॉम: बस थोड़ा अजीब लग रहा है। तू पजामा पहन कर मत आया कर। मैं: अजीब, क्या अजीब? आपको क्या अजीब लग रहा है? मॉम: बस कुछ नहीं, छोड़। मैं: अरे मॉम बताओ ना। अब आप ही मुझसे छुपा रही हो। आप बोलो ना अगर आपको अच्छा नहीं लगता, तो मैं नहीं सिखाऊंगा स्कूटी। मॉम: वो बेटा…। मैं: मैं नहीं आऊंगा कल से स्कूटी सिखाने। आप खुद ही सीख लेना। मॉम: वह तेरा लंड चुभ रहा है मुझे। इतना खड़ा क्यों है यह? मैं: अरे वो तो आज ठंड है ना, इस वजह से। मॉम: अच्छा इस वजह से या किसी और वजह से? मैं: नहीं मॉम, और तो क्या ही वजह होगी? मॉम हल्का सा उठी और मेरे लंड पर पूरा बैठ गई, और उनकी गांड मेरे लंड में बिल्कुल घुस चुकी थी। मॉम: अब ठीक है बेटा। अब इसको ठंड थोड़ी कम लगेगी (मॉम हंसने लगी)। फिर हम घर आ चुके थे। मेरा मॉम को देखने का रवैया ही बदल चुका था। आज मैं मॉम को चोदने के लिए सोच रहा था, क्योंकि परसों मेरे पिता जी आने वाले थे, तो आज ही यह लास्ट मौका था मेरे पास। अंदर जाते समय मेरा हाथ मॉम की गांड पर लग गया। यह मैंने जान-बूझ कर किया, और फिर मैं अनजान बनने लगा। मॉम: अरे बेटा यह क्या कर रहे हो? रोड पर किसी ने देख लिया तो अच्छा नहीं लगेगा। मैं: अच्छा अंदर तो कोई नहीं देखेगा। अंदर कर सकता हूं क्या? मॉम: अरे बेटा थोड़ा सब्र रख। सब्र का फल मीठा होता है। मैं: कितना मीठा? मॉम: जितना तूने सोचा भी नहीं होगा, उससे ज्यादा मीठा होता है। मैं: तो आप कब खिला रही हो फल? क्योंकि परसों तो माली आ जाएगा (मेरा पापा)। मॉम: बड़ी जल्दी है तुझे फल खाने की। खा भी पाएगा पूरा? मैं: अरे एक बार मुझे फल तो दो मॉम, फिर देखना कितना खाता हूं। मॉम कुछ नहीं बोली और अंदर चली गई। अब मैं बिल्कुल भी देर नहीं करना चाहता था। आगे की सेक्स कहानी अगले पार्ट में।

Categories Hindi
Tags Maa Beta
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