All content free · updated every 5 minutes

वैशाली दीदी को चोदकर अपनी माल बनाया

Story Hindi 3 pages 15 years ago

वैशाली दीदी को चोदकर अपनी माल बनाया
Behan Ki Chudai
एक दिन मैंने वैशाली दीदी को उसके बॉयफ्रेंड के साथ देख लिया था. दीदी ने मुझे समझाया की वो दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते है, और दीदी ने कहा भाई मैंने उससे चुदना चाहती हूँ। मैं भी उनकी बात मान गया और मदद करने का वादा किया. मैंने सारा अरेंजमेंट कर लिया था, मैं ने होटल बुक कर दी थी जहा दीदी अपना पहली बार चुदने वाली थी. दीदी मस्त लाल साडी पहन कर होटल में इंतजार कर रही थी. आज दीदी काम की मूरत लग रही थी, दीदी 22 साल की मस्त सेक्सी लौंडिया थी, 38 के बड़े बड़े बूब्स और 40 की गदरायी हुई चौड़ी गांड. दीदी ने रेड कलर की ट्रांसपेरेंट साड़ी पहनी हुई थी. और ब्लाउज का बड़ा गला दीदी के आमो को छुपा नहीं पा रहे थे, क्लीवेज काफी डीप होने के कारण आधी चूचियां नंगी थी. दीदी की भारी गांड साड़ी में कसी हुई गजब ढा रही थी. मैं सोचने लगा जिसकी भी शादी दीदी से होगी उसकी तो ऐश है. पर समय बीतते जा रहा था, और दीदी की सांसे बढ़ती जा रही थी. दीदी: अजय देख ना समीर अब तक आया क्यू नहीं आया? मैं: ठीक है दीदी कॉल करता हूँ. मैंने काफी कॉल लगाया, पर उसने पिक नहीं किया. हम काफी देर उसका वेट करते रहे. बहुत देर के बाद उसका कॉल दीदी को आया, और उसने कहा की वो नहीं आएगा, और दीदी उसको भूल जाये. दीदी का ये सुनना था और वो रोने लगी. दीदी मुझसे गले लग कर रोने लगी. उनकी विशाल चूचियां मेरे सीने से दबने लगी. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मैंने दीदी को समझाया, थोड़ी देर में वो शांत हुई दीदी: अजय अब मैं घर कैसे जाऊँगी, समीर ने मुझे दोखा दे दिया. मैं: कुछ नहीं हुआ है दीदी. शांत हो जाओ. आप की कोई गलती नहीं है. दीदी: नहीं भाई .. अब मैं क्या करूंगी.. कोई मुझसे प्यार नहीं करता. मैं: ऐसा मत बोलो दीदी… मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ. दीदी: पर तू तो भाई है पति नहीं. मैं: दीदी मैं आपका पति बनने के लिए तैयार हूँ. दीदी: अजय ये क्या बोल रहा है?? मैं: सच दीदी.. आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो.. मैं आपको चोदूँगा .. आज आपकी चुदाई जरूर होगी. मैंने दीदी का हाथ पकड़ा और बेड पे बैठा दिया. दीदी अभी भी शॉक में थी. दीदी: भाई तू मुझसे प्यार करता है .. आज से मैं तेरी माल हूँ. मैं: आई लव यू दीदी. दीदी: दीदी मत बोल अजय … वैशाली बोल. मैं: ठीक है वैशाली मेरी माल. मैंने डीलक्स रूम बुक किया था दीदी की चुदाई के लिए, पर मुझे नहीं पता था की मैं ही दीदी के साथ सुहागरात मनाऊँगा. रूम में पहुंचते ही दीदी बेड पर बैठ गयी. दीदी: अजय अपनी बीवी के साथ सुहागरात नहीं मनाएगा? मैं: आप रेडी हो तो जरूर मनाऊँगा दीदी. दीदी: फिर दीदी.. अब मैं तेरी बीवी हूँ.. और आज से तेरी हर ख्वाइश पूरी करूंगी. मैं दीदी के पास गया, दीदी की बड़ी बड़ी चूचियां अधनंगी मेरे आँखों के पास थी. मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी.. आज तो मैं धन्य हो गया.. दीदी: क्यू भाई.. मैं: अपना बदन देखो दीदी ..

क्या गदराया हुआ जिस्म है आपका… हर जगह से जवानी टपक रही है…. दीदी: आ फिर मनाले ने मेरे साथ सुहागरात.. चोद डाल अपनी दीदी.. भोग ले मेरा बदन. मैं: उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ दीदी.. बहुत चोदूंगा मैं आपको… आपकी बूर और गांड दोनों चोद चोद के फाड़ दूंगा. मैंने दीदी का पल्लू हटा दिया.. क्या नजारा था, फूटबाल के जैसे दो बड़ी बड़ी चूचियां ब्लाउज से आजाद होने की भीख मांग रही थी. मैंने दीदी को किश किया और उनकी चूचियों को दबाने लगा… मैं: उफ्फ्फफ्फ्फ़ दीदी… मस्त माल हो दीदी आप. दीदी: अजय अभी भी तू दीदी बोल रहा है. मैं: उफ्फफ्फ्फ़ दीदी बोल कर जो चोदने में मजा आएगा उसकी बात ही अलग है.. दीदी: अह्ह्ह्हह भाई.. ठीक है फिर ले ले मेरी जवानी का मजा.. जोर से मसल भाई. मैंने दीदी का ब्लाउज फाड़ दिया, उनकी चूचियां हवा में उछाल रही थी. मैंने दीदी की चूचियों को खूब चूसा और मसला. मैं दीदी के हर एक अंग को चुम रहा था.. फिर मैंने दीदी की साड़ी और पेटीकोट भी उतर दी. अब दीदी पूरी नंगी मेरे सामने थी. क्या खूबसूरत और गदराया जिस्म था. दीदी की बूर बहुत ही सुन्दर और चिकनी थी. दीदी अब तक वर्जिन थी, ये देखकर मैं बहुत खुस हो गया. मैंने दीदी की बूर को खूब चूसा और फिंगरिंग की. दीदी की बूर ने पानी छोड़ दिया.. दीदी अब चुदने के लिए बिलकुल तैयार थी. मैंने अपना ८” का लौड़ा दीदी की बूर में फिट किया और धक्का मार दिया. लंड दीदी की बूर को चीरता हुआ आधा घुस गया.. दीदी की आँखों में आंसू आ गए.. दीदी: आआह्ह्ह्हह …. उईईईईई … भाई बहुत दर्द कर रहा है… मैं: दीदी आज तुम्हारी सुहागरात है… आज थोड़ा सा दर्द करेगा… उसके बाद तुम चुदी चुदाई औरत बन जाओगी…. मैंने २-३ धक्को में पूरा लंड पेल दिया उनकी चूत मे. दीदी: अह्हह्ह्ह्ह….भाई… मर गयी मैं… मैं: बस दीदी थोड़ी देर और. ५ मिनट के बाद मैंने अपना लंड दीदी की बूर में अंदर बाहर करने लगा. अब दीदी को भी मजा आने लगा… दीदी: आअह्ह्ह्ह … ऊऊऊ …ईईईई ….भाई मजा आ रहा है.. मैं: दीदी आपको चोदने का सपना मैं कबसे देख रहा हूँ… ऐसी फटाका माल मेरे घर में थी और मैं चोद नहीं पा रहा था.. दीदी: ओह्ह्ह्हह्ह … भाई… ले ले फिर अपना मजा.. चोद मुझे…. मैं: उफ्फ्फ दीदी… क्या बड़े बड़े बॉल्स है आपके… इनको दबा दबा कर चोदने में बहुत मजा आ रहा है. मैं हर शॉट के साथ पूरा लंड अंदर पेल रहा था. घाचा घच लंड दीदी की बूर में अंदर बाहर हो रहा था… दीदी: अह्ह्ह्हह्हह भाई.. और तेज… मैं: दीदी… अब सम्भोग की पोजीशन में आ जाओ… दीदी ने अपनी जांघो से मेरी कमर को लॉक किया, मैंने दीदी को हग किया और अपना लंड उनकी बूर में फिर पेल दिया… अब मैं दीदी को किश करके चोद रहा था.. दीदी: अह्ह्ह्हह… भाई… तू अपनी बहन का ही सम्भोग कर रहा है… मैं: उफ्फफ्फ्फ़… दीदी आपके जैसी माल को चोदने में जो मजा है वो क्या बोलू. दीदी: ओह्ह्ह्हह …. उईईईईई …. फ़क मी अजय … गिव मी मोर..

मैं: अह्हह्ह्ह्ह दीदी.. मजा आ गया आपको छोड़कर.. दीदी: उईईईईई… भाई और चोद मुझे… अच्छे से भोग ले अपनी दीदी को… फ़क मी भाई पूरा रूम हमारी चुदाई की आवाजों से गूंज रहा था. मैं ताबड़ तोड़ दीदी को चोद रहा था. १ घंटे की चुदाई के बाद मैंने अपना मूठ दीदी की बूर में गिरा दिया. चुदाई के बाद दीदी बहुत खुस थी.. दीदी: भाई तूने आज खुस कर दिया. मैं: मजा आया दीदी? दीदी: हाँ भाई.. आज से तू मेरा पति बन गया… तूने मजा लिया ना पूरा? मैं: हाँ दीदी…आपकी गदरायी जवानी को चोद कर बहुत मजा आया.. दीदी आपकी गांड भी मारनी है मुझे… क्या मतवाली चुत्तड़ है दीदी आपकी! दीदी: वो बाद में अजय… उस रात मैंने दीदी को 4 बार और चोदा, पूरी रात हम सिर्फ चुदाई करते रहे.

More stories See all