Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 8
Hindi Chudai Kahani
This story is part of the Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti series समय बीतते मुझे महसूस होने लगा की अजित हमारी चुदाई के बाद से मुझे हीन नज़रों से देखने लगा था। वह मुझ पर अपना अधिकार जमाने की कोशिश करने लगा था। उसे लगा की जैसे मैं उसकी बपौती संपत्ति हूँ। मुझे यह कतई मंजूर नहीं था। मैं एक सम्मान के काबिल स्वतंत्र प्रोफेशनल महिला था। एक रात के वाकये से इंसान बदल तो नहीं जाता? मैंने कई बार अजित को बताने की कोशिश की जो उस रात को हुआ वह आवेश में हुआ था। उसे पीछे छोड़ कर हमें आगे बढ़ना चाहिए। मैं कोई राँड़ नहीं थी। पर अजित का मेरी तरफ रवैया नहीं बदला। वह मेरे साथ वही अपमान जनक तरीके से बात करने लगा। तो फिर मैंने तय लिया की अजित से नाता तोड़ दिया जाए। इतना ही नहीं, वह मुझसे अशिष्ट भाषा में बात करने लगा था। मुझे अपमान जनक शब्द वह आम बोलने लगा था। मुझे लगा की अजित को पहले से ही मुझे नियत्रण में रखना चाहिए था। पर तीर कमान से निकल चुका था। तीसरी बार अजित बिना बुलाये घर आ गया। वह काफी शराब पिए हुए था और मुझसे बड़ा ही अपमान जनक व्यवहार करने लगा और मुझे बड़े भद्दे शब्दों में गालियाँ देने लगा। उस रात अजित ने मुझ पर जबर दस्ती की। मेरे काफी मना कर ने पर भी उसने नशे में ही मुझे चोदा और मैंने उससे चुदाई तो करवाई पर मैंने तय किया की उस रात के बाद मैं अजित से कोई सम्बन्ध नहीं रखूंगी। मैंने उसे सुबह जाते हुए कह दिया की अब हम नहीं मिलेंगे। उस रात के बाद मैंने उसके फ़ोन लेना बंद कर दिया। फिर भी वह मुझे फ़ोन करने से बाज नहीं आया तो मैंने उसे धमकी दी की अगर वह मुझे फ़ोन करेगा तो मैं पुलिस में शिकायत कर दूंगी। उसके बाद उसके फ़ोन आने बंद हो गए और उसके बाद हम नहीं मिले। उसके कई मैसेज आये। मैंने उसे एक ही मैसेज दिया की मैं अब उसमें इंटरेस्टेड नहीं हूँ। उस रात के बाद मैं शाम को घर आते डरती थी। पर मुझे अजित ने और परेशान नहीं किया। मैंने मेरे ऑफिस जाने का समय भी बदल दिया। मैं अजित से दूर रहना चाहती थी। ऐसे ही कई महीने बीत गए। मुझे अजित नहीं दिखा। शायद उसने घर या जॉब बदल दिया था। अजित से चुदवाने के बाद मेरी चूत कुछ दिनों के लिए तो शांत हुई, पर फिर तो उसकी भूख और भी बढ़ गयी। मैं अब अपने पति की और से निश्चिंत हो चुकी थी। बल्कि मुझे उनसे बदला लेना था। मेरे पति को मुझ में कोई रस नहीं रहा था। मेरी चूत में बड़ी मचलन हो रही थी। मुझे किसी मोटे लण्ड से चुदवाने की ललक बढ़ गयी थी। जाते आते और ऑफिस में भी मुझे कई वीर्य वान और सुन्दर बदन वाले पुरुष हर रोज ताड़ते रहते थे। शायद उनके मन में भी मुझे चोदने की इच्छा जरूर छिपी हुई होगी। यह सोच कर मेरी दबी हुई सम्भोग की इच्छा भड़क उठी। मैं रोज रात को किसी ना किसी पुरुष से सम्भोग के सपने देखने लगी।