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मेरी मामी मेरी टीचर-2

Story Hindi 3 pages 15 years ago

मेरी मामी मेरी टीचर-2
Teacher Student Chudai
पिछला भाग पढ़े:- मेरी मामी मेरी टीचर-1 नमस्कार दोस्तों, मैं विशाल आप सब के सामने अपनी टीचर चुदाई कहानी का अगला पार्ट लेके आया हूं। अगर आप में से किसी ने भी पिछला पार्ट नहीं पढ़ा है, तो कृपया उसको जरूर पढ़ें। पिछले पार्ट में अपने पढ़ा था, कि मुझे मेरी सेक्सी मामी के पास ट्यूशन लगवा दिया गया। फिर एक दिन मुझे पता चला कि मामी को कोई ब्लैकमेल कर रहा था। मामी ने मुझसे वादा किया कि अगर मैं उस ब्लैकमेलर से मामी का पीछा छुड़वा दूं, तो वो जो मैं मांगू देंगी। फिर मैंने उनका पीछे छुड़वाया, और उनसे उनको प्यार करने की आज्ञा मांग ली। मामी मान गई, और ब्रा और पैंटी में मेरे सामने आ गई। फिर मेरी सेक्सी मामी ने मेरे सामने घुटनों पर बैठ कर मेरा लंड चूसा। मैं इतना उत्तेजित हो गया कि 5 मिनट में ही मेरे लंड का पानी मामी के मुंह में निकल गया। अब बढ़ते है आगे की कहानी की तरफ- मामी का मुंह मेरे पानी से भर गया था। मामी उठी, और बाथरूम में जाके सारा पानी थूका, और कुल्ला करके वापस आई। मैंने मामी से कहा- मैं: माफ करना मामी, वो मैं कंट्रोल नहीं कर पाया। मामी: अरे कोई बात नहीं। इसमें शर्मिंदा होने वाली, या माफी मांगने की कोई बात नहीं है। अक्सर मर्द पहली बार जल्दी झड़ जाते है। ये बोल कर मामी मेरे सामने बिस्तर पर सीधी लेट गई, और मुझे बोली- मामी: अब मैं तेरे सामने हूं। तुझे जो मेरे साथ करना है वो कर सकता है। मेरे सामने मेरी सेक्सी मामी, जिसके मैं अब तक सिर्फ सपने ही देखता था, वो ब्रा और पैंटी पहन कर लेटी थी, और मुझे कुछ भी करने को बोल रही थी। मैंने भी सोच लिया, कि आज मैं अपनी और मामी की सारी प्यास बुझा दूंगा। ये सोच कर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए, और मामी की तरफ बढ़ा। पहले मैं मामी के पैरों के पास आया, और उनको किस किया। फिर उनकी सेक्सी टांगों पर हाथ फेरते हुए मैं किस करता गया, और ऊपर बढ़ने लगा। उनकी जांघों पर पहुंच कर मैंने जांघों पर खूब किस किया। मैं उनकी जांघों को अपनी जीभ से चाटने लगा, जिसका मामी को भी मजा आ रहा था। अब मैं स्वर्ग के द्वार, यानी मामी की चूत पर पहुंच गया। मैंने पैंटी के ऊपर से मामी की चूत पर किस किया। इससे मामी के मुंह से सिसकी निकल गई। फिर मैंने पैंटी के इलास्टिक को पकड़ा, और पैंटी नीचे खींच दी। अब वो चीज जिसको दुनिया भर के लंड सलामी देते है, मेरे सामने थी। मेरी मामी की चूत मेरे सामने थी। उनकी चूत पर हल्के बाल थे, और बड़ी खूबसूरत लग रही थी। मैं पहली बार किसी की चूत देख रहा था। चूत देख कर मुझसे रुका नहीं गया, और मैंने उस पर अपना मुंह लगा कर उसको चाटना-चूसना शुरू कर दिया। ये करने से मामी पागल होने लगी, और मेरे मुंह को अपनी चूत में दबाने लगी।

उनकी चूत के रस का क्या कमाल का स्वाद था, मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता। मैंने लगभग 5 मिनट चूत चाटी थी, की मामी ने मेरे मुंह को जोर से चूत पर दबाया, और पानी छोड़ दिया। मैं मामी का सारा पानी पी गया। ये देख कर मामी बोली- मामी: अरे ये क्या कर रहा है? इसको पी क्यों लिया, गंदा होता है! मैं: मामी मैं आपके लिए कुछ भी कर सकता हूं। बहुत प्यार करता हूं मैं आपसे। मामी: इतना प्यार करता है मुझसे? मैं: हां मामी। ये सुन कर मामी ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया, और हम दोनों किस्स करने लगे। हम पागलों की तरह एक-दूसरे के होंठ चूस रहे थे। कुछ देर होंठ चूसने के बाद मामी ने अपनी ब्रा खोल कर निकाल दी, और मेरे मुंह को अपने बूब्स पर लगा कर बोली- मामी: आ पी अपनी टीचर के बूब्स मेरे प्यारे स्टूडेंट। अच्छे से चूस इनको। मैंने उनके बूब्स को अपने हाथों में जोर से दबाया, और चूसने लगा। मामी वासना की आग में डूब चुकी थी, और मदहोश हो रही थी। मैंने उनके बूब्स चूस-चूस कर लाल कर दिए। फिर मामी ने अपनी टांगे खोली, और मुझे उनको चोदने के लिए कहा। मैं फिर अपना लंड हाथ में लेके उनकी चूत पर रगड़ने लगा। वो भी गांड हिला रही थी। फिर मैंने टोपा चूत के मुंह पर टिकाया, और धक्का देके लंड चूत में घुसाने लगा। जैसे ही लंड अंदर जाने लगा मामी आह आह करने लगी। उनको दर्द हो रहा था। तभी मामी बोली- मामी: तुम्हारा लंड तो काफी तगड़ा है। मैं: आपको अच्छा लगा मामी? मामी: हां बहुत। अब मेरा पूरा लंड मामी की चूत में समा चुका था। फिर मैंने उनके होंठों में होंठ डाले, और लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया। दोस्तों मामी की चूत का वो गरम एहसास मैं सारी जिंदगी नहीं भूल पाऊंगा। उनकी चुदाई करते हुए मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मैं स्वर्ग में पहुंच चुका था। बड़ा मजा आ रहा था। फिर मैंने धीरे-धीरे चुदाई की स्पीड बढ़ाई। मामी की चूत से काफी पानी निकल चुका था, इसलिए पच-पच की आवाजें आनी शुरू हो गई थी। मैंने मामी की टांगें मोड़ ली, और उनको और तेज़ी से और जोर से चोदना शुरू कर दिया। मामी आह आह कर रही थी, और उनकी आँखें मजे से ऊपर चढ़ गई। वो आह आह करते हुए झड़ने लगी। मुझे बड़ी खुशी हो रही थी, कि वो झड़ रही थी। फिर मैंने लंड निकाला तो उनकी चूत से पानी बह रहा था। मैंने उनकी पैंटी से उनकी चूत साफ की, और उनको घोड़ी बना लिया। मामी की गांड क्या कमाल की सेक्सी लग रही थी। पहले तो मैंने उनकी सेक्सी गांड पर किस्स किए। फिर अपना लंड उनकी चूत पर पीछे से सेट करके एक ही झटके में पूरा डाल दिया। मामी की जोर की चीख निकली, और मैंने उनकी ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी। पूरे कमरे में थप-थप की आवाजें गूंज रही थी। लगभग 20 मिनट मैंने मामी को उसी पोजीशन में चोदा। इस बीच मामी फिर से एक बार झड़ गई।

फिर मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकाला, और उनके चूतड़ों पर सारा पानी निकाल दिया। फिर कुछ देर नंगे लेटने के बाद हमने कपड़े पहने, और मैं वहां से आने लगा। वापस आते हुए मुझे मामी ने बोला- मामी: इसको आखिरी बार मत समझना। आगे भी मुझे तुम्हारा लंड चाहिए। मैं खुश हो कर बोला: मामी आप जब कहोगे, मैं तैयार मिलूंगा आपको। फिर मैं घर वापस आ गया। उसके बाद पढ़ाई और चुदाई साथ में होने लगे। मेरी हिंदी चुदाई कहानी पर अपनी फीडबैक जरूर दें।

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