वेलेंटाईन डे का तोहफा-3
प्रेषक : शशिकान्त वघेला
उसने फट से कंडोम पहना दिया मानो मुझसे पहले उसे जल्दी हो चुदाने की !
फिर मैंने उसे सीधी लिटाया और उसके पैर फ़ैलाकर अपना लण्ड उसकी चूत के मुँह के पास रख दिया, मुझे मालूम था कि लण्ड कहाँ डालना है पर मैंने जानबूझ कर थोड़ा नीचे रखा तो वो बोली- यहाँ नहीं थोड़ा ऊपर लाओ !
वो अक्षतयौवना थी तो उसकी योनि थोड़ी अन्दर और बहुत कसी हुई थी।
फिर उसने मेरे लण्ड को अपने हाथ से पकड़ कर अपने योनि-मुख पर रखा और मैं धीरे धीरे दबाव देने लगा।
वो मुँह से अजीब अजीब सी आवाज निकालने लगी। उसकी आवाज सुनकर मैं भी थोड़ा जोश में आ गया। फिर मैंने एक हल्का धक्का दिया ही था कि वो जोर से चिल्लाई।
उसके चिल्लाने को दरकिनार करते हुए मैंने एक और भी जोर का झटका मारा और मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में समा गया।
वो रोने लगी और ऊई माँ ! ऊई माँ ! चिल्लाने लगी।
मैंने बोला- इस वक्त सासु माँ को याद मत करो ! कुछ और बोलो !
उसने मुझे जोर से कस लिया और मैंने अपने होंठ उसके होंठों से सटा लिए।
फिर मैंने और जोर से धक्का लगाया तो मेरा पूरा लण्ड उसके कौमार्य को भेदता हुआ उसकी अनछुई योनि में समा गया। वो मेरे नीचे तड़फ़ कर रह गई।
मैंने महसूस किया कि उसकी चूत से खून भी बह रहा था तो मैंने अपने को रोका और उसे अपने बदन के नीचे दबा कर लेटा रहा कुछ देर !
मैंने अपने होंठ उसके होंठों से हटा कर उससे कुछ पूछने को ही था कि उसने कहा- बहुत दर्द हो रहा है, आप अभी हिलना मत !
मैंने पूछा- बाहर निकालूँ क्या?
तो बोली- नहीं, ऐसे ही लेटे रहो !
कुछ देर बाद मैंने अपना प्रयास आरम्भ किया तो उसके चेहरे के भावों से लग रहा था कि तब भी उसे दर्द हो रहा था लेकिन उसने मुझे नहीं रोका।
मैंने धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाई तो मुझे लगा कि वो भी मुझे चोदने का निमंत्रण दे रही थी।
अब मैं पूरे वेग से उसे चोदने लगा, वो भी अब मेरा साथ दे रही थी और कह रही थी- जानू, मुझे और चोदो ! मेरी प्यास बुझाओ ! अब मैं कुंवारी नहीं रही, जितनी मर्जी चाहे चोदो ! और चोद-चोद के मेरी चूत का सारा पानी निकाल दो !
मैंने जोर जोर से उसे चोदना जारी रखा, वो और जोर जोर से चिल्लाने लगी मानो वो कोई ब्लू फिल्म की अभिनेत्री हो।
मुझे भी मजा आ रहा था चोदने में, पर मैं भी झड़ने वाला था तो जोर जोर से उसे चोदने लगा, थोड़ी ही देर में मैं झड़ गया। वो तो पहले ही दो-तीन बार झड़ चुकी थी।
कुछ देर बाद जब मैं उसके ऊपर से हटा तो देखा कि उसकी जांघें और नीचे चादर उसके रक्त से भीगी थी। मैंने उसे कहा- बाथरूम में जाकर धो लो !
वो नंगी उठकर बाथरुम में गई तो मैं उसे पीछे से देखता ही रह गया, वह पूरी नंगी चौड़ी टाँगें करके चल रही थी और एकदम सेक्सी लग रही थी।
जब वो वापिस आई तो उसकी चाल मुझे दीवाना कर रही थी मानो वो मुझे चोदने का निमंत्रण दे रही थी।