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कमबख्त लंड

Story Hindi 2 pages 13 years ago

कमबख्त लंड
प्रेषक : मनीष

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार, यह मेरी पहली कहानी है, यह कहानी समलैंगिक है या नहीं यह तो पता नहीं पर जो है सच्ची है।

वैसे तो मुझे ज़्यादा रोमांचक लिखना नहीं आता परंतु अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ पढ़ कर कुछ तो सीख ही लिया है।

मेरी आयु 29 साल है, मैं शादीशुदा हूँ, मेरी बीवी की उम्र 28 साल है और वो बेहद खूबसूरत है। उसका बदन गोरा और चिकना है, बूब्स बड़े बड़े, चिकनी चूत और चूतड़ भारी भारी हैं। इतनी खूबसूरत और सेक्सी है कि किसी का भी लंड खड़ा हो जाए।

यूँ तो शादी के बाद और पहले भी हम दोनों ने खूब चुदाई की है पर मेरा मन कभी चुदाई से भरा नहीं.. मैं रोज सुबह मुठ मारता और रात को चूत या गांड…

एक रोज मैंने अन्तर्वासना पर समलिंगी कहानी पढ़ी, मेरा भी मन हुआ कि मैं भी किसी की टाइट गाण्ड मारूँ !

मैंने एक दो गे साइट पर लोग इन किया और क्यूंकि मैं जिम जाता हूँ और मेरी बॉडी मस्क्युलर है, जल्दी ही मुझे कोई मिल गया।

उस रात मैं उसके घर गया, मुझे बड़ी शर्म आ रही थी और हिचकिचाहट भी थी पर जल्द ही वो आगे बढ़ा और मुझे चूम लिया। मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगा पर मैंने साथ दिया।

जल्दी ही वो मेरा लंड चूसने लगा, तब मुझे मज़ा आया, पर ना जाने क्यूँ मेरा लंड खड़ा ही नहीं हुआ, एक तो उसके मुंह से बदबू आ रही थी और गर्मी भी बहुत थी, मैं वहाँ से चला आया।

कुछ दिनों बाद मैं सोचा क्यूँ ना क़िसी और को ढूंढा जाए, मुझे फिर कोई मिल गया। मैं उसके पास गया तो उसने मेरा लंड तो चूसा पर मुझे उसका लंड चूसने को कहा..

मैंने क़ोशिश तो की पर लंड होंठों पर लगते ही मुझे उल्टी आ रही थी और फिर से मेरा लंड खड़ा नहीं हुआ। मैं निराश हो गया पर मैंने फिर कोशिश की।

इस बार मैंने जिसको पकड़ा वो मसाज भी करता था, उसने मेरी खूब मालिश की, लंड भी चूसा पर फिर मेरा लंड ख़ड़ा नहीं हुआ।

अब मुझे लगने लगा था कि मैं नपुंसक हो चला हूँ, पर सोचने वाली बात है कि इस बीच मैंने न जाने कितनी बार अपनी बीवी की चूत और गाण्ड मार ली होगी और एक रंडी भी चोद डाली, फिर मैं नपुंसक कैसे हुआ?

बड़े सोचने के बाद मैंने फिर किसी को ढूंढा और केमिस्ट से वियाग्रा ली और उसके पास गया। वो देखने में ही बदसूरत था और मोटा भी था, पर मैं सोचा जो होगा देखा जाएगा।

उसने कुछ गे पॉर्न लगा रखी थी, वो मुझे छूने लगा.. मैने वियाग्रा खा रखी थी, मेरा लंड उठने लगा. फिर उसने अपने और मेरे कपड़े उतारे और मुझे ऊपर से नीचे तक चाटने लगा.. मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया।

फिर उसने मेरा लंड जो चूसा, मेरा लंड फटने को था… फिर अचानक उसने मुझे घोड़ी बनने को बोला… मैने सोच कही गाण्ड मारने के चक्कर मैं मरानी ना पड़ जाए।

पर जो उसने किया, वो मैं आज भी सोच कर मूठ मार लेता हूँ, उसने मेरी गाण्ड चाटनी शुरू की।

मुझे अजीब सा लग रहा था…

उसने बोला- रिलॅक्स एंड एंजाय…

मैंने सोचा- चलो आँख बंद कर लो और कोशिश करो एंजाय करने की !

धीरे-धीरे उसने मेरी गाण्ड के छेद पर अपनी जीभ चलानी शुरू की, मुझे जो मजा आ रहा था, पूछो मत !

अचानक उसने अपनी उंगली मेरी गाण्ड में घुसा दी।

मैं चिल्ला पड़ा और उसे मना किया..

उसने माफी माँगी और फिर से चाटना शुरू किया..

मुझे तो लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ। फिर मैंने कॉण्डम लगा कर जो उसे चोदा।

आज तक उसके एस एम एस आते है सेक्स के लिए !

उसके बाद हमने खूब दारू पी, उसने फिर मेरी गाण्ड चाटी पर इतनी दारू पीने के बाद लंड कहाँ खड़ा होना था…

मैंने उसके बाद क़िसी और के साथ एक बार सेक्स करने की कोशिश की पर फिर से यह कमबख्त लंड खड़ा नहीं हुआ…

अब मेरी समझ में आ गया कि मुझे लड़कों से लंड चुसवाने और गाण्ड चटवाने में तो मजा आता है पर उन्हें चोदने में नहीं…

चोद तो सिर्फ़ मैं लड़की या औरत को ही सकता हूँ…

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