अपनी अम्मी को जरूर चोदना
कुसुम
Apni Ammi ko Jarur Chodna
दशहरे की छुट्टियाँ मैं मौसी जी के यहाँ रह कर बिता रहा था।
मौसा जी तो काम पर चले जाते थे, घर पर मैं और मौसी जी अकेले ही रहते थे।
मेरी मौसी बहुत खूबसूरत और चुलबुली हैं, मैं अक्सर उनके बड़े-बड़े स्तनों पर नजरें गड़ा कर रह जाता था।
कभी-कभी मौसी जी तिरछी नज़रों से देख कर मुस्कुरा कर मुँह फेर लेती थी।
उस दिन मौसी बाथरूम से नहा कर बाहर निकली तो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज़ में थी, मैं उनको देख कर खड़ा का खड़ा रह गया- गहरे गले के ब्लाउज से उनके चूचे बाहर निकले पड़ रहे थे, भीगे ब्लाउज में चूचियों की नोकें साफ नजर आ रही थी, चूचियों के ऊपर के काले-काले गोल घेरे देख कर मेरा दिमाग चकरा गया। तंग पेटीकोट में बड़े-बड़े चूतड़ समां नहीं रहे थे।
मैं बिल्कुल हक्का-बक्का हो कर खड़ा का खड़ा रह गया।
मुझे इस तरह देखते हुए देख कर मौसी हंस कर बोली- मुन्ना ऐसे क्या क्या देख रहे हो? इससे पहले क्या कभी औरत नहीं देखी?
आपकी खूबसूरती देख रहा हूँ मौसी ! सच बताऊँ, मैंने इतना सुन्दर शरीर आज तक नहीं देखा है ! मेरे तो होश उड़ गए ! और दिमाग चकरा गया ! मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि क्या कहूँ ?या क्या करूँ?
तो चलो जी भर कर देख लो ना ! मैं तुम्हें सब कुछ दिखा देती हूँ ! कह कर मौसी मुझे कमरे में ले गई।
दरवाज़ा बंद कर के मौसी बोली- पहले मुझे अपना औजार दिखाओ फिर मैं भी तुमको सब कुछ दिखा दूँगी ! अगर तुम्हारा औजार पसंद नहीं आया तो बात यहीं पर खत्म हो जाएगी, नहीं तो जब तक यहाँ रहोगे, रात दिन दोनों मजा करेंगे !
मेरा लण्ड तो पहले ही तन कर खड़ा हो चुका था, मैंने पैन्ट की जिप खोल कर पूरी तरह खड़ा लण्ड मौसी के हाथ में पकड़ा दिया।
मौसी मेरा लम्बा और मोटा लण्ड देख कर उछल पड़ी, खुश होकर बोली- मजा आ गया ! बहुत दिनों बाद इतना मजेदार लौड़ा देखने को मिला है ! लण्ड के मामले में तू बिल्कुल अपने पापा पर गया है। जवान लौंडों से चुदवाने का मजा ही कुछ और है ! बहुत दिनों बाद आज मन-माफिक लण्ड देखने को मिला है !
इतना कह कर मौसी ने मुझे कपड़े उतारने को कहा।
मैं सारे कपड़े उतार कर नंगा हो गया।
मौसी ने मुझे खींच कर बिस्तर पर गिरा दिया और एक ही झटके में आधा लण्ड मुँह में ले लिया।
मुझे लण्ड चुसवाने में बड़ा मजा आ रहा था।
मैंने भी मौसी का पेटीकोट और ब्लाउज उतार फेंका और उनकी जांघों के बीच में सिर घुसेड़ कर चूत चूसने लगा।
थोड़ी देर लण्ड चुसवाने के बाद मैं मौसी के ऊपर चढ़ गया और लण्ड का सुपारा चूत के छेद पर रख कर गच्च से पूरा लण्ड भीतर तक पेल दिया।
नीचे से मौसी भी जोर का कमर का धक्का लगा कर मुझसे लिपट गई। मैंने मौसी की चुदाई चालू कर दी।
मौसी मुस्कुराते हुए सिसकारियाँ लेने लगी- हाँ..आँ… आँ…. आँ राजा ऽऽऽ आ बस ऐसी ही चुदाई चाहिये थी मुझको बेटा।