सेक्स चैट के बाद पड़ोसन भाभी की चुदाई
मेरा नाम रवि है, मैं आज आप लोगों के सामने एक सेक्स स्टोरी लेकर आया हूँ। मुझे उम्मीद है कि यह आपको जरूर पसंद आएगी।
मैं मुम्बई में एक सरकारी विभाग में काम करता हूँ। हमारे यहाँ कार्यरत सभी लोगों को रहने के लिए सरकारी मकान ही मुहैया कराये गए हैं। मैं भी अपने परिवार के साथ वहीं रहता हूँ।
मूलतः मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरा कद 6 फ़ीट 2 इंच का है और मैं देखने में गोरा हूँ।
स्कूल के ज़माने से ही मेरा बहुत लड़कियों से चक्कर रहा था और मैंने सबकी चूत का आनन्द भी लिया था। मेरा लंड लंबा और मोटा है।
परिवार में मैं अपनी बीवी के साथ बहुत खुश हूँ, पर पता नहीं क्यों.. एक बार मेरा मन हमारे पड़ोस में रहने वाली भाभी पर आ गया।
मैं जब भी सुबह काम के लिए निकलता तो वो हमेशा अपनी बालकनी से मुझे देख कर हँसती और मैं भी बदले में एक स्माइल दे देता, कभी-कभी शाम के समय उससे बात भी हो जाती थी।
धीरे-धीरे मैं उससे बात करने लगा और उसका फिगर अपनी आँखों में बसाने लगा। क्या माल थी वो.. उसका 34-28-34 का फिगर, नशीली आँखें, गुलाबी होंठ और मटकती गांड मेरा लंड खड़ा कर देती थी।
मैंने उससे नजदीकियां बनानी शुरू की और उसके छोटे-मोटे कामों के बहाने उससे बात करना शुरू किया और धीरे-धीरे अपना नंबर उसको दे दिया। उसके बाद हम व्हाटसैप पर भी बात करने लगे और फोटोज शेयर करने लगे।
इस तरह धीरे-धीरे मैंने उसको अपने जाल में फंसा लिया।
आखिर वो दिन आ ही गया, जब हम दोनों एक-दूसरे के पार्टनर्स को पता लगे बगैर फ़ोन पर सेक्स चैट करने लगे। अब हमें मौके की तलाश थी, जो एक दिन पूरी हो ही गई।
उसके पति के ऑफिस जाने के बाद उसने मुझे अपने घर बुला लिया और जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला, हम दोनों एक-दूसरे से चिपक गए। उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ मेरी छाती से चिपकी थीं और उसके दोनों हाथ मेरी कमर को कसके पकड़े हुए थे। मैं अपने हाथों को उसकी मोटी गांड पर फिराने लगा और उसका लोअर उतार दिया।
जल्द ही बिस्तर पर वो मेरे नीचे और मैं उसके ऊपर था। हम दोनों एक-दूसरे को जोर-जोर से रगड़ रहे थे और न जाने कब मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी। उसकी ब्रा को ऊपर करके मैं उसकी चुची को जोर-जोर से चूमने और निप्पल को काटने लगा।
हम दोनों मदहोश हुए जा रहे थे। फिर उसने भी मेरी टी-शर्ट उतार दी। मैंने उसकी ब्रा के हुक खोल कर उसकी चुची को आज़ाद कर दिया और अब हम दोनों की नंगी छातियां एक-दूसरे में गजब की गर्मी पैदा कर रही थीं।
धीरे से मैंने उसके लोअर और उसने मेरे लोअर को उतार दिया। अब हम दोनों सिर्फ अंडरवियर में ही रह गए, लेकिन पता नहीं.. हम दोनों में क्या गर्मी चढ़ी थी कि हम बेतहाशा एक-दूसरे को रगड़ रहे थे।