All content free · updated every 5 minutes

सगी भाभी की पैंटी सूंघ कर चुदाई

Story Hindi 3 pages 15 years ago

सगी भाभी की पैंटी सूंघ कर चुदाई
Xxx देसी भाभी चुदाई की तमन्ना थी मेरी. मैं भाभी की पेंटी सूँघ कर भाभी की चूत की खुशबू लेकर मुठ मारता था. तो मैंने कैसे भाभी को पटा कर उनकी साथ सेक्स का पूरा मजा लिया?
नमस्कार दोस्तो, मैं रोहित कुमार छत्तीसगढ़ से हूँ और बहुत दिनों से अन्तर्वासना पर कहानी पढ़ रहा हूँ.
मेरी उम्र अभी 24 वर्ष है.
आप सबकी कहानी पढ़ कर मुझमें भी हिम्मत आई कि मैं भी अपनी भाभी के साथ चुदाई स्टोरी आप लोगों से शेयर करूँ।
इससे पहले मैं एक कहानीगर्लफ्रेंड और उसकी भाभी की चुदाई
लिख चुका हूँ.
तो अब Xxx देसी भाभी चुदाई कहानी का मजा लें.
हमारे परिवार में मेरे मम्मी पापा, मेरे बड़े भईया, मेरी भाभी और मैं, बस इतने लोग हैं।
मेरी भाभी दिखने में मस्त एक नम्बर की माल हैं, बहुत खूबसूरत हैं.
उन्हें मैं शुरू से ही चोदना चाहता था पर यह बात कभी उनसे नहीं कह पाया.
पर मेरी इच्छा जल्द ही पूरी हो गई.

तो दोस्तो, कैसे मैंने अपनी सगी भाभी को चोदा और भाभी चोद बन गया आप लोग इस कहानी में पढ़ें.
यह बात आज से साल भर पहले की है जब मुझे भी अपनी सेक्सी भाभी को चोदने का बहुत मन हुआ.
वे मुझे शुरू से ही पसन्द थी पर मैं डरता था.
वैसे तो हम लोगों के बीच में बहुत अच्छी बातें होते थी हम लोग फ्रेंड के जैसे ही रहते थे।
मैं कभी कभी उनकी पैंटी सूंघ कर अपना लौड़ा हिला लिया करता था.
पर कब तक ऐसा करता … मेरी इच्छाएं और बढ़ती ही जा रही थी उनको चोदने की!
मेरी भाभी पोर्न देखने की शौकीन हैं.
एक दिन मैं उनका मोबाइल चेक कर रहा था तो मुझे पता चला कि भाभी यह सब देखती है.
फिर मेरी इच्छा और भी बढ़ गई उसकी चूत मारने की!
एक दिन जब घर में कोई नहीं था.
मम्मी पापा और भईया शादी में गए हुए थे. मैं और भाभी ही थे घर में!
रात का समय था, हम दोनों ने खाना खाया और फिर बैठ कर बात करने लग गए.
मैंने उनसे बातों ही बातों में पूछ लिया- भाभी, क्या आपका शादी से पहले कोई बॉयफ्रेंड था?
तो उन्होंने मुस्कुरा कर नहीं बोला.
फिर उन्होंने मुझसे पूछा मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में!
तो मैंने भी नहीं करके बोला.
उसके बाद वे सोने के लिए चली गई.
मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैंने सोचा कि क्यों न ही भाभी की पैंटी सूंघ कर अपना लन्ड हिला लूँ.
क्योंकि उनकी पैंटी में उसकी चूत की मस्त खुशबू आती थी जिसे सूंघ कर ही मैं मदहोश हो जाता था.
तो उस रात मैंने वैसा ही किया और सो गया.
दूसरे दिन जब भाभी नहा रही थी तो मैं उनको छुप कर देखने लग गया.
वे पूरी नंगी हो कर नहाती हैं.
क्या बताऊँ दोस्तो, उनके गोरे बदन पर बड़े बड़े चूतड़ और गुलाबी चूत … मैंने सब कुछ देखा.
मैं तो यह देख कर ही पागल हो गया.
मेरा मन तो हो रहा था कि यहीं पर भाभी को जबरदस्ती चोद दूँ.
पर क्या करता … ऐसा नहीं कर सकता था.
और शायद भाभी को पता चल गया था कि मैं उन्हें देख रहा हूँ।

वे बाहर आई और बोली- रोहित, तुम मुझे नंगी देख रहे थे नहाते हुए?
मैंने नहीं करके बोला.
फिर वे दोबारा डांट कर पूछने लगी.
तब मैं हिम्मत करके बोला- हाँ भाभी, मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ. आप इतनी सुंदर जो हो!
तब फिर वे बोली- मेरी पैंटी सूंघकर तुम हस्तमैथुन करते हो न? मुझे सब कुछ पता है.
वे मुस्कुराते हुए बोली थी तो फिर मेरी भी हिम्मत बढ़ गयी.
मैंने कहा- भाभी, मैं सच में यह जानना चाहता हूं कि मेरी भाभी की चूत की खुशबू कैसी है. और रियल में तो आपसे यह बात नहीं कह सकता था न … तो क्या करता?
फिर भाभी मुस्कुरा दी.
भाभी सिर्फ तौलिए में थी, अपने नंगे शरीर पर तौलिया लपेटी हुई थी.
उनके मुस्कुराने के बाद मेरी हिम्मत हिम्मत और बढ़ गई, मैंने उनको पकड़ लिया और सीधे उनके होंठ में अपना होंठ रख के चुम्बन करने लग गया.
बहुत अच्छा लग रहा था मुझे!
वे भी मेरा साथ दे रही थी.
फिर मैंने उनका तौलिया उतार दिया.
वे पूरी नंगी हो गई.
उन्हें ऐसे नंगी देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
फिर मैं उन्हें उठा कर उनके कमरे में लेकर गया, उन्हें बिस्तर पर लेटा कर अपने भी कपड़े तुरन्त उतार दिये.
मैं पूरा नंगा हो गया.
दोस्तो, भाभी मेरे बड़े लौड़े को देख कर हैरान हो गई.
मैंने अपने लौड़े को सहलाते हुए कहा- मेरी भाभी, आज तू इसी लौड़े से चुदेगी, आज फुल मज़ा लेना अपने देवर के लौड़े का!
और मैं उन पर टूट पड़ा.
पहले तो मैंने उनके दूध को अच्छे से दबाया, चूसा. फिर उसके बाद उनकी चूत को सूंघा.
बहुत मस्त महक थी दोस्तो उनकी गीली चूत की!
फिर भाभी बोली- लो देवर जी, कर लो अपनी हसरत पूरी … आज असल में सूंघ ली अपनी भाभी की चूत को!
मैंने फिर 20 मिनट तक जीभ अंदर डाल के उनकी चूत को चूसा.
जो पानी चूत में से आ रहा था, उसे भी पूरा पी गया.
भाभी अब तक बहुत गर्म हो गई.
वे बोली- मेरे देवर राजा, अब चोद दे मुझे! अब और सहन नहीं होता मुझसे!
फिर मैंने उन्हें और तड़पाने का सोचा.
मैं उनकी गांड को फैलाकर उसमें जीभ डाल कर उसे चूसने लगा.
फिर मैंने अपना लौड़ा उनके मुंह में दिया तो वे वो बहुत तेजी से चूसने लगी.
मुझे तो बहुत आनंद आ रहा था.
मैं उन्हें जोश में आकर गालियां दे रहा था- मादरचोद रंडी, अब चूस मेरे लौड़े को, साली कुतिया बहुत तड़पाया है तूने मुझे … तुझे अपनी रखैल बना रखूंगा मादरचोद!
उनका सिर पकड़ के मैं जोर जोर से अपना लौड़ा चुसवा रहा था.
फिर मैंने उनकी दोनों टाँगों को फैलाया और भाभी की चूत में अपना लौड़ा घुसाया.
आह … बहुत अच्छा लग रहा था.
पहले तो आधा से भी कम घुसा.
फिर धीरे धीरे पूरा लंड भाभी की चूत में घुस गया.
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.
फिर भाभी बोली- साले भाभीचोद … कुत्ते फाड़ दे इसे … लौड़े के बाल … तेरी भाभी की चूत को तेरा भईया तो अच्छे से चोद ही नहीं पाता. तू मेरी प्यास बुझा के मुझे अपनी रखैल बना ले. मैं तेरी रंडी बन के रहूंगी.

उनकी ये बातें सुनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मैं भी जोर जोर से चोद रहा था उन्हें!
भाभी भी अपनी गांड उछाल उछाल कर मेरा साथ दे रही थी.
मैं भी जोश में आकर उन्हें गालियां दे रहा था- साली रंडी, अब से तू मेरी रखैल ही बनेगी. मैं रोज तेरी चूत मारूंगा.
काफी लम्बी चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था.
Xxx देसी भाभी चुदाई में 2 बार झड़ चुकी थी.
मैंने अपना लौड़ा उनके मुंह में घुसा दिया और अपना वीर्य उनके मुंह में ही गिराया.
वे पूरा पी गई।
फिर मैं उनके साथ ही चिपक कर सो गया।
इस तरह से हम लोगों की चुदाई का सिलसिला चलता ही रहा।
तो दोस्तो, मुझे ईमेल करके जरूर बताइएगा कि मेरी Xxx देसी भाभी चुदाई कहानी कैसी लगी.
फिर मैं आगे भी और अपने जीवन की चुदाई कहानी लेकर प्रस्तुत होऊंगा।[email protected]

Categories Hindi
More stories See all