क्लासमेट से मस्ती
प्रेषक : अभिषेक सिंह
मेरा नाम अभिषेक सिंह है, मैं बी.कॉम कर रहा हूँ, उम्र बीस साल है लेकिन देखने में 25 का लगता हूँ। मेरा कद 6’2″ है, देखने में स्मार्ट हूँ। मैं दिल्ली में कॉल सेण्टर में जॉब भी करता हूँ और कभी दिल्ली तो कभी इलाहाबाद रहता हूँ, आजकल मैं इलाहाबाद में हूँ।
मेरी जिन्दगी में बहुत से लड़कियाँ आई और मैंने बहुतों को चोदा है, सब चुदते हुए एक ही बात बोलती है कि अभी, तुमने मुझे जन्नत में पहुँचा दिया….
मेरा लंड लगभग 8″ लम्बा है।
अब मैं कहानी पर आता हूँ…
इसी बीच क्लास में एक नई लड़की ने प्रवेश लिया, उसका नाम अंजलि था। उस दिन भी मैं रोज की तरह क्लास में गया और अपनी जगह पर बैठ गया। कुछ देर बाद अंजलि मेरे बगल आ कर बैठी, फिर हमारी बात होने लगी। शुरू में मुझे अच्छा नहीं लग रहा था क्यूंकि रोज मेरे बगल तनु बैठती थी और आज वो नहीं आई थी लेकिन अंजलि मुझसे बहुत लगाव रख रही थी और अंजलि ने मेरा मोबाइल नम्बर ले लिया और अपना दे दिया।
उसी दिन शाम को अंजलि का मैसेज आया, उसमें नीचे लिखा था ‘आई मिस यू’
मैं तुरंत समझ गया कि लड़की चुदना चाहती है। फिर मैंने उसे चोदने की योजना बनाई और रात में फोन करके आई लव यू बोल दिया और अगले दिन एक पार्क में मिलने को कहा। वो मान गई।
अगले दिन जब वो आई तो बिल्कुल माल लग रही थी, उसने जींस और लेडिस शर्ट पहनी थी। उसकी चूची का आकार 32 होगा।
मन कर रहा था कि तुरंत ही चोद दूँ…
हम लोग भारद्वाज पार्क गए, वहाँ मैंने मौका देख कर उसे चूम लिया लेकिन मेरा मन तो उससे चोदने का था। थोड़ी देर बाद उसने मुझसे कहा कि उसे एक प्रोजेक्ट बनाना है। मेरी तो जैसे किस्मत ही खुल गई हो।
मैंने तुरंत कहा- मेरे कमरे पर चलो, वहीं मैं तुम्हारा प्रोजेक्ट बना दूँगा।
उसने कहा- ठीक है।
फिर हम लोग बाइक से कमरे पर गए। कमरे पर आने के बाद वो मेरा मोबाइल देखने लगी। मैंने एक किस्सिंग सीन स्क्रीन पर लगाया हुआ था।
उसने मुझसे कहा- यह क्या है अभी?
मैंने कहा- प्रक्टिकल करके बताऊँ? यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर पढ़ रहे हैं।
तब वो हंसने लगी। मैं तुरंत उसे चूमने लगा और चुम्बन करते करते ही उसकी चूचियाँ दबाने लगा। अब वो भी मुझसे सहयोग करने लगी थी…..
मैंने चूमते चूमते ही उसकी शर्ट उतारी तो वो ब्रा और जींस थी। फिर मैंने उसकी ब्रा खींची तो उसका हुक टूट गया और ब्रा उतर गई। उसकी दोनों चूचियाँ मेरे हाथ में आ गई।
क्या गजब की चूची थी, 32″ की रही होंगी, एकदम गोरी-गोरी।
अब मैंने उसे अपने बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूचियों को दबाने लगा और वो स्सस्स ह्ह्हस्स ह्ह्ह और र्रर्र बोलने लगी। फिर मैंने उसकी जींस को खोला, उसने गुलाबी रंग की पैंटी पहनी थी, उसकी पैंटी और जांघों को मैं देखता ही रह गया। साली बिल्कुल क़यामत लग रही थी।