एक विचित्र चुदाई
मैंने शायद अपनी किसी कहानी में जिक्र किया भी है कि मेरे मामा के घर से वापिस आ जाने के बाद मेरे चुदाई के सम्बन्ध मेरे चचेरे भाई परेजू से हो गए थे। परेजू ने मुझे जी भर कर चोद और बहुत मज़ा दिया भी और लिया भी। पर उसने यह बात अपने एक गहरे दोस्त को भी बता दी और चुदवाने के लिए भी मुझे उकसाया।
मैं भी ऐसे अवसर क्यूँ छोड़ती। अतः इन दोनों के साथ ये खेल चल रहा था। उसका यह दोस्त यासीन उमर में मुझसे 4 साल बड़ा था और भाई भी मुझसे 4-5 साल बड़ा था।
उन्ही दिनों यासीन ने पता नहीं कैसे मेरी माँ से भी कांटा भिड़ा लिया। माँ थी करीब 38 की पर सुन्दर बहुत थी। यासीन होगा 25-26 का। यासीन अब ज्यादातर माँ की चुदाई में रूचि लेने लगा। परेजू को सब पता था, उसी ने मुझे एक दिन चोदते वक्त बताया कि चाची यानि मेरी माँ, आजकल जब भी मौका मिलता है तो यासीन से चुदवाती है।
मुझे पहले विश्वास नहीं हुआ पर उसने जैसी बातें सुनाई तो लगा सही कहता होगा।
उसने कहा- तुझे देखना हो तो मैं किसी दिन दिखा भी दूँगा।
मैंने कहा- दिखाओ।
वो बोला- अब जिस दिन उनका प्रोग्राम होगा तब बताऊँगा।
दो तीन दिन बाद ही परेजू बोला- चल आज तुझे जीती जागती ब्लू फिल्म दिखाता हूँ !
वो मुझे हमारे ही घर में ऊपर पहली मंजिल पर एक कमरे तक ले आया और एक खिड़की के कोने से सब चुपचाप देखने को कहा।
कमरे के अन्दर का नज़ारा देख कर मैं अचम्भे के साथ साथ गुस्से से भर गई।
कमरे में मेरी माँ एकदम नंगी होकर यासीन के साथ धींगा-मस्ती कर रही थी और हंसती जा रही थी। यासीन भी नंगा था और उसका लण्ड तन कर ऊपर को मुँह किये हिल रहा था। माँ ने उसके घुटनों के बीच बैठ कर उसका लण्ड अपने हाथ में लिया फिर जीभ से उसका सुपारा चाटने लगी।
यासीन माँ का सर पकड़ कर अपने लण्ड की तरफ खींच रहा था। फिर यासीन बोला- डार्लिंग, आज तुम कुछ खास गेम करवाओ जो तुमको बहुत पसंद हो।
माँ बोली- गेम तो अनगिनत है मेरे पास ! पर चलो देखती हूँ इस गेम में तुमको कैसा लगता है। पर मुझे तेरा ये स्पेशल लम्बा और मोटा लण्ड छोड़ने की इच्छा नहीं हो रही। इस लण्ड ने मुझे पागल कर रखा है।
वो बोला- यह तो मिलेगा ही ! गेम भी हो जाये।
माँ ने लण्ड चुसाई बीच में ही छोड़ी और बोली- देखो, इन रजाई गद्दों और तकियों को इकठा करके एक पहाड़ बनाओ, मैं उस पहाड़ पर चढ़ कर नीचे फिसलते हुए आऊँगी, तुम नीचे अपना लंड मेरी चूत के स्वागत को तैयार रखना, तुम यदि चूक गए तो बहुत मारूंगी। और ऐसा कह कर जोर से हंसने लगी।
यासीन भी हंसा।
इधर हमारी हालत ख़राब होने लग गई, परेजू मेरे पीछे मुझसे चिपक कर खड़ा था और अपना लंड मेरे चूतड़ों के बीच गांड में धंसा रहा था।