माँ और बहन के साथ खुल्लम खुल्ला चुदाई
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम नेहा सिंह, मैं खूबसूरत हूँ… स्मार्ट हूँ, सेक्सी हूँ. मेरे दो भाई हैं, हम सब माता पिता जी के साथ ब्राज़ील में रहते हैं. पापा बैंक मैनेजर हैं.
जब मैं स्कूल में थी, पापा सबको साथ लेकर यहाँ चले आए थे. भारत कभी-कभी जाना होता है. अब तो यहाँ पर रहते हुए 12 साल हो गए हैं, अब सब यहीं के माहौल में रंग गए हैं.
हम सब हाउस सेक्स करते हैं. मेरी माँ आज भी 3 बंदों से एक साथ चुद जाती हैं. हम सभी के बीच सब कुछ ओपन है और सब एक साथ एक ही बिस्तर में चुदाई कर लेते हैं. मगर आज मैं अपने ब्राजील की नहीं, अपनी मामी के घर में हुई की चुदाई बताने जा रही हूँ.
एक बार हम भारत आये तो हम एयरपोर्ट पर उतरे तो मामा जी गाड़ी लेकर बाहर खड़े थे. हम गाँव के लिए चल दिए. हमारा गाँव कुछ 15 किलोमीटर दूर था. रास्ते में मेरा भाई मेरी स्कर्ट के नीचे से मेरी चुत में उंगली कर रहा था.
ये देख कर मॉम कहने लगीं- घर पहुँच जाएं, उसके बाद कर लेना.
मगर मेरा भाई है ही पैदायशी कमीना.. वो मॉम उनकी सलवार के ऊपर से ही उनकी चुत में भी उंगली करने लगा. मामा गाड़ी चला रहे थे और पापा आगे बैठे बातें कर रहे थे.
‘और साले साहब कैसी चल रही है जिंदगी..?’
‘सब ठीक ही चल रहा है.. आप बताओ जीजा जी!’
‘भाई हमारा क्या है.. तुमने बहन ही ऐसी दी कि कभी दिल ही नहीं भरता है. हर रोज़ सुहागरात होती है.. तुम्हारी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है?’
मामा चुप रहे.. उन्होंने कुछ नहीं बोला.
हम सब घर पहुँच गए. मैं और मेरा भाई बहुत खुश थे क्योंकि मामा का घर बहुत बड़ा है. उनके पूर्वज जमींदार थे.
अभी बस मामा जी और मामी रहते हैं. गाँव की दो औरतें उनके घर में काम करने के लिए आती हैं. बस मेरा भाई तो पहले दिन से ही उनके पीछे उन्हें चोदने के लिए पड़ गया.
दूसरे दिन हम सबने खाना खाया और मामा जी शहर के लिए निकल गए. उनकी राजनैतिक पार्टी की कोई सभा थी तो उन्हें उसमें जाना था.
मैं और मेरा भाई घर में घूमने के लिए ऊपर के फ्लोर पर चले गए. ऊपर के फ्लोर पर कई कमरे हैं. मेरा भाई और मैं पूरी मस्ती में थे, हम ऊपर जाते ही किस करने लगे. मैं उससे छूट कर भागने लगती तो मेरा भाई मुझे पकड़ कर रोमांस करने लगता.
मैं आपको बता दूँ कि ये एक तरह का सेक्स करने का तरीका है.. इससे कामोतेज्जना बढ़ जाती है.
उसने पीछे से पकड़ कर मुझे उठा लिया और बगल में रखी टेबल पर बिठा कर मेरी नाईट ड्रेस का पजामा निकाल दिया. पजामा खींचा तो मेरी पैंटी भी निकल गई. अब वो अपनी जीभ से मेरी चुत को चाटने लगा. चुत पर उसकी जीभ लगते ही मैं सातवें आसमान पर उड़ने लगी और मैंने पैर फैला कर चुत खोल दी.
मैं ‘अह… ऊह..’ कर रही थी. मैं उसके बाल पकड़ कर उसे अपनी चूत में धकेले जा रही थी. वो हाथों को ऊपर करके मेरी चूचियां दबाने लगा. मैं पूरे जोश में थी इसलिए दस मिनट में ही झड़ गई.