Kaamagni.. Ye Aag Kab Bujhegi – Part I
Hindi Chudai Kahani
Kaamagni.. Ye Aag Kab Bujhegi – Part I मेरे प्यारे दोस्तों में आपका प्यारा दोस्त.. डॉ. विकी, आपको एक कामुकता से प्रज्वलित कहानी एक बिलकुल नए अंदाज़ में सुनाने जा रहा हु। मेरे सेक्स के शोकीन दोस्तों ये कहानी कोई हकीकत नहीं केवल कहानी ही समजना जिसके माध्यम से मेने अपने तन मन में कितनी अन्तर्वासना और सेक्स की आग होती है उसका शाब्दिक चितरण किया है। दिल में जब कामाग्नि प्रजवल्लित होती है तो क्या महसूस होता है। मेरी ये पूरी कोशिश है के जब काम की आग लगती है तो में या कोई भी पूर्ण मर्द या औरत क्या महसूस करते है यह महसूस इस कहानी के माध्यम से आपको कराऊँ। में इस कहानी के द्वारा हम मर्द या औरतो को काम की अग्नि कैसे और कितना जलाती है ये आपको बताने की यह मेरी छोटी सी कोशिश है। आप कृपया शब्दों को महसूस कीजिये.. प्रतिबिंब अपने आप दिल पर पड़ेगा.. हा और कुछ हो ना हो पर इस कहानी को पढ़ मेरी फेन भाभियों को यातो किसीसे चुदवाना पड़ेगा यातो फिर अपनी चूत और चुचियो में लगी आग को अपनी ऊँगली या हथेलियों से सहलाकर अथवा चूत को अपनी तेज ऊँगली से कुरेद कुरेद के बुजानी पड़ेगी। आपको पता है? कामसूत्र के मुताबिक पुरुष की अपेक्षा स्त्रियों में ८ गुना कामेच्छा यानि सेक्स की इच्छा ज्यादा होती है!!! वो कैसे? इसके लिए आपको यह कहानी ध्यान से पढनी होगी.. यह कहानी अगर आपके अन्दर आग ना लगा दे तो मेरा नाम विकी नहीं। अगर इस कहानी पढने के बाद में किये जानेवाला सेक्स अगर आपका आनंद चारगुना करदे तो में आप से केवल एक मेल की उम्मीद करता हु, इतना तो मेरे दोस्तों आपसे मेरा हक बनता है, अब कहानी की और… पहले में सक्षिप्त में अपने किरदारों से आपकी दोस्ती करा दू… में साहिल राजकोट में रहता हु और १८ साल की जवानी का अमृत बस अभीअभी मैंने अपने होंठो पे रखा है वर्ना में एक मासूम सा बच्चा था। आज में पूरा मर्द ५-७ ऊँचा, हन्द्सम, ताम्बे सा लाल बदन, 36-37 का चौड़ा एवम मजबूत सीना, उसपे मस्त घने घुंघराले रींछ जैसे बाल, मजबूत बाहै जिसमे शमाने की ख्वाइश जवानी से भरपूर हरएक औरत में होती है। अबतक तो में मासूम बचपन की गोद से निकला ही था की अचानक ही मुझे मर्द होने का एह्सास दिलाया गया। किसीकी कामना मन में हुई तो उसका असर दिल दिमाग और मेरे लोहै से मजबूत लंड पे पड़ा। एक अजीब सी सिरहन तेजी से मेरे लंड तक पहुची तो मेरे लंड ने अचानक अंगड़ाई ली और लोहा बनने लगा। अब्ब मुझे लंड के मायने समज में आने लगे। दोस्तों…अल्लाह या भगवान ने इन्शान को लंड और चूत भेट देकर कितना उपकार किया है यह मुझे गुजरे तीन हप्तो में महसूस हुआ.. मेरी प्यारी सहैलियों.. मेरा लंड जब ऊपर उठता है तो करीब 6-6.5 इंच लम्बा और 1-1.5 इंच चौड़ा होता है और मेरा सुपाडा ओह्ह्ह माय गोड जैसे नैनीताल का आलू या टमाटर।