होस्टल में समलैंगिक सम्बन्ध
प्रेषक : अनुराग बिष्ट
मेरा नाम अनुराग है और मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मेरे यौन-जीवन की शुरुआत कैसे हुई।
मेरे घर में मेरे पापा और मम्मी रहती हैं। मुझे मस्ती करना बहुत अच्छा लगता था इसलिए मेरा पढ़ाई में उतना मन नहीं लगता था जितना लगना चाहिए। मेरे डैड ने इसीलिए मुझे होस्टल भेज दिया। वहाँ जा कर मुझे कुछ ऐसे दोस्त मिले जो कि मेरी क्लास के थे लेकिन अच्छे परिवारों से थे। मैं भी अच्छे घर से ताल्लुक रखता हूँ लेकिन उन सब में एक बात थी कि वे सब सेक्स के मामले में काफी एडवांस थे।
उनमें से एक था राहुल ! स्लिम बॉडी का गोरा लड़का था मैं भी उसी की तरह दीखता था इसलिए मेरी और उसकी दोस्ती जल्दी हो गई। वो मेरी कक्षा में और मेरे साथ ही कमरे में था। मुझे उसे अंडरवीयर में देख कर अच्छा लगता था।
एक दिन उसकी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी इसलिए वो क्लास में नहीं गया और मुझे भी नहीं जाने दिया। मैं भी दोस्ती के नाते नहीं गया। हमारी क्लास ९ से ४ बजे तक चली थी। लगभग सभी चले गए, तब राहुल ने कहा- अनुराग ! मेरे को बुखार है जरा छू के देख !
कह कर मेरा हाथ पकड़ कर अपने सर पर रखा। थोड़ा गरम था उसका सर !
मुझे तो नहीं लग रहा है ! कहते हुए मैंने उसके सीने को छुआ तो मुझे लगा कि उसने शर्ट नहीं पहनी हुई है। मैंने हाथ को थोड़ा नीचे किया तो उसके निप्प्ल मेरे हाथ से छू गए। मुझे एक अजीब सा करंट सा लगा। मेरा हाथ धीरे धीर नीचे जाने लगा, मुझे पता भी नहीं चला कि मेरा हाथ कब उसके अंडरवीयर तक पहुँच गया।
तभी उसने मुझे पूछा- बुखार है या नहीं?
मैंने कहा- पता नहीं लग रहा है !
कहते हुए मेरा हाथ उसके अंडरवीयर के ऊपर से जाने लगा। इसी समय उसके लंड ने थोड़ी सी हरकत की और मुझे लगा कि कुछ है !
मैंने लंड को पकड़ कर कहा- यह क्या है?
वो बोला- कुछ नहीं !
मुझे भी नहीं मालूम था कि वह लंड है …..
मुझे लगा कि चॉकलेट है। मैंने कहा- चॉकलेट है ! और मुझसे छुपा रहे हो ! दोगे नहीं?
वो बोला- चॉकलेट नहीं है !
मैंने उसको पकड़ रखा था और मेरी पकड़ जोर से थी जिससे उसका लंड खड़ा हो गया। मैंने चादर को हटा तो देखा की उसका लंड पूरी तरह से खड़ा है। मैंने जल्दी से उसके अंडरवियर को नीचे खींचा तो देखा कि ७ इंच लंबा लंड छत की तरफ खड़ा है। मैंने उसे तुरन्त छोड़ दिया और छि छि करते हुए उससे दूर हट गया।
उसने चादर से फिर अपने आप को ढक लिया और सॉरी बोला ….
मै कमरे से बाहर चला गया, मेरे मन में सिर्फ उसके लंड का ही ख्याल आ रहा था। जिसके कारण मेरा भी लंड खड़ा हो रहा था और मेरे से रहा नहीं जा रहा था। समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं !
और ३० मिनट के बाद मैं उसके पास आया तो वो सो रहा था। मैं भी उसके पास सो गया।