हसीन गर्ल-फ्रेंड की सील खोली
शाहरुख खान
मेरा नाम शाहरुख है, मैं इंदौर में रहता हूँ, मैं अपनी पहली सच्ची कहानी लिख रहा हूँ जिसमें मैंने पहली बार अपनी गर्ल-फ्रेंड की चुदाई की थी।
उसके बाद पिछले 5 सालों से उसे चोदता आ रहा, जिसकी वजह से मुझे चुदाई की लत ही पड़ गई। उसके बाद मैं जिसे भी देखता उसको चोदने के बारे में ही सोचता।
मेरी फ्रेंड का नाम शबाना (बदला हुआ नाम) था। वो दिखने में बहुत अच्छी थी, उसके हसीन बदन देखने में ऐसा कि किसी का भी लंड खड़ा हो जाए। उसका बदन 34-30-34 था, उसके चूचे तो दीवाना कर देते थे।
मैं जब बारहवीं कक्षा में था, तब वो मेरे स्कूल में पढ़ने आई थी, पर मैं उसे पहले से जानता था क्योंकि वो मेरे घर के पास में ही रहती थी। इसलिए हमारी पहले से थोड़ी बहुत बातचीत होती थी।
क्लास में उसकी कोई फ्रेंड नहीं थी, इसलिए वो मुझसे ही बात किया करती थी। उस वक्त मेरा इरादा कोई गलत नहीं था। वो क्लास में मेरे पास ही बैठती थी। धीरे-धीरे हम अच्छे फ्रेंड बन गए, साथ में लंच करते, साथ में रहते।
लेकिन जब एक दिन वो स्कूल नहीं आई, तो मुझे बहुत बुरा लगा मैंने उससे बहुत ‘मिस’ किया।
शाम को जब मैंने उसे फ़ोन किया तो मैंने उसकी सुने बिना उसे बहुत बुरा-भला कहा और फ़ोन रख दिया।
अगले दिन जब मैं स्कूल गया, तो वो फिर स्कूल नहीं आई।
शाम को उसका फ़ोन आया, मैंने जब बात की, तो उसने बताया उसकी तबियत ख़राब है।
मैं उससे मिलने गया, साथ में फ्रूट्स लेकर गया और उससे बहुत देर तक बातें कीं, फिर मैं घर आ गया।
स्कूल में मैंने जब उससे अगले दिन देखा, तो उसे देखते ही गले लगा लिया। मेरे गले लगाने से वो मुस्कुराने लगी और मुझे भी अजीब सा एहसास हुआ। इसी तरह कुछ दिन निकल गए। अब एग्जाम टाइम आ गया था, इसलिए उसके घर पर हम साथ में पढ़ते थे।
एक दिन उसे पढ़ते-पढ़ते नींद आ गई और वो मेरे कंधे पर सर रख कर सो गई। फिर उसे मैंने अपनी गोद में सुला लिया और उसके गालों पर हाथ फेरना शुरू किया।
वो गहरी नींद में थी, इसलिए मैंने उससे गाल पर एक चुम्मी ली, फिर उसे सुला कर में अपने घर चला आया।
सुबह वो मुझे जब स्कूल में मिली तो रात के बारे में पूछने लगी, रात को क्या हुआ था? तो मैं डर गया कहीं उस समय यह जाग तो नहीं रही थी।
पर उसने कहा- मुझे अच्छा लगा..!
और वहाँ से चली गई।
मैं बहुत खुश था, मैं क्लास में गया और उससे ‘आइ लव यू’ कह दिया। उसने भी ‘आइ लव यू टू’ कहा और गले लग गई क्योंकि क्लास में कोई नहीं था।
जब हम रात में साथ में पढ़ने लगे, तो वो मेरे बिल्कुल पास में बैठी थी, मैंने उसके गले में हाथ डाला, उसे अपनी बाँहों में ले लिया और उसे चुम्बन करने लगा।
लगभग 15 मिनट तक हम चुम्बन करते रहे, फिर मैंने अपना हाथ उसके मम्मों पर रख दिया, बेचैन होकर उसके शर्ट को भी उतार दिया।
क्या चूचे थे…! वाह..