सिर्फ चुदाई वाला रिश्ता
मेरे फ्लैट की ओनर का नाम था अदिति गोरा बदन बूब्स एकदम गोल मस्त प्यारी उभरी गांड । जब उसको पहली बार देखा था तो लंड कई रात सो नहीं पाया था। कमाल की खूबसूरत औरत थी वो। मैंने फ्लैट शिफ्ट किया था और नयी सोसाइटी में आ गया था जिसकी ओनर पुलिस में SP थी। एक दिन सैटरडे मॉर्निंग ९ बजे घर की घंटी बजी। और मै उठा ही था फ्रेश होके कॉफ़ी बनायीं थी और अखबार हाथ में लिया था। मै, अजय, गर्मियों में ऊपर कुछ नहीं पहनता था बस शॉर्ट्स में रहता था घर में। मैंने खुद को फिट रहा हुआ था।मैं रोज ७ km भागने वाला इंसान हूँ । परफेक्ट बॉडी थी मेरी एथलेटिक। मतलब ये समझ लो आप चुत जिसकी चाह लूँ उसकी ले लूँ । लड़किया मरती थी कॉलेज में मुझपे। कम से कम २५ लड़कियों ने। टीचर्स सीनियर जूनियर सबने मुझे चुत दी है। मतलब चोदने में PHD है मुझे । चुदने के बाद कोई चुत मुझे छोङ नहीं पायी है आजतक। घंटी बजी मैंने ऐसे ही आधे बदन में गेट खोला और देखा सामने फॉर्मल्स में एक हसीना खड़ी है। मै उसको देख के देखता ही रह गया और वो भी मुझे निहारने लगी। वो मुझे ऐसे देख रही थी जैसे बस अब लिपटी की तब लिपटी। बड़ी मुश्किल से मैंने नज़र हटाई और बोला अंदर आ जाइये। वो अंदर आयी मैंने गेट लॉक किया और उसका हाथ पकड़ के सीधे बैडरूम में ले आया है और उसको हल्के हल्के बेड पे चुम चुम के लिटाने लगा। और वो भी मुझे चूमने लगी। ऐसा लगा दोनों को ये करना है रीज़न बाद में खोज लेंगे। मुझे ये नहीं पता था अभीतक की वो मेरी ओनर अदिति है और जिसको मैं चोदुँगा वो पुलिस वाली है। हम दोनों एकदूसरे को बस चोदना चाहते थे और अदिति fuck at first साईट थी हम दोनों मस्त होके के एक दूसरे को चूमने लगे जल्दी जल्दी कपडे उतारने लगे एकदूसरे के। मतलब आप ये समझ लो एक लड़की जिसको मैं जानता नहीं उसको मिलने के सातवे मिनट मेरा लंड उसकी चुत में था। हमने दूसरे को नंगा किया और वो टांग खोल के लेट गयी और चुत पे हाथ फिराने लगी। मैने लंड चुत पे सेट किया और उसको लंड से सहलाने लगा। लंड के टोपे को चुत की दरार में रगड़ने लगा। अदिति आँखे बंद करके मस्ती में सिसकारी भर रही थी। फिर मैंने हल्का लंड अंदर डाला और चूँचिया पीने लगा और एकदम से एक झटके में लंड चुत में उतार दिय। वो दांत पीस के तकिया नोचने लगी इतना दर्द था उसे। मगर एक आवाज नहीं निकली और पूरा दर्द झेल गयी।यहाँ मेरा लंड बिलकुल कंडोम की तरह चुत से चिपका था इतनी टाइट चुत थी की बहुत मुश्किल से पूरा घुसा था। मैं उसको चूमने लगा और हल्का हल्का झटका देने लगा प्यार से। जो दर्द दे रहा था। क्यूंकि उसकी चुत बहुत टाइट थी और मेरा लंड उसकी चुत के लिए लोहे की मोटी पिस्टन था। अब मुझे उसको मजे देना था और उसके लिए चुत फाड़ना बहुत जरुरी है। अब मैंने अपना रौद्र रूप लिया और उसको तड़पा तड़पा के चोदना शुरू किया। १ मिनट में वो चुत पे कमसे काम १२० थपेड़े खा रही और इस तरह मैंने उसको १२ मिनट चोदा वो झड़ गयी । मैं उसको चोदता रहा और वो ७ मिनट में गरम हो गयी। उसके बाद हम दोनों ने एकदूसरे को बेशर्म होके ४५ मिनट चोदा। अब अदिति जोर जोर से आहे भर के चुद रही थी और हम दोनों एक साथ झड़ गए । और लिपट के किश करके थैंक यू बोलने लगे बिना बोले और फिर १० मिनट लिपट के सोये रहे और फिर अलग होके कपडे पहनने लगे। फिर मैंने पुछा कॉफ़ी तो बोली yes और वाशरूम में हुलिया अपना सही करने गयी। हम दोनों ने एकदूसरे को चोद तो दिया था मगर अभी hi हेलो नहीं हुआ था। ना ही मुझे पता था वो कौन है। ना ही उसने अभी अपना परिचय दिया था। मै कॉफ़ी बनाने लगा सिगरेट पीते पीते और अदिति फिर से टंच माल बन के आ गयी। उसको दुबारा देख के मैं पागल हो गया ऐसी ठरक जगी की कॉफ़ी बनाना छोड़ मैंने उसको बाहो में भर लिया और उसकी शर्ट की बटन खोलने लगा। कमाल की बात थी इस बार भी अदिति ने कुछ नहीं बोला और आराम से बटन खुलवाने लगी। अपनी चुत लंड पे चिपकाने लगी। गज़ब भूखी थी अदिति । मैंने बटन खोलके उसकी चूँचिया काटने लगा ब्रा के ऊपर से उसको चूसने लगा। अदिति ने दोनों हाथो से शर्ट पकड़ के मुझको शर्ट से ढक दिया। मै चूचिया चूसता रहा और फिर उसको उठा के सोफे पे गिरा दिया और ब्रा निकाल दी। उसकी गोरी सुडौल चूँचिया मेरे सामने थी क्या करता। जैसे छोटा बच्चा निप्पल चूसता है चूसने लगा और वो मस्त होके मुझसे चूँची चुसवाने लगी। उसके बाद उसने मेरे कपडे उतारे और खुद पूरी नंगी हुयी और हम दोनों ६९ पोजीशन में आ गए। मै अदिति की रसीली चुत को फैला फैला के जीभ से उसका रस पीने लगा । और अदिति मेरे लंड को लॉलीपॉप समझ जीभ फिर फिर चूस रही थी। हमारा ये रसपान ३० मिनट चला और फिर अदिति ने मुझे लिटा के ऊपर आ लंड चुत पे सेट किया और बैठ गयी।और लेट के मुझे चूमने लगी और मुझे चोदने लगी। कमाल की घुड़सवार थी अदिति उसने मेरे लंड की सवारी कर मुझे थका दिया था।मै झड़ गया। उसकी चुत मेरा पूरा रस निगल गयी।अब मैंने उसको हटाया और बैठ गया और उसका सर पकड़ के लंड पे झुका दिया। वो बिना कुछ बोले फिर मेरा लंड चूसने लगी और फिर से लंड में जान डालने लगी। मै बैठा बैठा लंड चुसवाते हुआ सिगरेट पी रहा था और अदिति को रांड वाली फील दे रहा था। लेकिन अदिति को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था और वो लंड चूसने में बिजी थी। वो मेरा पूरा लंड मुँह में नहीं ले पा रही थी । काफी बड़ा था उसके लिए और मोटा भी। अब मैंने सिगरेट बुझाई और दोनों हाथो से उसके बिखरे बालो की चोटी बनायीं और उसके सर को लंड पे दबाया और नीचे कमर से धक्का दे मुँह में लंड पेला। वो आधा लंड ही ले पायी और आँख से पानी निकलने लगा और झटपटाने लगी । मैंने लंड बहार निकाल लिया और अपने ओठ उसके ओठ पे रख उसको प्यार से चूमने लगा। मै उसके रसीले ओंठ १० मिनट तक चूसता रहा। फिर उसको घोड़ी बनाया और लंड से उसे दौड़ाने लगा। मेरे धक्कों से उसकी चूँची मस्त हिल रही थी और आपस में टकरा रही थी। मै चोदत चोदते एक हाथ से उसकी चूँची मसल देता था। वो मस्त होके आहे भर रही थी । अब मै रुका और लंड से उसको सोफे पे चिपका दिया और अदिति को लिटा पीछे से चोदे जा रहा था । मेरा लंड उसकी गोरी चुत को चौड़ा कर रहा था । अब मैने उसको खड़े होके उठा लिया और लंड पे रख के हवा मे चोदने लगा। चोदते चोदते लेके उसको सोफे पे बैठ गया वो अब वो मस्त उछल उछल मेरे लंड को पुरा निगलने लगी । मै उसके बूब्स दबा दबा के पीने लगा और अदिति चूँची चुसवा चुसवा चुदने लगी। 2 घंटे की उस चुदाई मे मैने अदिति को पुरा खोल दिया था। वो हाफ हाफ के मुझसे चुद रही थी। अब मैने उसको नीचे फर्श पे लिटा दिया और उसकी टाँगे फैला चुत पे गोले दागने लगा और रेलगाड़ी चला के उसको 20 मिनट जबरदस्त चोदा। वो अकड़ गयी और उसकी चुत पानी छोड़ने लगी और वो झड़ गयी। उसकी चुत से गरम तपता लावा निकल रहा था। मेरा लंड ये गर्मी सह नही पाया और झड़ गया। मैने उसकी चुत पुरी अपने माल से भर दी और हम दोनो अलग हो बैठ के सुस्ताने लगे। अजीब सन्नाटा था कोई कुछ नही बोल रहा था। ठरक की पराकाष्ठा थी आज हम दोनो की चुदाई। बिना बात किये ।बिना जाने हम दोनो एक दूसरे को 2 बार चोद चुके थे । मैने उठ के कॉफ़ी बनायीं और दोनो नंगे बैठ के पीने लगे। कॉफ़ी पी के मैने शॉर्ट्स पहना और अदिति ने खुद को ठीक किया ।