बहन की बुर में भाई का लंड-1
मेरा नाम जसप्रीत है, और मैं पटियाला का रहने वाला हूँ।
यह बात बताते हुए मुझे थोड़ी शरम आ रही है क्योंकि यह कहानी है मेरी बड़ी बहन लवलीन की बुर चुदाई की है।
लवलीन कॉलेज के फ़ाइनल इयर में है, 20 साल की है मैं लवलीन से दो साल छोटा हूँ।
उस दिन से पहले तक मैंने लवलीन के लिये कभी ऐसा नहीं सोचा था लेकिन उस दिन जो भी हुआ वो कुछ ज्यादा ही मज़ेदार और उत्तेजक था।
हमारे पापा जी और झाईजी किसी शादी में चण्डीगढ़ गये हुए थे, वे रात को देर से लौटने वाले थे। घर में मैं, लवलीन और हमारी मेड सविता थे, सविता ने रात का खाना बनाया और वो अपने कमरे में चली गई जो रसोई के पीछे था।
लवलीन सोफे पर बैठ कर टी वी देख रही थी, मैं बोर हो रहा था, मैंने सोचा कि अन्तर्वासना पर एक-दो सेक्सी कहानियाँ पढ़ कर दिल बहला लेता हूँ।
अपने कमरे में जा कर मैंने लैपटॉप में इसी साईट की नेहा वर्मा की दो तीन कहानियाँ पढ़ी। नेहा वर्मा और उसकी सखियों कामिनी सक्सेना, रीता शर्मा, शमीम बानो कुरैशी की देसी कहानियाँ पढ़ के किसका लण्ड खड़ा नहीं होता, मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ, मेरा लण्ड झट से खड़ा हो गया और मेरे कच्छे को तानने लगा।
मैंने सोचा कि चलो एक बार मुठ भी मार ही लूँ खाने से पहले ताकि यह लौड़ा मुझे तंग का करे !
मैं बाथरूम में गया और बाथटब को पानी भर लिया, गर्मियों के दिन थे, मैंने ठंडा पानी भरा था।
मेरे खड़े लौड़े की मुठ मारने की जल्दी में मैं बाथरूम का दरवाजा लॉक करना भूल गया। मैंने शॉवर से पहले अपने आप को भिगोया और फिर टब में घुस गया।
थोड़ी देर बाद मैं टब की एक साइड पर बैठ गया और अपने लौड़े को पकड़ कर हिलाना शुरु कर दिया, मन में समीम बानो की चुदाई वाली बातें और गालियाँ गूंज रही थी।
मुझे तो पता ही नहीं चला कि कब बाथरूम का दरवाजा खुला और लवलीन अन्दर आ गई, मैं तो नंगा बैठा अपने लौड़े की मुठ मार रहा था कि दीदी की आवाज सुनाई दी- जसप्रीत… ये क्या कर रहा है?
‘माय गॉड…’ मेरे तो ट्टटे ऊपर चढ़ गये लवलीन की आवाज सुन कर… मैंने चेहरा ऊपर उठाया तो लवलीन दरवाजे पर खड़ी थी।
मैंने झट से बार पर टंगे तौलिये को खींच कर अपने लौड़े को ढका और बोला- अरे कुछ नहीं लवली, मुझे यहाँ खारिश लग रही थी तो खुजा रहा था।
‘चुप कर ओये खोत्या… मुझे इतना पता नहीं चलता कि खुजाना किसे कहते हैं? आज आने दे झाई जी को, तेरी शिकायत करनी पड़ेगी।
लवलीन एक ही सांस में बोल गई।
मैं तो एकदम डर गया क्योंकि झाई जी को पता चलने का मतलब कि वो मेरे फ़ट्टे चक देंगी।
मैं लवलीन को मनाने लगा, मैंने कहा- लवली, नहीं प्लीज़ झाई को कुछ मत बताना. वो बेकार में गुस्सा करेंगी।