सोफिया की गान्ड चुद गई सोनू से
आदाब दोस्तो.. मेरी पिछली कहानी ‘मैं चूत और गान्ड मरवा कर रण्डी बनी’ तो आपने पढ़ी ही होगी.. उसमें मेरी जमकर चुदाई हुई थी। सबसे ज्यादा तो हरामी सोनू ने ही की थी और मेरी नंगी तस्वीरें भी खींची थीं।
मेरी 12 वीं कक्षा के इम्तिहान चालू होने वाले थे और मैं पढ़ाई में थोड़ी कमज़ोर थी। मैं किसी प्रकार 80/90 प्रतिशत नम्बरों से पास होना चाहती थी.. क्योंकि मुझे MBBS के लिए उतने मार्क्स चाहिए थे। तो हमारी क्लास में सोनू ही सबसे अच्छा होशियार लड़का था।
एक दिन इरफान क्लास में एक लिफाफा लाया और मुझे दे कर चला गया मैंने खोल कर देखा तो उसमें मेरी नंगी तस्वीरें थीं.. जो सोनू ने पिछली बार चुदाई के दौरान जंगल में खींची थीं। उसमें एक चिठ्ठी भी थी.. जिसमें लिखा था- सोफिया मेरी जान.. आज रात मेरे घर में कोई नहीं है। घर के लोग शादी में गये हैं। आज रात मेरे साथ चुदाई के लिए आ जाना और अगर नहीं आईं तो सारी तस्वीरें स्कूल में बाँट दूँगा… तेरा मनपसंद लौड़ा सोनू।
मैं अब सोचने लगी कि घर के लोगों को क्या बता कर जाऊँगी?
तभी क्लास छूट गई।
मैं अभी भी सोच ही रही थी कि इरफान मेरे पास आकर बोला- मैं अब्बू को बता दूँगा कि सोफिया अपनी दोस्त पूनम के साथ सोने जा रही है.. उसके घर कोई नहीं है इसलिए..
तो मेरी टेन्शन खत्म हुई और थोड़ी देर बाद जब क्लास में कोई नहीं था.. मुझे सोनू अपनी बाईक पर उसके साथ घर पर ले आया।
उसका घर काफी बड़ा था, बाहर गेट पर एक चौकीदार था उसने गेट खोला। घर के बाहर बगीचा और स्वीमिंग पूल भी था, हम अन्दर आ गए सोनू ने चौकीदार को बुलाया और पैसे दिए और उसे कुछ चीजें लाने के लिए भेज दिया।
हम बड़े हॉल में आकर बैठ गए।
फ़िर सोनू मुझे उपनी बहन सीमा के कमरे में लाया.. सीमा के कपड़े अलमारी से निकाल कर मुझे पहनने के लिए दिए।
उसमें लाल रंग की शॅार्ट नाईट ड्रेस थी.. मैंने वह पहन ली।
उतने में चौकीदार आया और कुछ सामान देकर चला गया।
अब सोनू मुझे अपने कमरे में लाया। उसने डीवीडी चालू किया और जब टीवी चालू हुआ तो मैं देखती ही रह गई.. यह एक ब्लू फिल्म थी, मैंने पहली बार देखी थी।
मेरी लाल नाईट ड्रेस सोनू घूर-घूर कर देख रहा था, उस ड्रेस में मेरे चूचे और काली पैंटी दिखाई दे रही थी। मेरी आधी के अधिक नंगी टाँगें भी जलवा बिखेर रही थीं।
अब सोनू नंगा हो गया, उसने अपने लंड को एक डिब्बे में डुबाया.. फिर लंड मेरे मुँह में डाल दिया।
मुझे मक्खन जैसा स्वाद लग रहा था।
सोनू बार-बार लंड को डब्बे में डुबाकर मेरे मुँह में डालते जा रहा था।
उसे करते-करते उसने लंड को मेरे गले तक उतार दिया, मैं ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी।