मैंने कार चलाई और ड्राइवर अंकल ने मुझे चलाया-2
Group Sex
पिछला भाग पढ़े:- मैंने कार चलाई और ड्राइवर अंकल ने मुझे चलाया मैं पुजा पंजाब से हूं। उम्र 23 साल और 34″ के मेरे बूब्स हैं, और चुदाई का इतना मजा ले चुकी हूं जिससे मेरी गांड का साइज 38″ हो गया है। मैं हमेशा अपनी चूत को चिकनी बना कर रखती हूं। अब आगे की कहानी पर आती हूं। अगले दिन मैंने अपनी चूत को अच्छे से साफ किया। फिर नहा कर तैयार हो गई। मैंने ब्रेकफास्ट किया, और अंकल के आने का इंतजार करने लगी। अंकल आज भी उसी समय पर आए। मैं घर से निकल गई। अंकल ने मुझे गाड़ी में बिठा लिया, और गाड़ी लेकर चलने लगे। अंकल का एक हाथ मेरी टांग को सहलाने लगा। मैं कुछ नहीं बोली। अंकल ने एक जगह गाड़ी रोकी, और मुझे एक किस किया। फिर मुझे बोले: रंडी बहुत परफ्यूम लगा कर आई है तू। मैं: हां आपके लिए अंकल। अंकल हंसते हुए बोले: आज तेरा परफ्यूम नहीं, हमारे लंड की खुशबू आएगी तेरे बदन से रंडी। मैं यह सुन कर: अंकल हमारे लंड से आपका क्या मतलब है? अंकल ने बात घुमा दी। फिर अंकल ने कार एक कॉलोनी के अंदर ले ली, और मुझे बोले- अंकल: तू यहीं उतर जा और पहली मंजिल की ओर चल, मैं तेरे पीछे आता हूं। मैं कार से नीचे उतर गई। अंकल कार को पार्क करने लग गए। मैं पहली मंजिल की तरफ चलने लगी। मैं पहली मंजिल पर आ गई। तभी मेरे पीछे अंकल भी आ गए। अंकल मेरे से थोड़ा आगे चलने लगे। फिर वो एक कमरे का दरवाजा खोल कर अंदर चले गए। मैं भी उनके पीछे कमरे के अंदर आ गई। अंकल ने दरवाजा बंद कर दिया, और मुझे अपनी बाहों में भर लिया। अंकल मेरे चेहरे को चूमने लगे। मैं भी उनका साथ देने लगी। कुछ देर बाद अंकल बोले: चल नंगी हो जा। अब मैं कपड़े उतारने लगी, तो अंकल बोले: रंडी रुक अभी। अंकल ने टीवी पर गाने चला दिये और मुझे बोले: नाचते हुए नंगी हो कुतिया। मैं नाचने लगी और एक-एक कर के अपने कपड़े उतार दिये। मैं नंगी हो कर नाचने लगी। अंकल भी नंगे हो चुके थे, तो मैं नाचते हुए बीच-बीच में अंकल के लंड को भी चूमती-चाटती। फिर अंकल बैड पर बैठ गए, और टीवी की आवाज़ कम कर दी। मैं नीचे बैठ कर अंकल का लंड मुंह में लेकर चूसने लगी। कुछ देर बाद पीछे से किसी के हाथ मेरे बूब्स पर आ गए और बूब्स दबाने लगे। मैं एक दम से पीछे मुड़ी और देखने लगी तो देखा अंकल की ही उम्र का एक ओर आदमी मेरे पीछे था। हामिद अंकल बोले: पुजा क्यूं डर रही है? यह अशरफ है, और मेरी तरह ही गाड़ी चलना सिखाते हैं। अशरफ का ही घर है यह, और इसकी बेगम का इंतकाल हो गया है। यह चुदाई के लिए तड़प रहा था, तो मैंने इसको सब बताया तेरे बारे में, तो यह तैयार हो गया। अशरफ मेरे बूब्स को बहुत ही प्यार से मसल रहा था। पर तभी हामिद अंकल बोले- अंकल: अशरफ मेरे पास आकर बैठ। पुजा रंडी से लंड चुसवा, साली बहुत अच्छे से लंड चूसती है।
अशरफ अंकल भी पूरे नंगे थे, और उनका लंड भी 7″ के करीब था। वो भी बैड पर बैठ गए। मैंने भी देर ना करते हुए अशरफ अंकल का लंड मुंह में ले लिया, और चूसने लगी। अशरफ अंकल लंड को मेरे गले तक ले जाने लगे। मैं कभी हामिद अंकल का लंड चूसती, तो कभी अशरफ अंकल का। हामिद अंकल बोलने लगे: अशरफ, साली रंडी देख कितनी सेक्सी है, और इस रंड की मां तो और भी सेक्सी है। अशरफ अंकल बोले: तूने इस रंडी की मां को कब चोद दिया? तो हामिद अंकल बोले: चोदा तो नहीं है, पर यह रंड चुदवाएगी। तभी हामिद अंकल ने मेरे बाल पकड़ कर मेरा सर उपर किया। मुझे बहुत दर्द हुआ तो मैं बोली- मैं: अंकल मेरे बाल छोड़ो, मुझे दर्द हो रहा है। तो अंकल बोले: कुतिया तेरी मां को कौन चुदवाएगा हमारे साथ? मैं दर्द में बोली: मैं चुदवाऊंगी। अंकल बोले: दिखा उस रांड को। तो मैंने अपना फोन निकाला, और अपनी मम्मी की फोटो निकाल कर अंकल को फोन दे दिया। अंकल ने मेरे बाल छोड़़ दिये। मैं फिर से दोनों के लंड चूसने लग गई। दोनों मम्मी को देख कर बहुत ही गंदी बातें करने लगे। कुछ देर बाद अशरफ अंकल बैड पर लेट गए, और मुझे खींच कर अपने ऊपर कर लिया। वो मेरे होंठ को चूमने लगे और नीचे से अंकल का लंड मेरी चूत पर रगड़ खाने लगा। तो मैंने एक हाथ से लंड को पकड़ कर अपनी चूत के मुंह पर लगा दिया। अंकल ने भी देर ना करते हुए लंड को चूत में एक झटका मार कर अंदर कर दिया। मैं लंड को अपनी चूत के अन्दर लेने लगी। अंकल ने अपने दोनों हाथ से मेरे बूब्स को पकड़ लिया, और मुझे लंड पर ऊपर-नीचे करने लगे। मैं अंकल के लंड पर उछलने लगी। अंकल का लंड मेरी चूत के अंदर पूरा चला गया था। तभी हामिद अंकल भी अपना लंड सहलाते हुए मेरे पीछे आ गए। अंकल अपना लंड भी मेरी चूत में डालने लग पड़े, पर मैंने हामिद अंकल को मना कर दिया। फिर अंकल ने अपनी थूक से अपना लंड गीला किया, और मेरी गांड के छेद पर लगा दिया। मैं अशरफ अंकल के ऊपर लेट गई। अंकल ने फिर एक झटका मारा और हामिद अंकल का लंड मेरी गांड के अंदर चला गया। 2-3 झटकों में ही अंकल का पूरा लंड मेरी गांड में समा गया। अब दोनों मेरी चुदाई करने लगे। हामिद अंकल मेरी गांड पर थप्पड़ मार देते बीच-बीच में। दोनों मुझे एक रंडी की तरह लगातार चोदे जा रहे थे। उन दोनों के बालों भरे शरीर से मेरा बदन रगड़ खा कर लाल हो गया था। मुझे ऐसा लग रहा था जितना खून मेरी चूत और गांड से नहीं निकला था, आज इन दोनों के शरीर की रगड़ से पूरे बदन से निकल जाएगा। दोनों ने लगातार मुझे आधे धंटे तक चोदा। मेरी चूत 3 बार पानी छोड़ चुकी थी। फिर हामिद अंकल ने मेरी गांड से लंड बाहर निकाल लिया, और मुझे अशरफ अंकल के लंड से उठा कर नीचे बिठा दिया। अब दोनों मेरे चेहरे के ऊपर अपना लंड हिलाने लगे।
मैंने मुंह खोल दिया, और दोनों के लंड पिचकारी छोड़ते हुए मेरे मुंह पर अपना पानी गिराने लगे। उन दोनों के लंड का पानी मेरे मुंह के अन्दर भी जाने लगा, और चेहरे से होते हुए मेरे बूब्स पर भी गिरने लगा। मैं अपने हाथों से बूब्स पर गिरे हुए पानी को बूब्स पर मलने लगी, और मुंह के अन्दर गिरे हुए पानी को पी गई। तभी मेरी नजर घड़ी पर गई तो मैंने देखा समय बहुत हो गया था। तो मैं दोनों से बोली- मैं: अंकल आज बहुत समय हो गया है, अब मुझे घर जाना है। पहले तो दोनों मना करने लगे, पर बाद में दोनों मान गए, जब मैंने उनको बोला अगली बार घर में लेट आने को बोल कर आऊंगी। फिर मैंने अशरफ अंकल से बाथरूम के लिए पूछा तो हामिद अंकल बोले- अंकल: रंडी तुझे पहले ही बोला था हमारे लंड की खुशबू होगी अब तेरे बदन पर। मैं हंसते हुए एक कपड़े से अपने आप को साफ की। फिर कपड़े पहन लिए। दोनों ने मुझे किस किया और मेरे बूब्स और गांड दबा कर अपने कपड़े पहन लिए । हामिद अंकल पहले घर से बाहर चले गए। अशरफ अंकल ने मुझे फिर से पकड़ कर किस किया, और मुझे बोले: मेरी जान जल्दी आना। मैं उनको हां बोल कर बाहर आ गई। फिर कार में बैठ कर घर आ गई। कैसी लगी मेरी कहानी जरूर बताना मुझे। अगली कहानी जल्दी ही लेकर हाजिर हूंगी [email protected]