जन्मदिन का उपहार
प्रेषक : मुकेश कुमार
दोस्तो, आज मैं अपनी सच्ची कहानी आपके सामने रखने जा रहा हूँ।
यह बात उस समय की है जब मैं इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा था और मेरी उम्र 19 साल थी। मैं एक कोचिंग क्लास में पढ़ता था, मेरा नंबर हमेशा क्लास में सबसे ऊपर रहता था और मेरा रहने का ढंग मुझे लोगों से अलग और थोड़ा बिंदास बना देता था। सो मुझे सारे लड़के और लड़कियाँ अच्छे से जानने लगे, इस तरह मैंने आसानी से सबको अपना दोस्त बना लिया।
कुछ लड़कियाँ भी मेरी दोस्त थी मगर वो सब बस मजे में रहने के लिए ! चूँकि मैं शांत मिजाज का लड़का था सो कोई भी मुझसे आराम से दोस्ती कर लेता था। मगर मेरा लण्ड शांत नहीं रहता था सो कभी कभी प्रिया को याद कर मुठ मार लिया करता था। प्रिया मेरे ही बीच की होने के कारण केवल मुझसे ही बातें किया करती थी। उसकी फिगर 32-28-32 थी। यह उसने खुद बताया था।
हम दोनों की बातचीत बस पढ़ाई तक ही सीमित रहती थी। मगर मुझे सबसे ज्यादा मजा उसी से आता था क्योंकि वो क्लास में सबसे सेक्सी थी और पढने में भी उसका नंबर मेरे बाद आता था।
अभी मैं इंजीनियरिंग में हूँ मगर उससे सेक्सी और सुलझी लड़की अभी तक नहीं मिली है।
एक दिन उसने अपने घर मुझे बुलाया अपने जन्मदिन पर ! चूंकि उसके मम्मी पापा की भी बात मुझसे हो गई थी सो मुझे उसके घर आने-जाने की समस्या ख़त्म हो गई। अब मैं उसके घर आसानी से जा सकता था। मैं अकेले रहने के कारण उनके काम भी आने लगा था, मगर मेरा काम भी इससे पूरा हो रहा था। कभी मैं उसका हाथ पकड़ लेता था तो वो शरमा जाती थी।
मुझे उसके चूचों के भी दर्शन हो रहे थे। उसके जन्मदिन में बहुत सारे लोग आए हुए थे मगर अधिकांश तो दोस्त ही थे।
काफ़ी सारे काम मेरे जिम्मे थे जिसके कारण मैं बार बार प्रिया के पास चला जाता। वो भी इस बात को समझती थी। इस तरह मैं रात को लेट हो गया। मैं जब अपने घर जाने लगा तो आंटी ने मुझे वहीं पर रुकने को बोल दिया। मैं भी यही चाह रहा था, कई दिनों से मैं प्रिया को चोदने के बारे में सोच रहा था, आज मैं इस मौके को हाथ से नहीं निकलने देना चाह रहा था।
आँगन में गेस्ट-रूम में मुझे सुलाया गया मगर मुझे तो बस उसे चोदने के लिए एक मौका चाहिए था। मेरे कमरे के बगल में ही बाथरूम था। कुछ देर बाद प्रिया वहाँ बाथरूम में नहाने के लिए आई। उसने बाथरूम को अंदर से बंद कर लिया। चारों तरफ अँधेरा था, सो मैं बाथरूम के पीछे जाकर एक छेद से देखने लगा।
उसने पहले तो अपने पहनने वाले सारे कपड़े रस्सी पर रख दिए, फिर पानी के लिए नल चला दिया। मुझसे बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था। मेरा लण्ड पैंट से निकलने को बैचैन हो रहा था।
अब उसने अपनी टॉप जो पार्टी में उसने पहन रखी थी, उतार दी। अब वो बस जींस और ब्रा में थी। मैंने अपने लण्ड को बाहर निकाल लिया।