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ममेरी बहन और उसकी सहेली-2

Story Hindi 2 pages 12 years ago

ममेरी बहन और उसकी सहेली-2
भाग एक से आगे :
मैं बोला- दीदी, शादी के बाद मुझे यह सब करने दोगी क्या?
दीदी बोली- बिल्कुल ! सब कुछ करना ! जो दिल में आये वो सब कुछ कर लेना ! पर अभी तो मुझे चोद दे !
मैंने दीदी की चूत में डाल दिया अपना लण्ड और थोड़ी देर बाद हम दोनों का काम तमाम हो गया।
हम शान्त होकर आराम से बैठ गए और दीदी घर का काम करने में लग गई। मैं छत पर चला गया।
फिर दीदी भी काम खत्म करके छत पर आ गई।
हम छत पर बैठे थे, दीदी बोली- मैं प्रिया को कुछ बताना नहीं चाहती थी पर उसने इतना जोर दिया कि मुझे बताना पड़ा !
मैं बोला- कोई बात नहीं ! जो होगा, देखा जायेगा !
और हम जाकर अपने अपने कमरे में सो गए।
अगले दिन सुबह दीदी को काम से बाहर जाना पड़ा, मामा जी ड्यूटी पर चले गए, मामी जी पड़ोस की एक आंटी के साथ मार्केट चली गई।
मैं घर में अकेला था और कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रहा था। मेरा लंड खड़ा था कि इतने में दरवाजे पर घण्टी बजी। मैं घबरा गया और जल्दी से कंप्यूटर बंद करके दरवाजा खोलने गया। मेरा लंड खड़ा था और मैं उसे छुपाने की कोशिश कर रहा था।
बाहर प्रिया थी, बोली- इतनी देर क्यों लगा दी दरवाजा खोलने में?
मैं बोला- मैं बाथरूम में था !
वो अंदर आ गई पर मेरा लण्ड तो अभी भी खड़ा था, मैं उसे छुपाने की कोशिश कर रहा था कि अचानक प्रिया की नज़र वहाँ पड़ी।
मैंने शर्म से नज़र चुराई और अंदर चला गया। वो भी पीछे-पीछे अंदर आ गई और बोली- तेरी दीदी कहाँ है?
मैं बोला- वो काम से बाहर गई है।
वो बोली- उसका मोबाइल क्यों नहीं लग रहा है?मैं बोला- उसकी बैटरी चार्ज नहीं थी इसलिए घर पर ही पड़ा है।
मैं प्रिया से नज़र नहीं मिला पा रहा था।
वो बोली- तू क्या कर रहा है?
मैं बोला- कुछ नहीं, बस कंप्यूटर पर अपनी मेल चैक कर रहा हूँ।
वो वहीं पर बैठ गई और बोली- मुझे भी मेल चेक करनी है !
मैं बोला- आप मेल चेक कर लो, मैं कॉफ़ी बना कर लाता हूँ !
वो बोली- मुझे कुछ नहीं चाहिए, मैं नाश्ता करके आई हूँ।
मैं वहाँ से दूसरे कमरे में जाने लगा तो वो बोली- मैं बोर हो जाऊँगी ! तू यहीं पर बैठ जा !
वो अपनी मेल चैक कर रही थी और मैं दूसरी कुर्सी पर बैठा था। वो बोली- तूने कभी चैटिंग की है?
मैं बोला- की है ! पर ज्यादा नहीं !
वो बोली- तेरी कोई गर्लफ़्रेंड है?
मैं बोला- नहीं है !
वो बोली- हाँ, क्यों होगी? तू तो बिना गर्लफ़्रेंड के ही मजे ले लेता है।
मैं बोला- कल आपको दीदी ने जो बताया है वो प्लीज किसी को नहीं बताना।
वो बोली- नहीं बताऊँगी पर तुझे मेरा एक काम करना होगा !
मैं बोला- क्या?
वो बोली- जो तूने अपनी दीदी के साथ किया था, वो मेरे साथ भी कर और उतने ही मजे दे मुझे !
मैं बोला- यह कोई बड़ी बात नहीं !

मेरा तो नई चूत का सपना सच हो गया, मुझे तो मन ही मन मजे आ गए थे।
मैं बोला- चलो, क्यों नहीं !
मैंने उसे चूमना शुरू किया, उसके होंठ बड़े ही मीठे थे।

धीरे-धीरे मैंने उसके चूचों पर हाथ फेरा, उसने मेरे कच्छे में हाथ डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी।
मैंने उनका कमीज़ उतारा और उसके मोटे-मोटे चूचों को दबाना और चूसना चालू कर दिया। वो मेरे लंड को सहला रही थी और मैं उसके चूचे चूस रहा था। उसके बाद मैंने उसकी सलवार उतार दी। मैंने उसकी कच्छी को हाथ लगाया तो वो पहले से गीली थी। धीरे से मैंने ऊँगली डाल दी उसकी चूत में और रगड़ने लगा। कुछ देर बाद उसका पानी निकल गया।
मैंने अपना मुँह उनकी चूत पर पैंटी के ऊपर से ही लगा दिया और चूमने लगा। उनके अमृत का खट्टा सा स्वाद मेरी जीभ महसूस कर रही थी। उनके हाथ मेरे सर पर थे और वो मेरे सर को दबा कर मेरा मुँह अपनी चूत के और पास ले जाने की कोशिश कर रही थी। मैंने अपने हाथ ऊपर उठा कर उनके स्तनों पर रख दिए और उनको सहलाने लगा।
वो मुँह से आहा आहा उऽऽहू की आवाजें निकाल रही थी।
मैंने तुरंत उनकी पैंटी उतार दी तो उन्होंने अपनी टांगें पूरी चौड़ी कर दी। मैंने अपना मुँह उनकी गुलाबी चूत पर रख दिया और कभी उसको चाटता तो कभी अपनी जीभ उनकी चूत में डाल देता। मैं बार-बार उनके दाने को अपनी जीभ से सहला रहा था और हर बार वो मुँह से सेक्सी आवाज़ निकालती जो मुझको मस्त कर देती। थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद मेरा लंड पूरा तन गया था। मैंने अपने रहे सहे कपड़े भी उतार दिए और पूरा नंगा होकर उनके सामने खड़ा हो गया।
फिर धीरे से उन्होंने अपने गुलाबी होंठ मेरे लंड पर रख कर उसको चूमना शुरु किया। फिर उन्होंने अपने होंठ गोलाई में किये और मेरा टोपे पर रख दिए। मैंने उनके सर पर हाथ रख कर अपना लंड उनके मुँह में डालना शुरू किया। मेरा लंड पूरा उनके मुँह में था और वो बड़े प्यार से उसको चूस रही थी। मुझको बड़ा मज़ा आ रहा था।
मुझ से रहा नहीं गया और मैंने उनकी चूत मे डाल दिया और जोर-जोर से झटके मारने लगा, वो मुँह से आआआ ईईईईए एएएए आआआआआ ईईईईई की आवाज निकाल रही थी।
मैंने लौड़ा उनकी चूत से निकाल कर गांड में डाल दिया तो वो बोली- आज तो तू मुझे मारेगा ! निकाल बाहर ! मर गई !
मैं बोला- कुछ नहीं होता ! दीदी भी तो लेती है !
वो बोली- निकाल ! मर गई !
मैंने निकाल कर अपना माल उनके मुँह में छोड़ दिया। वो सारा गर्म माल पी गई और बोली- मजा आ गया !
अब जब भी मुझे मौका मिलता है तो मैं दीदी की और प्रिया की दोनों की मार लेता हूँ…
मैं आपके जवाबों का इंतजार करूँगा…[email protected]
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