मेरी चूत और गांड की तो मां चोद दी-3
उन्होंने मुझे गोली दी, कहा- दर्द कम हो जाएगा।
उन्होंने कपड़े उतारे, मेरी टीशर्ट भी निकाल दी और मेरे बड़े बड़े खरबूजे जैसे मम्मों को चूसने लगे, मुझे किस करने लगे।
मैं बस मजे से सिसकारियाँ ले रही थी।
20 मिनट बाद वो मेरे ऊपर ही सो गए।
मैं उनको बाहों में भरकर सो गई।
अचानक ही मेरी चूत में कुछ हलचल हुई और शरीर अकड़ने लगा और मेरा स्खलन हो गया।
जब आँख खुली तो पाया कि ये मेरे पतिदेव की हरकतें हैं।
उन्होंने कहा- एक बज चुका है, उठ जाओ!
और लंड मेरे मुख पर रख दिया।
पर मुझे अभी भी नींद आ रही थी।
उन्होंने मुझे मुख खोलने के लिए कहा और लंड को अंदर भर दिया, मेरी तो सारी नींद उड़ गई।
उन्होंने मेरे मुख को 15 मिनट तक चोदा, जब तक मेरे मुँह हालत खराब नहीं हो गई।
लंड निकालकर उन्होंने मेरी दोनों टांगों को उनके कन्धों पर रखा और आहिस्ते से मेरी चूत में डाल दिया और 3-4 प्रयास में पूरा अंदर पहुंचकर मेरी बच्चेदानी से जा टकराया।
मेरी हल्की सी आह निकल गई।
उसके बाद उन्होंने धक्के तेज कर दिया और मुझे भी तेज धक्कों के साथ तेज मजा आने लगा, मैं उनसे कहने लगी- और तेज… और तेज… बहुत मजा आ रहा है, और करो।
वो उनके लंड को पूरा बाहर निकालते और अंदर डालते।
इस बार उन्होंने आहिस्ते से चोदा लेकिन मैं झड़ गई और थोड़ी ढीली पड़ गई।
पर पतिदेव ने धक्के लगाना नहीं रोका, चूत गीली होने से कमरे में फच फच फच की आवाज आ रही थी।
अब पतिदेव ने लंड चूत से निकालकर गांड के छेद पर टिका दिया, मेरी गांड तो अभी भी सूज कर दर्द कर रही थी, लेकिन पतिदेव ने उसे और ज्यादा सुजा दिया, और एक धक्के में पूरा लंड जड़ तक दाल दिया।
मेरी जोर से आआआः ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हीई निकल गई।
‘मत करो, दर्द हो रहा है!’ बस इतना ही बोला था कि उन्होंने 4-5 झटके और दिए और मेरे दर्द की कोई सीमा नहीं रही।
मैं दर्द से कराह रही थी कि पतिदेव ने लंड निकालकर मुख में घुसा दिया और मुख को चोदना शुरू कर दिया।
और अचानक फिर गांड में एक झटके में घुस दिया।
पता नहीं उन्हें मेरी गांड में दर्द देने में क्या मजा आता है।
बहुत तेज तेज झटके देने से मेरी गांड में दर्द के साथ साथ बहुत तेज जलन भी हो रही थी, जो मेरी गांड सह नहीं पा रही थी।
मेरी चूत उनके लंड की जलन और दर्द सह सकती है पर मेरी गांड बिलकुल नहीं।
दस मिनट तक उन्होंने मेरी गांड फाड़ कर रख दी मेरी।
और जब झड़ने पर आये तो लंड को एक बार और मेरे मुख में रखकर मुख चोदने लगे और चोदते चोदते मुख में ही झड़ गए।
सारा वीर्य निगलने के बाद मैंने उन्हें बताया कि मेरी गांड बहुत तेज जलन कर रही है।
तो उन्होंने मेरी गांड को चाटना शुरू कर दिया और पूरी जीभ जितना अंदर पहुंचा सकते थे पहुँचाई और मुझे जलन के साथ साथ एक मजा गुदगुदी हो रही थी और मैं हँस भी रही थी।