मामी ने मुझे चोदना सिखाया
दोस्तो, मेरा नाम सुजीत कुमार है, मैं काफी समय से अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ रहा हूँ तो मैंने सोचा कि क्यों ना मैं भी अपने सेक्स का पहला अनुभव आप लोगों से शेयर करूँ।
बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं का छात्र था, मैं छुट्टियों में अपने मामा के घर रहने के लिए गया था।
मेरे मामा की पत्नी यानि मेरी मामी कमाल की खूबसूरत है, वैसे तो वो दो बच्चो की माँ है लेकिन वो चाहे तो किसी को भी अपने आगे पीछे नचा सकती है।
मैं जब मामा के घर पहुँचा तो मैंने दरवाजा खुला देखा और बिना किसी को आवाज़ लगाये मैं अन्दर चला गया। जैसे ही मैं अन्दर पहुँचा, मेरे होश उड़ गए, मामी अपना पेटीकोट पहन रही थी और उनकी नंगी चूचियाँ हवा में झूल रही थी।
मैंने एक पल के लिए देखा और ‘सॉरी मामी जी…’ बोल कर आगे वाले कमरे में चला गया।
मामी मेरे पास आई और मुझ पर नाराज होने लगी, कहने लगी- तुम्हें कम से कम आवाज़ देकर तो आना चाहिए था!
यह सुनते ही मुझे थोड़ा बुरा लगा और मैंने भी जवाब दे दिया- आपको भी तो दरवाज़ा बंद करके नहाना चाहिए था!
इस पर वो कुछ नहीं बोली और चली गई, थोड़ी देर बाद वो मेरे लिए पानी लाई, मैंने पानी पिया और फिर वो मुझसे मेरे घर के सभी लोगों के बारे में पूछने लगी।
मैंने उनसे कहा- सब ठीक है।
और बाज़ार चला गया।
वापस लौटने में शाम हो गई, जब मामी का फोन आया तो मैंने कहा- आ रहा हूँ।
जब मैं घर आया तो रात के 9:30 हो रहे थे, मैंने खाना खाया और मामी से कहा- मैं अब सोने जा रहा हूँ।
उन्होंने कहा- ठीक है।
ठीक एक घंटे बाद मामी मेरे कमरे में आई और कहा- सो गये क्या सुजीत?
मैंने जवाब दिया- नहीं मामी, ऐसे ही लेटा हूँ, क्यों कोई काम है?
तो मामी ने कहा- आज तुम्हारे मामा की नाईट शिफ्ट है, वो नहीं आयेंगे और मुझे भी नींद नहीं आ रही है, चलो कुछ बातें करते हैं।
तो मैंने कहा- ठीक है!
और हम इधर–उधर की बातें करने लगे लेकिन अभी तक मेरे मन में मामी को चोदने की कोई बात नहीं थी।
हम बातें करते रहे और मामी मेरे ही बिस्तर पर सो गई।
मैंने भी सोचा ‘सोने दो’ और मैं भी उनके बगल में ही सो गया।
अचानक रात के दो बजे मेरी नींद खुली, मैं पानी पीने गया और जब वापस आकर देखा तो मेरी बची कुची नींद भी उड़ गई, मैंने देखा कि मामी सोई है और उनकी साड़ी घुटनों तक उठी हुई थी, उनकी गोरी गोरी जांघें चांदनी में अँधेरे में चमक रही थी।
मैं धीरे से गया और मामी के थोड़ा करीब जाकर सो गया, मैं धीरे से अपनी कोहनी मामी की दाईं चूची पर रख के हाथ हिलाने लगा ऐसे जैसे कि मैं नींद में हूँ।
अब मुझे पूरा यकीन हो गया था कि मामी गहरी नींद में है।
मैं धीरे धीरे उनकी चूचियों को सहलाने लगा, वो अब भी नींद में थी।
फिर मैं उनकी जांघें सहलाने लगा। उस वक्त मेरा 6 इंच का लंड अपने पूरे शवाब पर था।