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Sanjha Bistar, Sanjhi Biwiyan – Episode 6

Story Hindi 5 pages 14 years ago

Sanjha Bistar, Sanjhi Biwiyan – Episode 6
Hindi Chudai Kahani
This story is part of the Sanjha Bistar, Sanjhi Biwiyan series दूसरे दिन राज ने सारी बातें विस्तार से कमल को सुनाई। कमल ने राज की कही सारी बातें सुनी। उसे सुनकर कमल को कोई आश्चर्य नहीं हुआ। कमल ने कहा, “राज तुम ज़रा भी हौसला मत खोना और चिंता मत करो। तुम ठीक जा रहे हो। आगे देखते जाओ, क्या होता है। अब तुम एक काम और करो। तुम भाभी से सेक्स करते समय उसे ऐसी कल्पना करने को कहो की वह तुमसे नहीं कोई और पुरुष से सेक्स कर रही है। उसे ऐसा नाम सोचने को कहो जिसे वह जानती हो और जिस को वह पसंद करती हो।” फिर कमल ने राज का अगला कदम क्या होगा उसके बारेमें विस्तार से बताया। बात होने के एक दिन बाद रात में राज ने सहज रूप में ही अपनी बीबी रानी से पूछा, की पिछली रात वाला वीडियो कैसा लगा? तो रानी ने कहा, “देखो, सोचने में तो यह बड़ा लुभावना लगता है, और तुम जो चाहे कहो, पर ऐसा वास्तव में हो नहीं सकता। मेरे साथ तो कतई नहीं। गैर मर्द के बारे में तो तुम सोचना भी मत। मैं कोई ऐसी वैसी औरत नहीं हूँ। कमाल करते हो। तुमने क्या सोचा की मैं किसी भी गैर मर्द से ऐसे ही चुदवाने के लिए तैयार हो जाउंगी? नहीं जी नहीं, यह नहीं हो सकता।” राज अपनी बीबी की बात सुनकर निराश हो गया। उसे लगा की उसके प्लान पर उसकी बीबी ने ठंडा पानी डाल दिया था। वह सोच में पड़ गया। तब अचानक उसे रानी की दो बातें सूचक लगी। पहले तो रानी ने कहा “देखने में तो यह सब लुभावना लगता है।” इसका मतलब यह हुआ की रानी को दो मर्दों से चुदवाने वाली बात लुभावनी लगी। दुसरा जब रानी ने यह कहा की , “मैं कोई ऐसी वैसी औरत नहीं हूँ जो किसी भी गैर मर्द से ऐसे ही चुदवाने के लिए तैयार हो जाउंगी।” इसका मतलब रानी ने यह कहा की वह किसी ऐरे गैरे से चूदवाने के लिए नहीं तैयार होगी और वह वैसे ही नहीं मानेगी। वह एक इज्जतदार औरत है और अपनी इज्जत आसानी से किसी ऐरे गैरे के साथ दाव पर नहीं लगा सकती। पर जो रानी ने नहीं कहा वह यह था, की अगर कोई ख़ास व्यक्ति हो तो वह तैयार हो सकती है और उसे काफी मनाना भी पडेगा। शायद बातों बातों में ही रानी ने मना करते हुए भी इशारा कर ही दिया की वह मान सकती है। उसे किसी और से चुदवाना लुभावना तो लगता है, लेकिन वह आसानी से मानने वाली नहीं है। उसके पीछे काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। सबसे ज्यादा सूचक रानी ने यह इशारा किया की वह किसी साधारण व्यक्ति को अपना सर्वस्व समर्पण नहीं करेगी। तब राज ने बड़े ही प्यार में धीरे से रानी से कहा, “ठीक है। चलो मैंने तुम्हारी बात मान ली। तुम किसी से हकीकत में चुदवाना नहीं चाहती हो तो न सही।

पर मेरा मन रखने के लिए मेरी उत्तेजना के लिए ही सही, तुम जब मुझसे चुदवाती हो तो तुम्हारा मन पसंद कोई भी गैर मर्द से चुदवाती हो ऐसा नाटक तो तुम कर सकती हो न? मुझसे चुदवाते समय तुम मुझे उस गैर मर्द के नाम से बुला तो सकती हो न? उसमें तो तुम्हें कोई एतराज नहीं होना चाहिए?” थोड़ा सोचने के बाद रानी ने कहा, “चलो ठीक है। जब तुमने मेरी बात मान ली है तो फिर तुम्हारे लिए मैं इतना तो कर सकती हूँ। ” राज ने कहा “तो फिर बोलो, तुम्हारा मन पसंद पराया मर्द कौन है? तुम कल्पना मैं किस मर्द से चुदवाना पसंद करोगी? मुझे किस नाम से बुलाना पसंद करोगी?” रानी ने कहा, “जब कल्पना ही करनी है तो कोई भी नाम ले लो, चलेगा। संजय, धनञ्जय, सुरेश, रमेश कोई भी नाम लो, क्या फर्क पड़ता है? तुम बताओ। तुम जो कहोगे मैं वही नाम से तुमको बुलाऊंगी। असल में तो तुम ही मुझे चोदोगे ना?” राज ने कहा, “हाँ, चोदुँगा तो मैं ही। पर तुम मुझे ऐसे वैसे नाम से नहीं बुलाओगी, ऐसा वैसा कोई भी नाम नहीं चलेगा। कल्पना में ही सही पर चोदने वाला एक जाना हुआ और तुम्हारा पसंदीदा व्यक्ति होना चाहिए। मान लो की तुम्हें मजबूर किया जाए की तुम्हें तुम्हारे पति के अलावा जाने पहचाने मर्दों में से किसी एक से चुदवाना ही पडेगा तो तुम जिसे पसंद कर सकती हो ऐसा व्यक्ति होना चाहिए। वह ऐसा होना चाहिए की तुम दूसरों के मुकाबले उससे चुदवाना पसंद करोगी। तभी तो तुम्हें कल्पना में उससे चुदवाने का असली मजा आएगा न? तो फिर बोलो तुम्हारा पसंदीदा मर्द कौन है?” रानी सोच में पड़ गयी। “मेरे पसंदीदा मर्द? वैसे तो कई हैं, मेरे रिश्तेदार। पर यहां बात तो चुदवाने की है। रिश्तेदार नहीं चलेंगे। सेक्स करने के लिए किसको पसंद करना है? मेरे दोस्तों के पति जैसे नविन, सूरज, राजन। मुझे कोई नहीं जँचता। तुम्हारे दोस्त को देखते हैं जैसे रवि, सुरेश, सागर। सब वैसे ही हैं। नहीं इनमें से कोई नहीं। सब के सब फ़ालतू हैं। और चन्दन और कमल भैया? कमल भैया?” रानी कमल का नाम बोलकर अचानक कुछ पल चुप रह गयी फिर बोली, “नहीं, कमल भैया नहीं कमल भैया अच्छे तो हैं, पर…. यार, यह तो बड़ी समस्या है। तुम जानो बाबा। तुम तो सबको जानते हो। चलो जो तुम कहोगे वही नाम ले लुंगी। बस? अब तो खुश हो?” रानी ने झिझकते हुए कहा। “कमल का नाम तो तुम्हारी जुबान पर आ ही गया है, तो फिर कमल का ही नाम ले लेते हैं। कमल तो तुम्हें पसंद है ना? तुम्हें कमल भैया से चुदवाने में तो कोई एतराज नहीं है ना?” राज ने पट से पूछा। जब रानी ने गुस्से से राज की और देखा तो राज ने सहम कर बोला, “अरे भाई सिर्फ कल्पना में।” रानी थोड़ी देर के लिए चौक गयी। उसके चेहरे पर दुविधा साफ़ नजर आ रही थी। पर क्या बोले? उसके खुदके मुंह से कमल का नाम निकल गया था। और फिर उसने तो कह दिया था की कोई भी नाम चलेगा। तो अब तो मानना ही पडेगा।

फिर अपने आपको सम्हालते हुए बोली, “कल्पना ही तो करनी है ना? ठीक है। क्या फर्क पड़ता है? कोई भी नाम ले लो। कमल भैया का नाम भी ठीक है।” राज ने कहा, “देखो यह गड़बड़ है। कल्पना में ही सही, पर जब तुम कमल से मानसिक रूप से चुदवाने के लिए तैयार हो ही गयी हो तो कमल को कमल भैया मत कहो। समझो की अब मैं कमल हूँ। मुझे भैया कह कर मेरा मूड मत खराब करो। मुझे सिर्फ “कमल” कह कर ही बुलाओ और बोलो, कमल मैं अब तुमसे चुदवाना चाहती हूँ। मेरे पति राज से तो मैं रोज चुदती हूँ पर आज कमल मुझे चोदेगा।” रानी बड़े ही असमंजस में पड़ गयी। उसने सोचा नहीं था की बात ऐसा रुख ले लेगी और कमल भैया का नाम बिच में आ जाएगा। और फिर कल्पना में ही सही पर अपने पति को कमल भैया समझ कर उन से चुदवाना पडेगा और चुदवाते हुए अपने पति को कमल कह कर बुलाना पड़ेगा। रानी को लगा की उसके पति ने उसको अपने जाल में ऐसा फाँस लिया था, की अब वह उस चंगुल में से निकल नहीं सकती थी। दूसरी तरफ रानी ने महसूस किया की उसके मन में कोई अँधेरे कोने में पनप रही कमल की और वासना की चिंगारी को जैसे उसके खुद के पति ने हवा देना शुरू किया हो। रानी की चूत में से बरबस ही रस चूने लगा। उसने सोचा, चलो सिर्फ कल्पना ही तो करनी है? जब बात इतनी आगे बढ़ ही गयी थी तो फिर पति की बात माननी तो पड़ेगी ही। थोड़ा सा हिचकिचा कर रानी ने राज का लण्ड अपने हाथ में लिया और बोली, “ठीक है। चलो मैं तुम्हें कमल कह कर ही बुलाऊंगी।” फिर बोली, “कमल, आज मैं तुमसे सेक्स करना चाहती हूँ। मेरे पति राज तो रोज मुझ से सेक्स करते हैं। मुझे अब राज से सेक्स करने में मजा नहीं आता। आज तुम मुझसे सेक्स करो।“ तब राज ने झल्ला कर चिल्लाते हुए कहा, “मेरी रानी, यह क्या सेक्स सेक्स लगा रखा है? जैसे तुम मुझे कहती हो ना की चोदो मुझे। तो समझो की मैं कमल हूँ और तुम कमल से चुदवा रही हो। खुल जाओ। अब खुल्लम खुल्ला बोलो की कमल, मैं आज तुमसे चुदवाना चाहती हूँ। तुम मुझे चोदो।” राज की ऊँची आवाज से उसकी बीबी रानी थोड़ी सहम गयी और बोली, “राज तुम मुझे परेशान कर रहे हो।” राज ने तब रानी को प्यार से धीरे से कहा, “डार्लिंग, हम सेक्स में कुछ उत्तेजना पैदा करना चाहते हैं न? तो क्या तुम मेरा साथ नहीं दोगी?” तब फिर रानी ने कहा, “गुस्साओ मत। मैं कह रही हूँ न?” राज ने अपनी बीबी के गाल पर चुम्मी की तो वह बोली, “मैं कुछ इधर उधर बोल गयी तो तुम बुरा तो नहीं मानोगे ना?” राज ने अपनी बीबी रानी से हंस कर कहा की वह बिलकुल बुरा नहीं मानेगा। रानी: “कमल तुम्हारा लण्ड भी तो राज के जैसा ही है। आज मैं तुमसे चुदवाना चाहती हूँ। मेरे पति राज तो रोज मुझे चोदते हैं। मुझे अब राज से चुदवाने में मजा नहीं आता। आज तुम मुझे चोदो।

” राज की और देखते हुए रानी आँखें मटका कर बोली, “मेरे सेक्सी राजा, बस? अब तो खुश?” राज ने कहा “ऐसे नहीं, भाव से बोलो।” राज की बीबी रानी ने राज के ढीले लण्ड को जोर से हिलाते हुए कहा, “भाव तो तभी आएगा न जब तुम तैयार होगे? चलो पहले तुम अपना लण्ड कड़क करो और मैं बोलती हूँ।” फिर रानी ने बड़े प्यार से राज के लण्ड को कड़क करने के लिए हिलाते हुए कहा, “कमल तुम्हारा लण्ड तो गजब है। आज मैं तुमसे चुदवाने के लिए बाँवरी हो गयी हूँ। मेरे पति राज से चुदवा कर मैं अब ऊब चुकी हूँ। मुझे अब राज से चुदवाने में मजा नहीं आता। कमल आज तुम मुझे खूब चोदो। आज तुम मुझे ऐसे चोदो जैसे तुमने कभी किसीको नहीं चोदा। चलो अपना लण्ड खड़ा करो और मुझे चोदो। तुम्हारा यह मोटा लण्ड मेरी चूत में जल्दी डालो और उसकी भूख शांत करो।” रानी की बात सुनकर राज तो जैसे पागल सा हो गया। उसे लगा जैसे उसकी मेहनत सार्थक हुई। आखिर में कल्पना में ही सही, रानी कमल से चुदवाने के लिए तैयार तो हुई। उसके लिए यह बड़ी उपलब्धि थी। राज ने कहा, “सुनो डार्लिंग। अब मैं कमल हूँ। तुम सोचो की आज तुम कमल से चुदवा रही हो। यह मेरा लण्ड नहीं है। यह कमल का काफी बड़ा, मोटा और लंबा लण्ड है जो तुमने आज पहली बार देखा है। तुम उस लण्ड को अपनी चूत में डलवाने के लिए बेचैन हो। मेरी रानी तुम राज से हर रोज चुदवाती हो, तो आज जानेमन तुम मुझसे, कमल से भी तो चुद्वाओ। आज मेरा लण्ड भी तो चखो।” रानी ने भी उसे लहजे में जवाब देते हुए कहा, “हाँ मेरे कमल डार्लिंग। आज राज घर में नहीं है। वह बाहर गया है। आज मैं और तुम अकेले हैं। मैं कई दिनों से तुम्हारे लण्ड के बारे में ही सोच रही हूँ। कैसा होगा तुम्हारा लण्ड? राज कहते हैं तुम्हारा लण्ड काफी लंबा और मोटा है। मैं ज़रा देखूं तो सही?” रानी ने राज का कड़क लण्ड को अपनी उँगलियों में सहलाते हुए यह वाक्य ऐसे कहे की राज को ऐसे लगा की सचमुच वह अब कमल के साथ ही चुदाई करने जा रही हो। वह अपने नए रोल में जैसे डूब चुकी थी। राज रानी के ऊपर चढ़ गया। रानी ने फ़ौरन राज का लण्ड पकड़ कर अपनी चूत की पंखुड़ियों को थोड़ा फैला कर उनके के बिच टिकाया और राज के लण्ड को अपनी चूत पर थोड़ा रगड़ते हुए बोली, “कमल, आज मैं तुमसे कोई प्राथमिक खेला किये बगैर मुझे चोदने के लिए ही कह रही हूँ क्यूंकि मुझे तुम्हारे लण्ड का अनुभव करना है। मुझसे अब तुम्हारे चोदने में देरी सही नहीं जाती।” राज का लण्ड यह सुनकर एकदम लोहे की छड़ के समान खड़ा हो गया। रानी को अपने पति राज का लण्ड शायद रोज से ज्यादा ही लम्बा और मोटा लग रहा था। रानी ने जल्दी ही उसको अपनी चूत में घुसाया और राज को धक्के मारना शुरू करने के लिए इंगित किया। उस रात उन दोनों ने जमकर चुदाई की। और पूरी चुदाई के दरम्यान रानी उसे “कमल चोदो, कमल और जोर से” कह कर पुकारती रही।

राज को ऐसा लगा जैसे रानी अब राज को कमल ही समझ कर जोश से चुदवा रही थी। [email protected]

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