प्रेस वाले से गांड मरवाई
लेखक : सनी
सबसे पहले गुरूजी और उसके बाद अन्तर्वासना पढ़ने वाले एक एक पाठक को सनी की तरफ से प्यार ! भगवन करे यह वेबसाइट ऐसे ही हिट होती जाये और हम सबकी मस्त मस्त चुदाइयाँ बिस्तर से, कमरे से, इन्टरनेट पर छपती रहे और सभी लुत्फ उठाते रहें। आप सबने मुझे बहुत बहुत प्यार दिया है मेरी एक एक चुदाई को पसंद किया है और याहू पर मुझसे सम्पर्क किया है, सभी मुझे ऐसे प्यार देते रहो। अब तक की कहानियों को जो प्यार मिला, वो अनमोल है। मेरी एक एक कहानी सच ही होती है और यह सब मुझे याहू पर लाइव वेबकैम पर देख कर मान चुके हैं कि आखिर मैं कितना गांडू हूँ ! यहाँ मेरी चुदाई पढ़ने के बाद सौ के करीब लोगों ने मुझे याहू पर ऐड किया हुआ है, मुझे नंगा करवा के मेरी गांड देखते हैं मेरे लड़कियों जैसे मस्त मस्त मम्मे देख कर मुठ मारते हैं। मैं हर दोपहर एक बजे से पाँच बजे तक ऑनलाइन होता हूँ क्यूंकि उस समय मैं घर में अकेला रहता हूँ।
खैर चलो काफी दिनों के बाद मैं अन्तर्वासना पर अपनी एक और ठुकाई लिखने जा रहा हूँ।
हर रोज़ की तरह मैंने अपना आईडी खोला और चैट करने लगा। अपने कमरे का दरवाज़ा बंद करके कंप्यूटर ऑन किया। पता नहीं किस तरह मुझसे लॉबी का दरवाज़ा लाक नहीं हुआ। मुझे नहीं पता था कि मॉम ने कपड़े प्रेस करने दिये हैं। आज तक उस समय पर कभी कोई नहीं आया था। मेरे नेटफ्रेंड जो कि मुझे अन्तर्वासना से ही मिला है, मुझे कहा कि साइबर-सेक्स कर ! अपनी शर्ट उतार !
मैंने किया, उसने कहा- अपने मम्मे दिखा और दबा !
मैंने किया, उसने कहा- अब अपनी गांड दिखा ज़रा !
उसके कहने पर मैंने सब कुछ उतार दिया, उसको वेबकैम पर अपनी गोरी गोल गांड दिखाने लगा।
मैं अब उसका खडा लंड देख कर मचल गया, होश खो दिया।
उसने बोला- चल गांड में कुछ डाल के दिखा !
उसके कहने पर मैंने फ़्रिज से मूली निकाली और डालने लगा। वो मुझे देख देख मुठ मार रहा था। कमरे में पूरा शबाब था, गर्मी थी, मेरा जिस्म लंड की चाहत में मचलने लगा।
प्रेस वाले ने काफी आवाजें लगाई, थक-हार के वो अन्दर चला आया, क्यूंकि वो पिछले दस साल से यहाँ काम करता था।
मैं अपने वेबकैम में मग्न था, दरवाज़े की तरफ मेरी पीठ थी। अचानक किसी का हाथ मेरी गांड पर रेंगा। मैं एक दम घूमा, उसको देख मेरे रंग उड़ने लगे। जल्दी से अंडरवियर पकड़ा। उसने छीनते हुए फेंक दिया और मेरी गाण्ड सहलाने लगा।
मैं क्या कहता, फ़िर वो बोला- मूली की क्या ज़रुरत है सनी ? कह दिया होता तो मेरा भी सरता जाता और तेरा भी !
मैं कुछ सामान्य हुआ और खुद ही उसके लंड को जिप खोल कर बाहर निकाल लिया। सोया हुआ सांवले रंग का मस्त लंड मेरे सामने था। पहले मैंने उसका हाथ से जायजा लिया और अपने होंठ उस पर टिका दिए और चूमते हुए उसके लंड को मुँह में डाल लिया।