अफ्रीकन सफ़ारी लौड़े से चुदाई-8
कुछ ही देर में पीटर का दोस्त भी ऊपर आ गया और मुझे मेरी गाण्ड के आस पास कुछ मोटा मोटे लण्ड जैसा एहसास होने लगा था। क्योंकि मेरी गाण्ड पीछे की तरफ थी इसलिए अब्दुल आराम से अपना लण्ड घुसा सकता था।
और उसने ऐसे किया भी।
वैसे भी कौन भला इतनी चिकनी गाण्ड छोड़ सकता है।
उसने अपने लौड़े का मोटा टोपा मेरी गाण्ड से सटाया और पीटर ने मुझे पैरों के बल से उठकर घुटनों के बल झुका कर अपने ऊपर बिठा लिया ताकि अब्दुल को गाण्ड में लण्ड घुसाने में आसानी हो।
मेरी गाण्ड बिस्तर के बिल्कुल छोर पर थी इसलिए अब्दुल ने मेरी कमर पर अपनी हाथ रखा और अपना लण्ड धकेल कर मेरी गाण्ड में घुसाने का प्रयास करने लगा और उसे सफलता भी मिल रही थी क्योंकि मेरी गाण्ड के छेद को पीटर ने पहले ही बड़ा कर रखा था, और अब्दुल का लण्ड पीटर से थोड़ा छोटा था इसलिए वो तो आसानी से गाण्ड के अंदर जाने लगा था।
धीरे धीरे जैसे जैसे अब्दुल का लण्ड मेरे अन्दर घुस रहा था, मुझे धीरे धीरे दोनों लण्डों का एहसास हो रहा था, एक आगे और एक पीछे।
कुछ ही देर के भीतर जैसे ही अब्दुल का लण्ड मेरे गाण्ड में अच्छे से घुस गया, अब्दुल ने अपनी चुदाई शुरू कर दी और शुरू में प्यार से और धीरे धीरे गुस्से से मेरी गाण्ड को मारने लगा और मेरे कूल्हों को सहलाने लगा।
अब मुझे दर्द हो रहा था।
ऐसा नहीं था कि मैंने पहली बार दो लण्ड लिए हैं पर ऐसा पहली बार था जब मैं दो काले लण्ड जो चार लण्ड के बराबर हैं, वो आगे पीछे लिए हैं।
उधर अब्दुल अपनी गति बढ़ाये जा रहा था और पीटर धीमे करते जा रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो दोनों को पता है कब कौन क्या करने वाला है, या फिर कह सकते हैं दोनों की अच्छी सांठ-गांठ या तालमेल है।
थोड़ी देर तक दोनों ने मुझे चोदने के बाद मेरे दोनों छेदों को कुछ पल के लिए आज़ाद किया और मुझे पीटर के बगल में लेटा दिया। पीटर ने अपनी शर्ट पहनी और नीचे चला गया।
मैं समझ गई कि वो सविता को मनाने जा रहा है कि वो भी हमारे साथ आ जाये।
उधर अब मैं और अब्दुल पहली बार एक दूसरे को नंगा देख रहे थे।
अब्दुल मेरे बगल में बिस्तर पर आकर दीवार से पीठ टेक कर बैठ गया।
अब्दुल की जीन्स खुली थी बस।
मैंने अब्दुल के शर्ट के बटन खोले और उसके छाती को चूमने लगी।
अब्दुल का लण्ड भले ही पीटर से थोड़ा छोटा हो पर अब्दुल का शरीर पीटर से भी गठीला और मरदाना था।
थोड़ी देर तक अब्दुल के बदन को चूमने के बाद अब्दुल ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। अब्दुल ने अपना लण्ड मेरी चूत पर सटाया और मुझे नीचे अपने लण्ड पर बिठाने लगा।
मैंने अपने दोनों पैर अब्दुल की कमर के पास रखे और उसके लण्ड को अपनी कोमल सी चूत में समा लिया।
अब्दुल भी चूत चोदना शुरू कर चुका था, साथ ही साथ मेरे मम्मों को भी अपने होंठों से चूसने लगा था।