वो पल इस दुनिया के नहीं थे
प्रिय दोस्तो,
मेरा नाम आदित्य है, मेरी उम्र 24 साल है।
मैं आज आपको अपनी कहानी बताने जा रहा हूँ। यह कहानी मेरी और मेरी दोस्त की है।
यह बात लगभग एक साल पहले की है।
मेरी एक बहुत अच्छी दोस्त है, उसका नाम नेहा है। उसकी उम्र भी मेरे जितनी है। वो गोरे रंग की है, उसकी फिगर भी मस्त है।
नेहा और मैं बहुत ही पक्के दोस्त हैं, हमेशा साथ रहना, घूमना फिरना, मस्ती करना, ये सब चलता रहता है।
नेहा को एक लड़का काफी पसंद भी है पर मुझे आज तक उससे कभी चिढ़ नहीं हुई।
मैंने हमेशा ध्यान रखा कि नेहा को कभी किसी चीज़ की कमी न हो।
कुछ महीने पहले नेहा और मैं घूमने गये हुए थे। बाज़ार में भीड़ होने के कारण मेरा हाथ एकदम से उसके स्तन पर लग गया, तो मैंने कहा- गलती से लग गया!
उसने कहा- कोई बात नहीं।
पर उसके स्तन इतने कोमल थे कि उस समय मेरा लंड खड़ा हो गया।
ऐसा कई बार हुआ।
एक बार मैं उसके घर गया उसे लेने तो वह तैयार हो रही थी तो मैंने उसकी ब्रा देखी। ऐसे कई बार मैंने उसकी ब्रा और कच्छी देखी। उन्हें देख कर तो बस मज़ा सा आ जाता था।
एक दिन मैं नेहा क घर पर था, बातों बातों में नेहा ने मुझसे कहा- आदित्य, तुम मेरा इतना ध्यान रखते हो, मेरी हर इच्छा और जरूरत पूरी करते हो। क्या तुम हमेशा ऐसे ही करोगे?
मैंने कहा- बिल्कुल, भला दोस्त होते किसलिए हैं।
तो वह बोली- अगर मैं कुछ कहूँगी तो तुम मेरे लिए करोगे?
मैंने कहा- हाँ बिल्कुल!
उसके बाद उसने जो कहा, वो सुन कर तो मैं हक्का बक्का रह गया।
नेहा बोली- मैंने कभी सेक्स नहीं किया है, और न ही कभी किस या कुछ और… पर मेरा बहुत मन है करने का!
मेरे मन में भूचाल सा आ गया।
एक तरफ मेरी सबसे अच्छी दोस्त और दूसरी तरफ एक लड़की के साथ सेक्स करने का मौका… पर मैंने अपने आप पर काबू करके उससे कहा- यह गलत है। मैं तुम्हारी यह बात नहीं मान सकता! हम दोस्त हैं, इससे हमारी दोस्ती खराब हो जाएगी।
नेहा ने कहा- मैंने कई बार तुम्हें मेरी छाती की तरफ देखते हुए देखा है और कई बार तुम मेरी ब्रा भी देख रहे होते हो!
यह सुन कर तो मेरे होश से ही उड़ गये, मैंने थोड़ा भोला बनते हुए कहा- अब कभी ऐसे दिख जाती है तो नज़र तो पड़ती ही है, मैंजान बूझ कर नहीं देखता।
तो वो बोली- अगर आज मैं तुम्हें सब कुछ अपने आप दिखा दूँ तो?
मुझे तो अपने कानों पर यकीन ही नहीं हुआ।
फिर नेहा बोली- तुम ऐसा न सोचो, हमारी दोस्ती वैसी ही रहेगी, फिर भला दोस्त ही तो दोस्त के काम आता है।
मैं बहुत परेशानी में पड़ गया। उसके काफी कहने के बाद मैं उसकी वो बात मान गया।
दोस्तो, वो रात मेरी ज़िन्दगी की सबसे मस्त रात थी।
हम बिस्तर पर बैठे और बैठते ही मेरे अन्दर मानो एक अलग सी ख़ुशी आ गई।