चुदक्कड़ भाभी
दोस्तो,
मैं जानू! अपनी नई कहानी के साथ! शायद ये कहानी आपको पसंद आ जाए!
2 साल पहले जब मेरी उम्र 22 की थी, सेक्स क्या होता है, यह मैं जानता तो था पर कभी किया नहीं था।
मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती है, वह मेरी जवानी देख कर मचलने लगी थी शायद। वैसे उसका पति है पर लम्बाई में तो उससे छोटा तो था ही पर शायद उसका हथियार भी छोटा था। इसीलिए भाभी संतुष्ट नहीं हो पाती थी और दूसरे लण्ड की तलाश में रहती।
मेरी जवानी उसे पसंद आ गई और मैं भी सेक्स की चाहत के कारण उसके जाल में आ गया।
उसने मुझे एक रात पेट दर्द के बहाने बुलाया। मैं दवा लेकर पहुंचा, दवा दी और उसके कहने पर कुछ देर रुका। जब उसका दर्द कम हुआ तो अचानक वो उठी और मुझे किस कर लिया और बोली कि देवर जी! क्या दवा दी कि रोग ही ठीक हो गया! मैंने तुझे बदले में जो इनाम दिया, कहीं तुझे बुरा तो नहीं लगा?
मैंने कहा- नहीं भाभी जान! बिल्कुल नहीं!
उसका मन बढ़ गया और उसने कहा- तब तो देवर राजा और कुछ दूंगी तो बुरा नहीं मानोगे ना?
मैंने कहा- नहीं!
उसने मुझे कुछ देर सहलाया जो मुझे बहुत अच्छा लगा। सहलाते सहलाते उसने मेरी जिप खोलकर अंडरवियर के अन्दर हाथ डाला और मेरा हथियार निकाल लिया।
मुझे यह बहुत अच्छा लगा पर वह इसे देख कर आश्चर्य भरी निगाहों से देख रही थी, उसने कहा- जानू! इतना बड़ा! ये तो तेरे भाई के लौड़े से दुगना बड़ा है, उनका तो गाजर के जैसा छोटा और पतला है। क्या मैं इसे भी चूम लूँ?
मैं भी जोश में आ गया था सो बोला- भाभी जान! अभी ये तेरी अमानत है, इसे जो भी उपहार देना है दो!
वो मेरा लण्ड चूसने लगी। मुझे और अधिक जोश आ गया और मैंने उसकी साड़ी खोल कर कहा- मैं भी तेरे सामान को किस करना चाहता हूँ।
तो बोली- करो न किसने रोका है!
वह 69 के पोजिशन में हो गई, अपना पेटीकोट और ब्लाऊज़, ब्रा, पेंटी सब उतार दिया। 69 के कारण दोनों एक दूसरे का सामान चूसने लगे। चूसते चूसते उसने मेरा माल निकाल दिया और पी गई।
मैं भी कहाँ मानने वाला था! मैंने भी उसकी बुर चूस कर उसे झाड़ दिया और सारा रस जीभ से चाट गया।
इतने में उसने कहा- राजा, अब मेरी बुर को चोदो! मैं तेरा लण्ड चूसकर खड़ा किए देती हूँ।
यह कह कर वो मेरा लण्ड चूसने लगी और कुछ देर चूसने के बाद ही मेरा लण्ड फनफनाने लगा। मैंने कहा- मेरी रंडी चुदक्कड़ भाभी! अपने पति के लण्ड से तुझे तृप्ति नहीं मिली ना? आज बताता हूँ कि कुंवारे लण्ड से बुर का क्या हाल होता है!
उसने कहा- राजा यही तो मैं चाहती हूँ! आज इस हरामजादी बुर को ऐसा मजा चखाओ कि यह भोंसड़ी हमेशा तेरे ही लण्ड से चोदवाने के लिए तड़पे! अपने भरतार के लण्ड को हमेशा के लिए भूल जाए! मेरे पति ने तो कभी मुझे पूरा सुख दिया ही नहीं!
यह कह कर उसने अपने चूतड़ फैला दिए बिल्कुल रंडी की तरह!
उसे इस हालत में देख मुझे भी ताव आ गया।