हुस्न की परी मेरी भाभी की चुदाई
नमस्कार दोस्तो! मैं आकाश, आपका इस कहानी में वेलकम करता हु. इस साइट की कहानिया में कई सालो से पढ़ता आ रहा हूं. कई बार कहानिया फेक लगती हैं मगर कुछ रियल सेक्स स्टोरी भी होती हैं. सेक्स कहानियां पढ़ने में मुझे मजा बहुत आता है. मेरी भाभी, जो की मेरे बुआ के लड़के की पत्नी है. उस्के साथ सेक्स की कहानी में आज आप लोगो के साथ शेयर करने जा रहा हु. कहानी को शुरू करने से पहले मैं आप लोगों को अपने बारे में बता देता हूं. मैं एक 21 साल का नवयुवक हूं. मेरा शरीर नार्मल हे न जयादा मोटा न जयादा पतला है. मेरी हाइट 5.10 फीट है. और मैं आगरा में रहता हूं. लंड के साइज़ का तो मैंने कभी नाप लिया नहीं है. इसलिए मैं यहां पर साइज नहीं लिख रहा हूं. किंतु मुझे इतना पता है कि मैं किसी भी औरत या लड़की को बिस्तर पर खुश कर सकता हूं. जैसे मैं अपनी प्यारी भाभी को करता हु. यह कहानी मेरे और मेरी भाभी के बीच में है. मेरी भाभी का नाम रानी (बदला हुआ) है. उनका साइज 38-34-36 का है. वह एक सेक्सी बदन की मालकिन है. मेरी भाभी की उम्र 34 साल है. अब जयादा बोर न करता हुआ कहानी पे आता हु. दोस्तों जैसा की मैंने आपको बताया की मेरी सेक्स कहानिया पढ़ने की वजह है मेरी भाभी. इसलिए मुझे जयादातर भाभी सेक्स स्टोरी ही पढ़ना पसंद है. मेरी बुआ का घर हमारे घर से 50km दूर एक कसबे में है. और वही भैया और मेरी प्यारी बाला की खूबसूरत रानी भाभी रहती है. दोस्तों क्या ही बताऊ उस हुस्न की परी के बारे में. एक दम दूध जैसा सफ़ेद रंग, भरा हुआ शरीर, रेड साडी में एकदम हुस्न की परी लगती थी. भाभी की शकल कुछ माधुरी दीक्षित जैसी लगती है. तो आप लोग अंदाजा लगा सकक्ते हो. और लगभग फिगर उसी के जैसा है. मेरे भैया की शादी को 14 साल हो चुके है और उनका एक बच्चा है. एक बार भाभी घर का कुछ सामान लेने के लिए आगरा आयी. क्युकी कसबे में लिमिटेड मार्किट होता है. तो लौटते में काफी रात हो गयी थी. तो भाभी रात को रुकने के लिए हमारे यहाँ आ गयी. हमारे घर में 3 रूम है और मैं अपने मां और पापा के साथ रहता हु. तो उस दिन पापा एक रूम में सो गये और में भाभी और मम्मी एक रूम में सोने वाले थे. भाभी ने आ के अपने कपड़े चेंज करके एक पिंक कलर का गाउन पेहेन लीया. और उन्होंने ब्रा और पेंटी भी नहीं पहनी थी. ये बात मुझे बाद में पता चली थी. उस रूम में एक बैड पे मम्मी और भाभी लेटी हुयी थी. मैं एक फोल्डिंग पलंग पे लेटा हुआ लेपटॉप मे मूवी के बहाने भाभी हे क्लीवेज देख रहा था. दोस्तों तब गर्मियों का टाइम था और कूलर की हवा सिर्फ बैड पे ही आती थी. तो भाभी ने बोलै, “आकाश, तूम वह क्यों सो रहे हो? गर्मी लग रही होगी. यहाँ आ के लेट जाओ.” और मै तो इसी बात का इंतजार कर रहा था. मै बैड कै कॉर्नर में जा के लेट गया. मेरे बगल में भाभी लेटी हुई थी जिनके बदन की खुशबू मुझे पागल कर रही थी. मन कर रहा था की अभी चिपक जाऊ भाभी से. भाभी के बगल में मम्मी लेती हुयी थी. थोड़ी देर बाद मम्मी और भाभी बाते करके सो गयी. मैंने भी लेपटॉप बंद कर दिया पर मुझे नींद कहा आने वाली थी? मेरे मन में भाभी के नाम के लड्डू फुट रहे थे. फिर मैंने सोचा की कोशिश करता हु. मैंने धिरे से अपना हात भाभी के हात पे रख दिया और सहलाने लगा. कुछ देर बाद हात थोड़ा दबा दिया. भाभी का कोई रिएक्शन नहीं आया. मुझे डर लग रहा था पर इसके बाद मेरी हिम्मत और बढ़ गयी. मैंने भाभी की तरफ करवट ले ली. भाभी सीधी लेती हुयी थी. मैंने अपना चेहरा भाभी के और करीब ले गया जिसे में भाभी के बदन की खुशबु से और मदहोश होने लगा. उसके बाद मैंने अपना हात भाभी के पेट पे रख के सहलाने लगा. और धीरे धीरे अपने हात को उनके बूब्स की तरफ ले गया और उनकी चूची दबाने लगा. दोस्तों कमरे में बहुत अँधेरा था तो ये सब मम्मी नहीं देख सकती थी. भाभी ने ब्रा नहीं पहनी हुयी थी. भाभी के एक दम कसे हुए बूब्स दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था. मैं हलके हात से दबा रहा था दोस्तों मुझे मेरी सेक्स स्टोरीज पढ़ने के अनुभव से लगा की भाभी जाग रही है और नाटक कर रही है. क्युकी भाभी की तरफ से अभी तक कोई रिएक्शन नहीं आया था. फिर मेरी हिम्मत और बढ़ गयी. फिर मैंने धिरे धिरे भाभी के गाऊन को उनकी गोरी चिकनी जांघो तक ले के आया. फिर भाभी की गुलाबी चुत तक और धीरे धीऱे उनकी चुत मे ऊँगली करने लगा. भाभी की चुत बहुत कसी हुई थी. मुझे यकीं नही हो रहा था थी उनके 1 बचे होने के बावजूत भी उनकी चुत इतनी कासी हुयी है. फिर जब मैं भाभी की चुत में ऊँगली कर रहा था तब वो एकदम से जाग गयी. और मुझसे चिपक गयी. मैं भी उनसे चिपक गया. मुझे यकीन हो गया था की भाभी जगी हुयी थी. पर कुछ 15 सेकंड बाद भाभी एकदम मुझसे अलग हो गयी और बोली, “मुझे लगा ये है.” (हमारे में पती का नाम नहीं लेते है) मै डर गया क्युकी भाभी गहरी नीद में सो रही थी. इस लिए रियेक्ट नहीं कर रही थी. मुझे लगा अब भाभी मां को सब कुछ बता देंगी. भाभी मुझसे दूर हुयी, फिर बोली. भाभी: तुम ये सब क्या कर रहे थे? मै: भाभी, सॉरी आगे कभी नहीं होगा, सॉरी भाभी सॉरी. भाभी: मैं भाभी हु तुम्हारी बीबी नहीं. मै: सॉरी भाभी, मै आपको बहुत टाइम से लाइक करता हु इस लिए हो गया. भाभी: तुम्हारी मम्मी से बोल के शादी करनी पड़ेगी. बड़े हो गये हो. मै: सॉरी भाभी. भाभी: ठीक है अब सो जाओ चुप चाप सुबह देखती हु तुमको. दोस्तों भाभी मेरी तरफ फेस करके ही लेटी रही. और मै और भाभी इतने करीब थे की हम दोनों एक दूसरे की सासे सुन सकते थे. फिर भाभी ने 1 मिनट बाद एक हाथ मेरे हाथ से टच करके बैड पे रखा. तो मुझे लगा एक बार और ट्राय मरता हु. मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और अपने हॉट उनके हॉट पे ले जा के टच कर दिए. भाभी ने अपनी आँखे बड़ी कर ली और भाभी 10 सेकंड मेरी आखो में देखती रही. फिर अपना चेहरा दूर करके बोली. भाभी: में इनसे बहुत प्यार करती हु. नहीं, सो जाओ सांति से नहीं तो मम्मी जाग जाएगी. फिर मैंने सोचा अब ठीक नहीं है मम्मी जाग सकती ही. फिर मैं भाभी के हाथ के ऊपर हाथ टच करके लेट गया. नींद तो आने नहीं वाली थी. सुबह के 4 बजने का इंतेज़ार करने लगा. मैंने अभी भी हार नहीं मनी थी. क्युकी जब मैंने भाभी को किस किया था तो मैंने उनकी आखो में सेक्स की भूख देखी थी. दोस्तों मेरी मां थोड़ी गहरी नींद में सोती हे और रोज सुनह 4 बजे उठ जाती है. 5 बजे मंदिर चली जाती है और सुबह 7 बजे तक आती है. और पापा भी तभी सो के उठते है. फिर जैसे ही सुबह के 4 बजे मम्मी का अलरम बजा. और उन्होंने मुझे उठा के बोली की रूम की कुण्डी अंदर से लगा ले. दोस्तो जिस रूम में हम सोये हुए थे वो ऊपर था. और रूम के बाहर खुली छत थी. इसलिए हम उस रूम को सुबह अंदर से बंद ही रखते थे. में उठा और दरवाजा बंद करके अंदर से कुण्डी लगा दी. मैं इसी टाइम का वेट कर रहा था. अलार्म की आवाज से भाभी भी उठ गयी थी. मैं वापस अपनी जगह पर लेट गया और अपना फेस भाभी की तरफ किया. भाभी का फेस पहले से मेरी तरफ ही था. वो आँख बंद करके सोने का नाटक कर रही थी. मैं: भाभी सॉरी. भाभी ने आखे खोलके बोली. भाभी: बड़े हो गए हो अब तुम. चलो इस उम्र में ये गलती हो जाती है. कोई बात नहीं आगे से ध्यान रखना.