पंजाबन कुड़ी सिमरन चुद गई
मैं हरमन पंजाब का रहने वाला हूँ, मैं अन्तर्वासना का पिछले 5 साल से पाठक हूँ, मैंने कई लेखकों की कहानियाँ पढ़ी ! कहानियाँ पढ़ कर मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरे दिल में बहुत समय से इच्छा थी कि अपनी कोई घटना आप लोगों को बताऊँ, पर क्या करता मुझे कहानी लिखनी ही नहीं आती। पर मैंने एक दिन काफ़ी काफ़ी मेहनत के बाद यह कहानी लिखी है, मुझे उम्मीद है कि यह आपको पसंद आएगी। यह मेरी पहली कहानी है, मैं जो भी लिख रहा हूँ बिल्कुल सच लिख रहा हूँ।
यह कहानी मेरी और मेरी एक दोस्त सिमरन की है, जिसको मैं बहुत प्यार करता हूँ, मगर अब उसकी शादी हो गई है, मैं उसके बारे आपको बता दूँ, सिमरन 5’5” की लंबी हाइट, तीखे नैन नक्श, 34-28-34 की फिगर, बाकी आप लोग जानते ही होंगे कि पंजाबन कुड़ियाँ यानि लड़कियाँ कैसी होती हैं।
मेरा उसके साथ चक्कर था, हम कॉलेज में मिल कर रहते, खाते-पीते और बाकी के काम जैसे पढ़ने लिखने वाले भी साथ में ही करते। एक दिन उसके घर वाले कहीं बाहर गये हुए थे, उस दिन शाम को सिमरन का मुझे फोन आया कि उसे कोई परेशानी है, जल्दी उसके घर आने को कहा।
मैं शाम के लगभग 6 बजे उस के घर गया। मैं उसके दरवाजा खोलने के बाद अंदर आने का कहने पर अंदर गया, उस दिन सिमरन सच में कयामत लग रही थी, उसने टाइट जींस पहन रखी थी और साथ में सफ़ेद टॉप पहन रखा था। उस दिन मैं खुद भी उस को देख कर हैरान रह गया था, मैंने उसे देखा तो उसे चोदने को मन करने लगा कि अभी पकड़ कर इसे चोद डालूँ ! उसने मुझे बैठने का बोला और मेरे लिए पानी लेने चली गई। वापिस आने पर उसने मुझे पानी दिया और मेरे साथ बातें करने लगी। हमारा टाँका तो पहले से ही भिड़ा था और कभी कभी एक दूसरे को छू लेते थे, पर सेक्स की नज़र से पहले एक दूसरे को कभी नहीं देखा था, पर उस दिन जैसे सिमरन मूड में थी कि उसने मुझे स्पष्ट ही कह दिया कि आज वो अपने दिल की तमन्ना पूरी करना चाहती है।
मेरे दिल में उसकी बात सुन कर लड्डू फूटने लगे, मैंने झट से उसको गले लगा कर उसके होंठों को चूम लिया। उसने भी जवाब में मेरे होंठों को चूम लिया। इतना करने के बाद वो दरवाजा बंद करने चली गई। वापिस आने के बाद मुझे वो अपने कमरे में ले गई, जहाँ पर उसने मुझे अपने बिस्तर पर धक्का दे दिया। हम एक दूसरे के साथ जोरदार चूमाचाटी करने लगे। मैंने उसकी चूचियाँ दबानी शुरू कर दी, जिससे वो ज्यादा गर्म होने लगी, गर्म होने के बाद एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे, अब हमारे बदन पर सिर्फ़ 2-2 कपड़े ही बचे थे। हम एक दूसरे को और गर्म करने के लिए 69 अवस्था में आ गये और मैं उसकी फुद्दी चाटने ल्गा और वो मेरा लण्ड चूसने लगी।
इतना करने के बाद वो कहने लगी- हरमन, अब मुझसे रुका नहीं जा रहा, मेरी फुद्दी में अपना लौड़ा घुसा डाल ! यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।