आँखों आँखों में
मेरा नाम सोनिया है, यह मेरी असली कहानी है। मैं 21 साल की हूँ और दिखने में स्मार्ट हूँ। मेरा फिगर 34-26-32 है।
यह कहानी जब की है जब मैं बारहवीं के पेपर दे रही थी। मैं पेपर की तैयारी कर रही थी इस लिए मुझे ऊपर का एक कमरा अलग से दे रखा था। मैं रात को कई बार पढ़ने के बाद छत पर घूमती रहती थी। एक दिन मैंने देखा कि मेरे पड़ोस का एक लड़का मुझे देख रहा था पर मुझे लगा की वो ऐसे ही देख रहा होगा। पर यह उसका हर रोज का काम हो गया। वह लड़का देखने में भी स्मार्ट था मुझे भी उसका देखना अच्छा लगने लगा तो मैं भी हर रोज छत पर घूमने लगी।
बात उस दिन की है जिस दिन मेरा अन्तिम पेपर था। मैं जैसे ही स्कूल से बाहर आई, देखा तो वो बाहर ही खड़ा था। मैं उसे ना देखने का बहाना करते हुए सीधा जाने लगी तो उसने मुझे थोड़ी दूर पर रोक लिया और मुझे एक कागज़ देकर चला गया। मेरा दिल बड़े जोर से धड़क रहा था।
मैंने घर आकर देखा तो उस पर उसका फ़ोन नम्बर लिखा था।
मैंने अपने मन को बहुत समझाया पर 2 दिन बाद मैंने उससे फ़ोन कर ही दिया।
फिर हमारी बातचीत आगे बढ़ी।
फिर एक दिन हमने मिलने की योजना बनाई। वह मुझे बस स्टैंड पर मिला फिर हम बुद्ध गार्डन चले गए, वहाँ हमने बैठ कर बहुत बातें की। अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ लिया मेरा दिल बहुत जोर जोर से धड़कने लगा। उसने मुझे चुम्बन के लिए कहा, मैंने मना किया पर उसने जबरदस्ती कर के मेरी चुम्मी ले ही ली, मुझे बड़ा अच्छा लगा क्योंकि यह मेरी जिन्दगी की पहली चुम्मी थी।
उसने मुझे चूमा पर इस बार मैंने उसका साथ दिया। हमने बड़ी देर तक चूमा चाटी की, यही करते करते हुए उसका हाथ मेरी छाती पर आ गया और वह मेरी चूचियाँ दबाने लगा। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। अचानक उसने मेरे कमीज में से मेरे एक स्तन को बाहर निकाला और चूसने लगा। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था पर मैंने अपने आप को संभाला और मना कर दिया और घर आ गई। उस रात मैं सिर्फ उसके बारे मैं ही सोचती रही। फिर रात को उसका फ़ोन आया उसने पूछा- मज़ा आया?
मैंने हां कहा तो उसने बोला- तो वहाँ से आ क्यों गई?
तो मैंने बोला- खुले में डर लगता है।
फिर हमने सेक्स की बहुत बातें की और अगले दिन मूवी जाने की योजना बनाई।
अगले दिन हम 12 बजे के शो मैं कॉर्नर की सीट पर बैठ गए। जैसे ही अन्दर अन्धेरा हुआ, उसका हाथ मेरे शरीर पर चलने लगा, उसने मेरा मुँह अपनी तरफ किया और अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए। और हम लगभग 15 मिनट तक चुम्बन करते रहे, उसके हाथ मेरे पूरे शरीर पर सांप की तरह घूम रहे थे।
फिर उसका एक हाथ मेरी मुनिया पर आ गया और वह कपड़ों के ऊपर से ही उसे सहलाने लगा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैंने अपने आप को उसके हवाले कर दिया। मेरा पानी निकल कर कपड़ों के बाहर तक आने लगा।