मेरी प्यारी चारू –2
दोस्तो, मैं और चारू दोनों ही प्यार के रंग में सराबोर होने के लिए तड़प रहे थे। अब सिर्फ़ चुम्बन करने और गले लगने से हमारा मन नहीं भरता था। हम दोनों सेक्स की आग में झुलस रहे थे और रास्ता खोज रहे थे कि हम एक-दूसरे से जी भर के प्यार कर सकें।
एक दिन की बात है जब हम रात को 12 बजे फोन पर बात कर रहे थे और वॉयस-सेक्स कर रहे थे।
तभी बातों-बातों में चारू ने कहा- आज पापा बाहर गए हैं, तुम मेरे घर आ जाओ, मैं गेट खुला रखूँगी, तुम जल्दी से अन्दर आ जाना। पापा रात को 4 बजे तक आयेंगे और मम्मी सो गई हैं।
पहले तो मैं घबरा रहा था, फिर मैंने अपने आप को धीरज दिया और जाने को राज़ी हो गया।
मैं 12.30 बजे घर से निकल कर उसके घर की तरफ चल दिया। उसका घर मेरे घर के पास में ही था सो मैं 5 मिनट में ही उसके घर पहुँच गया।
दोस्तों मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था। साथ में वासना की आग भी लगी हुई थी, जो मुझे एक जुनून दे रही थी। मैं जैसे-तैसे उसके घर जाकर गेट तक गया, वो गेट की आड़ में खड़ी थी। मैं झट से अन्दर चला गया और उसके कमरे में चला गया। उसका कमरा पहली मंज़िल पर था और दूसरी मंज़िल पर उसकी मम्मी सो रही थीं।
हमने कमरे में जाकर अन्दर से कुण्डी लगा ली और मैं झट से उसके गले लग गया।
वो भी मुझे ‘जगेश मुझे प्यार करो ना.. आई लव यू !’ बोल रही थी और मैं उसे चूमे जा रहा था। कहीं गले पर तो कहीं गालों पर उसने आसमानी रंग का पजामा और लाल टी-शर्ट पहनी थी, उसके बाल खुले हुए थे। वो मस्त लग रही थी। मैंने उसे गोद में उठा कर बिस्तर पर लिटाया और उसके बालों में हाथ डाल कर उसे चूमने लगा। हम दोनों एक-दूसरे से चिपके हुए थे। हमारे गुप्तांग एक-दूसरे को छू रहे थे जिसका अहसास हमें अच्छे से हो रहा था।
अब मैंने उसे चूमते हुए उसके टी-शर्ट से होते हुए उसकी कमर में हाथ डाला और धीरे-धीरे सहलाने लगा। वो लम्बी-लम्बी ‘आहें’ भर रही थी। पहली बार मैंने इस तरह से उसे छुआ था। वो मस्त हो कर प्यार के इस रंग में सराबोर हो रही थी।
अब मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और उसके गले पर और पेट पर चुम्बन करने लगा। उसने हल्के नीले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। मैं ऊपर से ही उसके मम्मे दबा रहा था। उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था।
वासना की लहरों पर सवार मैंने उसका पजामा उतार दिया। हल्के नीले रंग की पैन्टी और ब्रा में वो मस्त लग रही थी। उसकी मस्त-मस्त टाँगों और बदन पर, उसकी नाभि पर हाथ फेर रहा था और अपनी ज़ुबान से उसे छेड़ रहा था।
उसे बहुत मज़ा आ रहा था, जो उसकी मादक सीत्कारों से समझ आ रहा था। मैंने भी अपनी टी-शर्ट और पजामा उतार दिया। अब मैं अंडरवियर में और वो ब्रा-पैन्टी में थी।
मैं उसके पूरे बदन पर चुम्बन कर रहा था और उसके मम्मे को हल्के हल्के दबा रहा था। वो भी मेरी बांहों में सिमट कर मुझे चूम रही थी।