चाची की भोसड़ी का भोसड़ा बनाया
प्रियो पाठको और चुदाई करवाने वालियों को मेरा प्रणाम !
यह कहानी जो आपको बताने जा रहा हूँ, यह एकदम सच्ची घटना है, ७ महीने पहले की है।
मेरी उमर २६ साल और मेरी चाची की ४२ साल है।
मैं वैसे तो पहाड़ी इलाके का रहने वाला हूँ, एकदम गोरा, हृष्ट-पुष्ट, अच्छे खासे लंबे लंड वाला।
बात तब की है जब मैं अपनी चाची जी के घर मिलने के लिए गया था कोई ५-७ दिन के लिए। मेरे चाचा जी के २ लड़के है वो कोलेज में जाते हैं। मेरे चाचा जी नौकरी करते हैं। मैं शनिवार को उनके घर पहुंचा और रविवार को सब घर में थे! खाना खाया, अच्छा हँसे खेले, खूब मज़े किए। सोमवार को सब ९-१० बजे तक चले गये और मेरी चाची और मैं घर में थे। २-३ घंटे बाद मैं बोर होने लगा, मैंने चाची जी को बोला- आपके पास डीवीडी प्लेयर है?
उन्होंने बोला- है ! तुम्हारे चाचा जी के कमरे में है, जाओ बेटा देख लो !
जैसे ही मैंने ओन किया उसमें ब्लू फ़िल्म चली जिसमें बड़ा लंबा लंड वाला एक गोरा एक गोरी की बुरी तरह से चुदाई कर रहा था। मैं भी उसी फ़िल्म में खो गया था। थोड़ी देर बाद चाची अचानक नहा कर उसी कमरे में आ गई। मैं अपना लंड पैन्ट से बाहर निकाल कर बैठा था, जिसके साथ मैं खेल रहा था।
चाची एकदम बोली- तुम यह क्या देख रहे हो?
मैंने बोला- मैंने डीवीडी ओन किया तो यह अपने आप ही चल पड़ी, मैंने नहीं लगाई!
चाची ने बोला- बेटा यह तुम्हारे चाचा जी ही ले के आए थे।
मैंने पूछा- चाचा जी इतनी गंदी फिल्में देखते हैं?
बोली- हाँ बेटा !
फ़िर मैंने डीवीडी बंद कर दिया था ! इसके बाद मैंने मुठ मारी तब जा के मैं शान्त हुआ!
रात को हमने डिनर करने के बाद जब सोने लगे तो भी मेरे को चैन नहीं आ रहा था। २ घंटे बाद मेरे चाचा के लड़के सो गये। मेरा लौड़ा फिर से खड़ा था और बाथरूम उनके घर में एक ही था जो कि हमारे कमरे में था। जैसे ही मेरा लौड़ा खड़ा हुआ तो मैंने फिर उसके साथ खेलने की कोशिश की, बाहर निकाला उतने में फिर चाची हमारे कमरे में आई। मैंने अपना लौड़ा एकदम पैन्ट में वापिस अंदर डाल लिया।
सुबह जब सब फिर अपनी-२ ड्यूटी पे चले गये तो चाची ने मेरे को बोला- बेटा तुम शादी कर लो !
मैंने बोला- अभी नहीं।
बोली- तुम्हें चैन तो आता नहीं !
मैंने बोला- ऐसा कुछ नही !
मेरी चाची ने इतना बोलते ही मेरे लौड़े पे हाथ रख दिया। मैं बोला- चाची यह आप क्या कर रही हो?
चाची बोली- तुम्हें शांत कर रही हूँ !
पर आप तो मेरी चाची हैं, मेरी माँ के समान !
बोली- चाची तेरी हूँ ! ना कि इसकी !
उसने बिना किसी डर के मेरी पैन्ट खोली, मेरा लौड़ा बाहर निकाला और चूसने लगी। मेरा लौड़ा भी एकदम फिर से टाइट हो गया। चाची ने ऐसे चूसा जैसे काफी समय से प्यासी थी।
मैंने भी चाची की कमीज़ खोली, नीचे उसने गुलाबी रंग की ब्रा पहनी थी।