पहली बार चुद कर भैया के साथ सुहागरात मनाई
Pahli Bar Chud Kar Bhaiya Ke Sath Suhagraat Manai
हैलो दोस्तो, मेरा नाम प्रीति है और मैं शामली की रहने वाली हूँ..
आज आपके साथ मैं अपनी सच्ची कहानी बाँटने जा रही हूँ।
सबसे पहले मैं आपको आपने बारे मैं बता दूँ.. मेरा फिगर 34-30-34 है।
हम 3 बहनें और 1 भाई हैं।
एक बहन मुझसे बड़ी है और एक मुझसे छोटी है..
भाई सबसे छोटा है।
यह बात आज से 3 साल पहले की है।
जब मैं अपनी बुआजी के यहाँ घूमने गई थी और बुआजी बीमार भी थीं.. तो मैं वहाँ एक महीना रहने के लिए आई थी।
ठंड के दिन थे.. जनवरी का महीना था।
वहाँ मेरे भैया यानि की बुआजी के लड़के थे.. जो मुझे देख कर बहुत खुश हुए।
उनका नाम सचिन है.. वो मुझे अपनी सबसे अच्छी बहन मानते थे और मुझे बहुत प्यार करते थे।
जब मैं बुआ के घर पहुँच गई तो फूफा जी बुआ को हस्पताल दिखाने ले गए और उनको वहीं भरती कर देना पड़ा और वो घर वापस नहीं आ पाईं और उस रात को घर में सिर्फ हम दोनों ही थे, वो भी अकेले..
रात को खाना खा कर जब हम दोनों सोने चल दिए तो भैया ने कहा- दो बिस्तर की क्या जरूरत है.. आज एक बिस्तर में ही सो जाते हैं।
तो हम दोनों एक बिस्तर में ही लेट गए।
भैया को कपड़े निकाल कर सोने की आदत है.. तो वो कपड़े निकाल कर मेरे पास आ कर लेट गए।
मुझे बहुत अजीब सा लगा.. क्योंकि मैं आज तक किसी लड़के के साथ ऐसे नहीं लेटी थी।
भैया मेरी पढ़ाई के बारे में पूछने लगे और अपनी पढ़ाई के बारे में बताने लगे।
थोड़ी दर बात करने के बाद मुझे नींद आने लगी तो मैं भैया से कह कर सोने लगी।
वे भी सोने लगे।
अभी कुछ ही देर हुई होगी कि भैया का लंड मेरे पीछे मेरी गाण्ड में घुसने तो तैयार सा लगा।
तो मैंने अपने हाथ से हटाने के बहाने उसे छू कर देखा.. तो वो बहुत मोटा और लंबा था और गरम भी हो रहा था।
भैया भी अभी तक सोए नहीं थे।
जैसे ही मैंने उनके लंड को छुआ तो उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया और मुझे चुम्बन करने लगे।
मुझे भी अच्छा लग रहा था क्योंकि ये सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था।
मैं भी उनको चुम्बन करने लगी।
भैया ने पूछा- तेरा कोई ब्वॉय-फ्रेण्ड है क्या?
तो मैंने मना कर दिया।
वैसे भी मेरा कोई ब्वॉय-फ्रेण्ड था भी नहीं..
भैया मुझे चुम्बन करते रहे, वे कभी गालों पर चूमते, कभी मेरे होंठों पर.. कभी पेट पर..
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मेरी चूत गीली हो गई थी।
थोड़ी देर बाद भैया ने मेरी सलवार में अपना हाथ डाल दिया।
मुझसे भी रहा नहीं गया तो मैंने भी उनके अंडरवियर में हाथ डाल दिया।
फिर भैया ने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया और पैन्टी नीचे करके मेरी चूत को चाटने लगे।
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर भैया ने मुझसे कमीज उतारने को कहा तो मैंने बिना देर किए अपना कमीज उतार दिया और ब्रा भी उतार दी।
अब मैं बिल्कुल नंगी भैया की बाँहों में थी।
वो मेरी चूचियों को दबा रहे थे और पी भी रहे थे।