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पहली बार ममेरी बहन के साथ

Story Hindi 2 pages 14 years ago

पहली बार ममेरी बहन के साथ
हाय !
मेरा नाम राज़ सोलंकी है। मैं आज आपको अपनी पहली कहानी भेज रहा हूँ। मेरी उमर २७ साल, कद ५’१०”, दिखने में सेक्सी हूँ ।
यह बात करीब ८ साल पुरानी है। तब मेरे बड़े भाई की शादी का अवसर था और घर में सब रिश्तेदार आए हुए थे। उनमें मेरे मामा की दो लड़कियाँ भी थी।
हम सब पास में सोते थे- मेरी मम्मी, मामी, दीदी, फ़िर मेरे मामा की छोटी लड़की, उसके बाद मेरी जान जिसका मैं नाम नहीं बता सकता, उसके पास मैं ! हम पर कोई कभी शक नहीं कर सकता था क्योंकि वो मुझसे ४ साल बड़ी थी। हम दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे पर कभी बोल नहीं सके।
शादी के दो दिन पहले की रात थी। हम सब लेट कर बातें कर रहे थे कि मैंने अचानक अपने पैरों पर कुछ महसूस किया। हाथ लगा कर देखा तो उसका पैर था।
मैंने उस से पूछा- यह क्या कर रही हो?
तो उसने बोला- सब को सो जाने दो, मैं बाद में बात करती हूँ।
मैंने कहा- ठीक है !

रात के करीब १:३० बजे होंगे, मैं भी सो गया था, उसने मुझे उठाया और पूछा कि वो मुझे कैसी लगती है।
मैंने कहा- अच्छी लगती हो !
तो उसने पूछा- कुछ करोगे नहीं ?
मैंने उससे पूछा- क्या करना है?
मुझे तब सेक्स के बारे में इतना कुछ पता नहीं था। तब उसने मेरा हाथ ले कर अपने सीने पर रख लिया। मैंने अनजान बनते हुए पूछा- यह क्या है? तब उसने कहा- क्यूँ ! कभी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया क्या?
तो फिर मैं बोला- नहीं ! आज पहली बार किसी के वक्ष पर हाथ रखा है।
मैंने उससे पूछा- तुमने कभी सेक्स किया है?
तो उसने बोला- कोशिश की थी अपने बॉय-फ्रेंड के साथ ! पर दर्द हो रहा था तो पूरा मजा नहीं ले सकी !
मैंने कहा- आज क्या इरादा है?
तो वो बोल पड़ी- आज पूरा तो होने से रहा ! क्यूँकि सब पास में सो रहे हैं इसलिए !
फिर उस रात तो सिर्फ ऊपर के काम से ही मन को मसलना पड़ा। लेकिन भैया की शादी के दिन मुझे किस्मत की चाभी मिल गई।
शादी के दिन क्या हुआ कि बारात हमारे गाँव से ४३ किलोमीटर दूर वाले गाँव में जानी थी। सुबह से मेरे तबीयत थोड़ी ख़राब थी तो मैं फेरे होते ही पापा के साथ शाम के ७ बजे वापिस हो रहा था। तभी भैया के किसी दोस्त ने मेरे मामा की लड़की के बारे में कोई फ़िकरा कस दिया और भैया ने सुन लिया। तो भैया ने उन दोनों को भी मेरे और पापा के साथ वापिस भेज दिया।
फिर क्या था, पापा जीप में आगे बैठे थे हम सब पीछे। मैं और वो बहुत खुश हो रहे थे कि आज घर पर कोई नहीं है, आज हमारा काम बन जायेगा। करीब ८:४५ को हम घर पहुँच गए। पापा हॉल में अकेले सो रहे थे। हम तीनों कमरे में अकेले थे। मेरी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वो मुझसे बात करते करते मेरा सर दबा रही थी, उसकी छोटी बहन थोड़ी देर बात करते करते सो गई।
अब क्या था, वहां भैया की सुहागरात हो रही थी, यहाँ मेरी !पहले हम दोनों ने एक घण्टे तक चूमा-चाटी की आपस में।
फ़िर उसने मेरी पैंट खोल दी।

देखते ही देखते हम नंगे हो गए। मेरे लण्ड को जब उसने अपने मुंह में लिया तो २ सेकंड में ही मैं झड़ गया। मुझे शर्म आ रही थी कि मैं कुछ किये बगैर ही झड़ गया।
फिर उसने बोला कि कभी-कभी पहली बार जल्दी हो जाता है, परेशान मत हो, अभी तो रात पूरी बाकी है।
उसके इतना बोलते ही मुझ में नया जोश आ गया लेकिन मुझे १० मिनट लगे वापस तैयार होने में।
मैंने धीरे से अपने लण्ड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रखा और धीरे धीरे से अन्दर डालने का प्रयत्न करने लगा लेकिन हर कोशिश नाकाम रही।
फिर उसने कहा- जोर लगा !
मैंने बोला- दर्द होगा !
तो उसने झट से कहा- तेरे लिए सहन कर लूंगी !
फिर क्या था, जोर के झटके से मेरा लण्ड का २ इंच उसकी चूत में, फिर २-३ झटकों में मेरा ५.५ इंच लम्बा लण्ड उसकी चूत में पूरा समां गया। दर्द के मारे उसकी आवाज नहीं निकल रही थी। फिर मैंने उस के स्तनों पर हाथ फेरना शुरू किया। थोड़ी देर बाद वो भी मज़े लूटने लगी। करीब १५ मिनट में मैं फिर झड़ गया, लेकिन वो नहीं झड़ी।
उस रात हमने ४ बार सेक्स किया, जिसमें वो सिर्फ एक बार ही झड़ी।
सुबह को देखा तो चादर पूरी खून में लाल हुई हुई थी। मैंने बाद में उसे देखा तो वो ठीक से चल नहीं पा रही थी।
मैंने पूछा तो वो बोली- कुछ नहीं पहली बार सेक्स करने पर खून निकलता है।
तो दोस्तों कैसा लगा मेरा सेक्स का पहला पहला प्रयास !
अगली बार मैं आप को बताऊंगा कि मैंने आंटी को ट्रेन में कैसे चोदा !
मुझे मेल जरूर करें !
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