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बारिश की रात भाभी के साथ

Story Hindi 2 pages 15 years ago

बारिश की रात भाभी के साथ
मैं दिल्ली से हूँ। मैं पेशे से इंजीनियर हूँ पर आजकल मुंबई के अंधेरी में रहता हूँ। मैंने अन्तवार्सना पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं पर मैं आपको एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ।
यह कहानी मेरी और मेरी भाभी की है। मेरी उम्र इस समय 28 साल है और भाभी की 30 साल। उसका कद 5’3′ रंग गोरा और बदन 36-24-36 है।
बात उस समय की है जब मेरी उम्र 24 साल की थी।
मेरे भैया की नौकरी छुट गई थी और वो नौकरी की तलाश कर रहे थे।
मेरे घर वालों ने भैया को मेरे पास भेज दिया। कुछ दिनों में भैया को नौकरी मिल गई, वो भी मुंबई में सेट हो गये और कुछ दिनों बाद भाभी भी आ गई।
भाभी के आ जाने से अब घर व्यवस्थित हो गया। सब कुछ अच्छे से चलने लगा। साथ रहने से अब हम काफी खुल गये थे, हम हर विषय पर बात कर लेते थे।
पर मैं एक बात बता दूँ, मुझे भाभियाँ ही ज्यादा पसंद आती हैं क्योंकि उनमें काफी निखार आ जाता है।
पहले मेरे मन में ऐसा कोई विचार नहीं था अपनी भाभी को चोदने का। भैया को आफिस के काम से एक महीने के लिये विदेश जाना था।
उस रात मैंने भैया को सेक्स करते देखा, बस उसी दिन से भाभी का नंगा बदन मेरे दिमाग में घूम रहा था।
बारिश का मौसम था, बादल गरज रहे थे और भाभी को अकेले सोने में डर लगता था इसलिए वो मुझे अपने कमरे में सोने के लिये बोली।
मैं एक कोने में सो गया।
एक रात हम सो रहे थे, मुझे पेशाब आया तो मैं उठ कर पेशाब करने चला गया। जब आया तो मैंने देखा कि भाभी की नाईटी ऊपर उठी हुई थी और उनकी जाँघें दिख रही थी।
मैं वही बैठ कर उसकी गोरी जाँघों को निहारने लगा। इससे मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं आँखें बंद करके लेट गया। मैंने अपना एक हाथ उनकी जाँघ पर रखा और धीरे-धीरे सहलाने लगा, कोई प्रतिक्रिया न देखकर मैं समझ गया कि भाभी गहरी नींद में हैं।
मैंने अपना हाथ बढ़ाया और उनकी चूचियाँ सहलाने लगा, फिर थोड़ा सरक कर उनके पास हो गया और अपना लंड निकाल कर भाभी के चूतड़ों पर लगाने लगा।
ऐसा करते हुए मुझे डर भी लग रहा था कि भाभी जाग न जाये। लेकिन मुझे ऐसा करने में बहुत मजा भी आ रहा था। फिर मैंने उनकी नाईटी को ऊपर तक सरका दिया, उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी।

मैं उनके साथ चिपक गया, मेरा लंड उनकी पैंटी के ऊपर उसकी गांड की दरार पर लगने लगा। मैं थोड़ी देर ऐसे ही रहा। फिर वो थोड़ा हिली और पीठ के बल लेट गई।
उनके मम्मे मेरे सामने थे, उनके गुलाबी चुचूकों को मैं अपनी दो उंगलियों में लेकर मसलने लगा। फिर मैंने एक चुची को मुँह में ले लिया और अच्छी तरह से चूसने लगा। क्या मजा आ रहा था !
अब भाभी जाग चुकी थी और मेरे बालों में हाथ फेर रही थी। फिर मैंने भाभी की नाईटी निकाल दी। अब मैं उनके होंठ चूसने लगा और उनकी चूचियों को अपने हाथों से दबाने-मसलने लगा।

मैं उनका एक हाथ पकड़ कर अपने लंड पर ले गया और उसे सहलाने के लिए बोला। वो मेरे 7′ के लंड को देखकर खुश हो गई और प्यार से सहलाने लगी।
मैंने उनसे कहा- भाभी तैयार हो जाओ !
तो वो बोली- किसलिए?
मैंने कहा- चुदने के लिए !
फिर मैंने उनकी पैंटी को अपने दोनों हाथों की एक एक उंगली में फ़ंसा कर उनकी गोरी चिकनी जांघों पर से सरकाते हुए उनके शरीर से अलग कर दिया। भाभी की सेक्सी चूत मेरी आँखों के सामने थी- बहुत प्यारी थी उनकी चूत !
हम फिर 69 अवस्था में आ गये।
मैंने अपना मुँह उनकी चूत से लगा दिया। मैं उनकी चूत चूस रहा था और वो सेक्सी आवाजें निकाल रही थी।
कुछ देर बाद उन्होंने मेरे सर को अपनी चूत पर दबाया और झड़ने लगी, मैं उनका पानी चाट गया। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
फिर उन्होंने मेरे कपड़े उतारे और मेरे 7′ के लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी, मुझे बहुत मजा आ रहा था। वो मेरा सारा पानी चाट गई।
कुछ ही देर में वो चूत फड़वाने के लिए तैयार हो गई। मैंने अपने लंड को चुत पर टिका कर धक्का मारा पर लंड फिसल गया।
फिर उन्होंने लंड को पकड़ कर चूत पर रखा और धक्का मारने के लिये बोली। मैंने इतना तेज धक्का मारा कि लंड 4′ चूत में घुस गया।
वो चिल्लाई।
धीरे से मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो बोली- तुम्हारे भैया का लंड 5′ का ही है।
फिर मैंने एक धक्का लगाया और पूरा लंड घुसा दिया। कुछ देर तक हम वैसे ही रहे फिर उन्होंने अपनी कमर हिलानी शुरु कर दी।
मैं उनको बहुत ही प्यार से चोद रहा था। कुछ देर बाद वो झड़ गई पर मैंने उन्हें 15 मिनट तक चोदा। इस दौरान वो एक बार और झड़ी।
उस रात मैंने उन्हें तीन बार चोदा, फिर हम एक दूसरे की बाँहों में सो गये। एक महीने तक हमने हर रोज चुदाई की। अब भी जब हमें मौका मिलता है, हम चुदाई कर लेते हैं।
आज भी मुझे सेक्सी भाभियाँ बहुत पसंद हैं और उन्हें मेरा लंड सलाम करने को बेकरार रहता है।
आपको यह कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर मेल करिएगा।[email protected]
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