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वासना से भरी मेरी फुफेरी बहन की चुदाई

Story Hindi 2 pages 24 min ago

वासना से भरी मेरी फुफेरी बहन की चुदाई
सेक्स क्रेजी सिस्टर Xxx स्टोरी में मेरी बुआ की बेटी हमारे घर आई कुछ दिन के लिए. एक रात वे मेरे होंठों को चूसने लगी जब मैं सो रहा था.

नमस्कार भाईयो और बहनो, मेरा नाम उदय सक्सेना है. मेरा रंग काला है, मेरे लंड का साइज़ 6 इंच है और मेरा लंड भी काला है.

आशा करता हूं कि सब लड़के अपना लंड हिला रहे होंगे और लड़कियां अपनी चूत में उंगली कर रही होंगी.

मैं अपनी सच्ची सेक्स कहानी आपके सामने लेकर आया हूं.
यह घटना मेरे साथ हुई थी.

ये सेक्स क्रेजी सिस्टर Xxx स्टोरी तब की है, जब मेरे पापा गुजर गए थे, तो हम सब काफी दुखी थी.

पापा के गुजरने के दो दिन बाद मेरे घर पर एक लड़की आई.
उसकी उम्र 22 साल थी.
वह रिश्ते में मेरी दूर की बुआ की लड़की यानि फुफेरी बहन लगती थी.

उस लड़की का नाम आरती सक्सेना था.
मैं आरती दीदी से काफी समय बाद मिल रहा था तो एकदम से पहचान नहीं पाया था.
वह काफी हॉट लड़की लगने लगी थी.

उसके चूचों का साइज 32 इंच का था और कमर 30 की थी.
वह कद में थोड़ी छोटी थी लेकिन काफी सुंदर थी और बहुत ही गोरी थी.

जब आरती दीदी मेरे घर पर आई और मैंने उसको देखा तो उस वक्त तो मेरे दिल में उसको लेकर कोई भी गलत या कामुक भाव नहीं आया क्योंकि मैं उसको अपनी दीदी मानता था.
त्रियोदशी के भी चार दिन बीत गए.
सारे रिश्तेदार चले गए थे.
घर में सिर्फ बुआ और आरती दीदी रह गई थीं.

मम्मी को रस्म के अनुसार मामा के घर जाना होता है, तो वे उधर गई थीं.
बुआ बाहर वाले कमरे में लेटती थीं और हम दोनों अन्दर वाले कमरे में लेटे हुए थे.

उस रात को मैं आरती दीदी के पास लेटा था.
रात में तो तो उसने मेरे होंठों पर अपने होंठों से काटा और बोली- उदय किस करो मेरे होंठों पर!

उस दिन तो मुझे कुछ समझ में नहीं आया क्योंकि मैं उस दिन नींद में था.

दूसरे दिन भी जब मैं दोपहर में लेटा था तो वह भी मेरे पास लेट गई लेकिन उसने दिन में कुछ नहीं किया.

उसी रात में वही दुबारा से हुआ, उसने मुझे फिर से किस किया और बोली- उदय किस करो मुझे!

मैं नींद में जरूर था लेकिन कुछ कुछ इसलिए होश सा था क्योंकि कल सुबह मेरे होंठों पर निशान देख कर मैं समझ गया था कि रात में मेरे साथ कुछ गलत हो रहा है.
अब उसने जो भी किया, मैंने उसे करने दिया लेकिन अपनी तरफ से कुछ न किया.

उस रात उसने कुछ ज्यादा ही देर तक मेरे होंठों के साथ मस्ती की.

अगला दिन आया, उस दिन रात को मैं चेक करने के लिए रेडी था.

मैं अपनी जगह पर लेटा तो फिर से दीदी मेरे बाजू में आ कर लेट गई.

आज मैंने खुद अपने होंठों को दीदी के होंठों के पास रख दिया.

थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि वह फिर से मेरे होंठों पर किस कर रही थी.

वह हल्की आवाज में बोल भी रही थी- उदय, किस करो मुझे!
उसकी आवाज सुनकर मैं भी गर्म हो गया और मैं भी उसे किस करने लगा.

अब मैंने ही पहल की और दीदी की सलवार पर हाथ रख दिया.
दीदी ने हाथ पकड़ लिया और कहा- अभी नहीं!

मैं रुक गया केवल किस करता रहा.
फिर मैं सो गया.

जब सुबह उठा तो मैं दीदी से आंखें नहीं मिला पा रहा था कि ये मैंने क्या कर दिया.
लेकिन हमारी रंडी दीदी तो ऐसे बर्ताव कर रही थी मानो उसे कुछ हुआ ही नहीं.

रंडी दीदी ने आरती ने सुबह मुझे टिफिन बना कर दिया.
मैं ऑफिस चला गया.

फिर जब मैं ऑफिस से आया तब मैंने देखा कि मेरी आरती रंडी दीदी मेरे बिस्तर पर लेटी थी.

उस वक्त कोई नहीं दिख रहा था, तो पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि मैं भी उसके बिस्तर पर जाकर उसकी गांड से चिपक कर लेट गया.

वह मेरी तरफ घूम गई तो हम दोनों के होंठ आमने सामने आ गए और हमारे बीच हल्के हल्के से होंठों का मिलन होने लगा.

कुछ देर तक होंठ चूमने के बाद मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी तो वह मस्त होकर मेरी जीभ को कुल्फी के जैसे चूसने लगी.
सच में बड़ा मजा आ रहा था.
कुछ देर बाद जब मैंने उसका मुँह देखा तो उसके चेहरे पर अलग सी मुस्कुराहट थी.

वह बोली- आज तुमको अपनी दीदी के ऊपर बहुत प्यार आ रहा है!
मैं मुस्कुरा दिया और वापस उसके होंठों को चूसने लगा.

उन दिनों कोई न कोई घर आ जाता था तो पड़ोस का कोई आ गया.
मुझे हटना पड़ा लेकिन उसके होठों का स्वाद मुझे याद बना रहा.

सारे दिन मुझे उसके होंठों के मीठे स्वाद का अहसास होता रहा.
जब रात हुई तो मैं कुछ कुछ घबराने सा लगा और ऐसा लगा कि यह सब गलत है.

यही सब सोच कर मैं रात में उससे दूर जाकर सोने लगा.
जैसे ही मैं बिस्तर पर लेता, वह रांड मेरे बिस्तर पर आ गई, मैं उसके बाजू से हट कर जमीन पर लेट गया.

वह रंडी भी जमीन पर लेटने के लिए आ गई.

सारा दिन काफी काम किया था तो मैं थक गया था.

मैं जमीन पर लेटा रहा और उससे बोला- तुमको मुझसे शर्म नहीं आती! तू मेरी दीदी है.
यह सुनकर वह मेरी तरफ आंख बंद करके लेट गई.

मैं आगे बोला- तू गंदी लड़की है.

कुछ देर तक तो वह शांत रही, फिर अचानक से उस साली रांड दीदी ने मुझे पुनः पकड़ लिया और मेरे ऊपर लेट कर मुझे किस करने लगी.

अब मैं भी गर्म होने लगा और मैं भी उसका साथ देने लगा.
वह मेरे ऊपर चढ़ कर बैठी हुई थी तो मैं कुछ नहीं कर पा रहा था.

अब वह साली रांड मुझे किस करने लगी और मेरे होंठों को कल की तरह काटने लगी.
मैं भी लग गया.

वह साली रंडी बोली- चलो अपनी दीदी को किस करना शुरू करो. मेरी गर्दन को किस करो आह आह मेरे होंठों को चूमो उदय!
‘आह उह आह.’

इतना सब होने के बाद मुझे पुनः होश आया कि ये दीदी है तो अपने आप से उस रंडी की दूर किया और बिस्तर पर जाने लगा.
वह बोली- उदय मत जाओ, यहीं रहो, देखो तुम्हारी दीदी कितनी परेशान है.

मैं चुप हो गया और उसकी बात सुनने लगा.
आरती दीदी- उदय कैसा लगता है कि मैं तुमको प्यार करती हूँ!

मैं- तुम्हारे साथ अच्छा लगता है दीदी, लेकिन तुम मेरी बहन हो और यह बात पूरी तरह से गलत है.
वह बोली- कुछ गलत नहीं है.

मैंने भी अपने अरमानों के दरिया में बहते हुए कहा दिया- तुम आगे कहां कुछ करने देती हो!
आरती रांड- लेकिन ये सब अभी कैसे? ये सब अभी नहीं … गलत है!

मैं- कुछ गलत नहीं है. करने दो न नीचे … मुझे भी तुम्हारे साथ अच्छा लगता है. आपने मेरे साथ में क्यों किया ये सब!
आरती रांड- मैंने तुम्हारे साथ इसलिए किया क्योंकि मुझे तुम्हारे साथ वह फीलिंग आई, जो अभी तक कभी भी नहीं आई.

मैंने कहा- तो पूरा अहसास कर लो न!
वह बोली- मुझे तेरे जीजा जी के साथ शादी करके जाना है. मैं जब शादी करके तुम्हारे जीजा जी के पास जाऊंगी तो मुझे अच्छा बनकर जाना होगा, इसलिए नीचे वाला खेल अभी नहीं!
मैं- तो मतलब शादी के बाद लंड से करने दोगी, पर अभी मुझे नीचे हाथ से छूने तो दो! तुम तो मेरा हाथ ही हटा दे रही हो मेरा!

आरती दीदी- हाँ, शादी के बाद जब भी और जितना भी चाहोगे … तब अपने उससे भी कर लेना लेकिन अभी नहीं … समझे!
मैंने कहा- अरे तो हाथ से तो मजा लेने दो न मुझे!

दीदी का भी मन था तो वह भी मान गई.
मैंने उसकी चुप्पी देखी तो अपना हाथ उसकी टांगों के बीच सरका दिया.

वह आह आह करने लगी.
मैंने कुछ ही देर में उसे गीली कर दिया था तो वह कहने लगी- अब रहने दे.

मैंने कहा- मुझे अभी और करना है!
वह बोली- चलो दूध पिला देती हूँ!

मैंने ओके कह तो उसने अपने कुर्ते को एक तरफ से ऊपर को उठाया और अपना एक थन मेरे मुँह में दे दिया.
मैं मस्त हो गया और अपनी दीदी के दूध को चूसने लगा.

अब दोनों ही तरफ से मस्ती बढ़ने लगी थी तो मैंने कहा- चलो मुँह में लेकर प्यार कर दो!
वह इठला कर बोली- क्या मुँह में लेकर प्यार कर दूँ!

मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने लौड़े पर रख दिया और कहा- इससे खेलो न!
वह कुछ नहीं बोली और मेरे लौड़े को मसलने लगी.

फिर वह चादर के अन्दर घुस गई और उसने मेरे निक्कर को नीचे खिसका कर मेरे लंड को मुँह में ले लिया.
मैं समझ गया कि अभी जब ये मुँह में ले रही है तो पक्के में चुत में भी ले लेगी!

कुछ देर लंड चुसवाने के बाद मैंने उससे 69 में आने के लिए कहा.
वह झट से राजी हो गई और हम दोनों 69 में एक दूसरे के लंड चुत को चूस कर मजा लेने लगे.

कुछ देर बाद हम दोनों झड़ गए और सो गए.
अगले दिन वह मुझे देख कर बड़ी मस्ती से मुस्कुरा रही थी.

आज मेरा ऑफिस जाने का मन नहीं था, तो कुछ देर बाद बुआ ये कह कर चली गईं कि वे शाम तक वापस आएंगी.
बस अब मेरा मूड बन गया था.

जैसे ही बुआ जी गईं मैंने दरवाजे पर लगे कैमरे को सही से सैट किया ताकि दिख जाए कि कौन आया है!
फिर दरवाजे की कुंडी लगा कर दीदी को सोफ़े पर खींच लिया.

वह खुद चुदास से मरी जा रही थी.
मुझे मालूम था कि तीन बजे से पहले बाहर वाला कोई नहीं आता है.

तो दीदी मेरे लौड़े को चूसने लगी और मैंने उसे घोड़ी बना दिया.

वह कहने लगी- नहीं अभी चुदाई नहीं करूंगी!
मैंने दीदी के दूध दबाते हुए कहा- यदि तुम चुदी हुई न निकली, तो मैं नहीं चोदूंगा.
वह हंसने लगी.

मतलब साफ था कि वह लंड लेती रहती थी.
मैंने उसके लोअर को पीछे से नीचे सरकाया तो रंडी ने चड्डी पहनी ही नहीं थी.

मैंने उसके चूतड़ पर चमाट मारी कि अच्छा चुदने की इतनी जल्दी थी कि चड्डी भी नहीं पहनी!
वह हंस दी और मैंने बिना कंडोम के उसकी चुत में लंड पेल दिया.

दीदी के कंठ से हल्की सी मीठी सी आह निकली और वह लंड को हजम कर गई.
बस फिर क्या था, मैंने धकापेल चुदाई चालू कर दी.

दीदी बोली- तू तो ऐसे चोद रहा है, जैसे न जाने कितनी चुत फाड़ चुका है!
मैंने कहा- हां दीदी, तुम चौथी हो.

वह हंसने लगी.
मैंने कहा- और तुम बताओ … तुम कितने लौड़े खा चुकी हो!
वह बोली- तुम दूसरे हो!

मैंने कहा- झूठ मत बोलो, चुत बता रही है कि इसने बड़े बड़े हथियार खाए हैं!
दीदी हंसने लगी और बोली- तू चोदने में दिमाग लगा न … गुठली क्यों गिन रहा है!
मैंने कहा- वह आम खाने में दिमाग लगाने वाली बात होती है!

दीदी बोली- हां वही!
इस तरह से मैंने उस दिन हचक कर दो बार दीदी को चोदा और उसके बाद से जब भी मौका मिलता है, हम दोनों सेक्स कर लेते हैं.

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