बुआ की चुदाई की वासना
जेम्स
प्यारे दोस्तो, मैं एक नार्मल सा लड़का हूँ। मेरी उम्र 23 साल है। यह कहानी मेरी और मेरी बुआ की है जिनका एक साल पहले तलाक हो गया था।
मेरी बुआ जी दिखने में गोरी, उठे हुए चूतड़ और बदन थोड़ा सा मोटा है, पर दिखने में स्मार्ट हैं।
उस टाइम उनकी उम्र 32 साल की रही होगी।
वो मुझे अक्सर चुम्बन कर लेती या मेरी गर्दन में दांत से काट लेती थीं, पर इससे मुझे किसी तरह की कोई प्रॉब्लम नहीं होती थी।
जब मैं 23 साल का हुआ तो एक बार मैं अपनी बुआ से मिलने गया जहाँ पर वो मेरे साथ बाजार की सैर करने के लिए बाइक पर निकलीं।
उन्होंने मुझे बड़े प्यार से एक बार नहीं बल्कि कई बार मेरी गर्दन पर दांत से काट लिया और मेरी कमर पर हाथ रख कर अजीब ढंग से बैठी हुई थीं।
मुझे बहुत अजीब लग रहा था, पर बहुत मज़ा भी आ रहा था, मेरा दिल धड़क रहा था।
हमने शॉपिंग की और घर वापिस आ गए।
रात को मुझे कुछ थकान हो रही थी और जगह न होने की वजह से जहाँ मेरी बुआ अपने दो साल के बेटे के साथ लेटी थीं, मैं वहीं उनके बेड पर ही लेट कर उनसे बात करने लगा।
बातें करते-करते बुआ जी और मैं दोनों वहीं सो गए। करीब रात के 3 बजे मेरी आँख खुली तो देखा बुआ जी की का मुँह मेरी ओर था और उनकी गरम साँसें मेरी साँसों से टकरा रही थीं। मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा.. मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूँ..! मेरे दिमाग पर काम-वासना हावी हो रही थी।
फिर मैंने बड़ी हिम्मत करके बुआ की कमर पर हाथ रख दिया और सोचने लगा कि शायद उन्हें ये बुरा नहीं लगेगा, पर पता नहीं कैसे बुआ मेरे और नजदीक आ गईं और मेरा लौड़ा ना चाहते हुए भी खड़ा हो गया..!
अब मेरा सब्र टूटता जा रहा था और दिल की धड़कनें बढ़ती ही जा रही थीं। मैंने धीरे से अपना हाथ उठा कर उनके मम्मों पर रख दिया और सोचा कि अगर वो अचानक से उठीं तो कह दूँगा कि नींद में था सो पता नहीं लगा।
पर ऐसा नहीं हुआ, वो चुपचाप लेटी रहीं और मैं धीरे से उनके मम्मों को मसलने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने महसूस किया कि उनके निप्पल कड़क हो गए हैं ! मेरे दिल ने कहा कि शायद वो यही चाहती हैं और मैं उनके साथ धीरे से आ कर चिपक गया..!
अब मेरा लौड़ा भी खड़ा होकर उनके पेट से टकरा रहा था और मेरी सांसें बिल्कुल उनकी साँसों से टकरा रही थीं।
मेरा दिल पागलों की तरह धड़क रहा था।
मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनका सूट ऊपर किया और उनकी कमर पर हाथ रख कर सहलाना शुरू कर दिया। एक हाथ मम्मों पर था और दूसरा हाथ उनकी कमर को सहला रहा था। उनकी साँसे और तेज और गरम होती जा रही थीं।
मैंने हिम्मत की और उनकी पजामी का नाड़ा ढीला कर दिया और धीरे-धीरे अपना हाथ उनकी पैन्टी के अन्दर डालने लगा।
मैंने महसूस किया कि वो कसमसा रही हैं और उनकी कमर तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी। शायद वो तड़पने लगी थीं।
जैसे ही मेरे हाथ ने उनके चूत के बालों को छुआ..