मौसी हैं मुझ पर फ़िदा, मौसी की चुदाई करूँ या नहीं?
मेरा नाम अभिमन्यु सिंह है, मैं जयपुर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 23 साल की है और मैं एक इंजीनियर हूँ।
मैं अपने परिवार के साथ पुणे और मुम्बई घूमने गया था, वहां पर मेरी एक दूर की मौसी रहती हैं, हम सब उन्हीं के घर पर रुके थे।
मैं अपनी इन मौसी से पहली बार मिल रहा था, उनके 2 बच्चे हैं, बड़ी बेटी 11 साल की और छोटा बेटा 6 साल का था।
वे सब हमको देख कर बहुत खुश हुए।
वहाँ आने के बाद पता चला कि मौसी बहुत फ्रैंक और बड़े ही खुले विचारों की थीं.. तो वे मुझसे जल्दी ही खुल गईं। अभी तक मेरे दिमाग में कहीं भी उनके लिए कोई गलत विचार नहीं आया था। हालांकि मौसी दिखने में काफी अच्छी हैं। उनकी उम्र 33 साल है और अब भी वो कमसिन जवान लड़की सी लगती हैं।
वहाँ पुणे सिटी में हम सब जगह घूमे। हम उनके यहां 4 दिन रहे, मुझे मौसी के घर आकर काफी अच्छा लगा। जाते-जाते मौसी ने मेरा नंबर भी लिया।
फिर हम मुम्बई घूमते हुए वापस जयपुर आ गए। इस दौरान मेरी मौसी से चैटिंग होती रही। कुछ दिनों बाद उनके फ़ोन आने लगे और हम खूब देर तक बातें करते हुए मस्ती करने लगे थे।
उनसे बात करते समय मुझे लगता था जैसे मैं अपनी किसी गर्लफ्रेंड से बात कर रहा हूँ।
फिर पता नहीं, मुझे ऐसा क्यों लगने लगा जैसे कि वो मुझे पसंद करने लगी हैं, पर मैंने सोचा कि मौसी ऐसा कैसे कर सकती हैं, मैं तो उनका भांजा हूँ और वो अपनी फैमिली में खुश भी हैं।
मैंने शुरूआत से सोचना शुरू किया तो मुझे कहीं भी ऐसा नहीं लगा कि हमारी कोई ऐसी बात हुई है, जिससे लगे कि वो मुझसे अट्रैक्ट हों।
मैंने थोड़े दिन ऐसे ही चलने दिया और वो मुझे मौसा जी के बारे में बताने लगतीं- तुम्हारे मौसा बहुत दारु पीते हैं और मुझसे बहुत लड़ते हैं।
उन दिनों वो मुझसे हर तरह की बातें करने लगी थीं।
फिर मैंने उनसे एक बार पूछा- मौसी आप मुझे पसंद करती हैं क्या?
तो उन्होंने बिना झिझक के बोल दिया- हाँ करती हूँ।
वो ये भी चाहती थीं कि मैं भी उनको पसंद करूँ तो मैंने मौसी को समझाने का बहुत प्रयास किया, पर वो ना मानी और एक दिन मुझे उन्होंने बोल ही दिया कि वो मुझसे सेक्सुअली अट्रैक्टेड हैं।
मैं उनको कुछ न बोल सका, शायद ऐसा मुझमें भी कुछ था। तब भी अब मैंने उनसे बात करना कम कर दिया था। फिर भी वो मुझे रोज़ कॉल करती थीं।
मुझे अन्दर से बहुत बुरा लगता था तो मैंने उनको एक दिन अच्छे से सुना दिया और कहा- मुझे आपसे कोई बात नहीं करनी और मुझे फ़ोन करना बंद करो!
यह कह कर मैंने फ़ोन काट दिया।
कुछ दिन सब शांत रहा, लेकिन थोड़े दिन बाद उनके फिर मैसेज आने चालू हो गए।
मैंने भी उनको साधारण मैसेज करके टेस्ट करके पता लगाया कि वो अब मेरे ख्यालों से बाहर आई या नहीं। मुझे सब ठीक लगा तो मैं उनसे वापस बात करने लगा।
इस बार शायद मेरे मन में भी वही चल रहा था..