चूत और गांड की सीलें टूट गईं-2
कहानी का पहला भाग : चूत और गांड की सीलें टूट गईं-1
मैं सुबह उठा तो देखा कि साढ़े आठ हो गए थे.. 9 बजे से शीतल का एग्जाम था.. मैंने जल्दी से शीतल को उठाया और दोनों बाथरूम में नहा कर.. बिना ब्रेकफास्ट के ही निकल गए।
सेंटर में पहुँच कर देखा तो साढ़े नौ हो गए थे.. शीतल को एंट्री से मना कर दिया गया.. फिर वहाँ पर मुझे अपना एक परिचित सीनियर डॉक्टर रवि गेरा दिखाई दिया..
मैंने उससे बात की तो वो शीतल को पहले तो घूरने लगा उसने शीतल के मम्मों और उठी हुई गांड को ऐसे देखा कि अभी पटक कर चोदने के मूड में हो.. फिर वो शीतल को अन्दर ले गया और एग्जाम में बैठा दिया।
मुझे रवि की आँखों में एक वासना भरी कामुक चमक दिख चुकी थी।
बारह बजे शीतल बाहर आ गई.. तो डॉक्टर मेरे सीनियर रवि गेरा जिद करने लगे कि आज मेरे पास रुक जाओ।
मैंने बहुत मना किया.. लेकिन वो नहीं माना.. मुझे समझ आ गया कि आज यह शीतल का बाजा बजाने के मूड में है।
मैंने शीतल की तरफ देखा तो मुझे उसकी आँखों में रवि का अहसान चुकाने की ललक सी दिखी।
फिर मैंने शीतल के पिता जी से बात की तो वो बोले- कोई बात नहीं.. रुक जाओ.. सुबह आ जाना।
दोपहर में हम सब ने लंच किया और तीनों सो गए।
शाम को उठ कर रवि हमें घुमाने ले गया.. रात को रवि के कमरे पर आकर हमने थोड़ा ड्रिंक किया.. आज शीतल ने भी थोड़ी बियर लगा ली थी।
मैंने रवि से सीधे सीधे पूछा- शीतल से एन्जॉय तो नहीं करना है?
रवि ने ‘हाँ’ कर दी.. फिर मैंने शीतल से पूछा.. तो वो तुरंत मान गई।
वो हम दोनों से चुदने को राजी थी।
अब हमने खाना खाया और अपना पुराना काम शुरू कर दिया.. उस कमरे में हम तीनों नंगे हो कर पूरा मज़ा ले रहे थे।
एक बार में शीतल की चूत में अपना लंड डाल रहा था.. एक बार डॉक्टर रवि चोद रहा था।
हमने लैपटॉप में ब्लू-फिल्म लगा रखी थी.. एक बार चूत चोदने के बाद तीनों बात करने लगे।
फिर एक आईडिया आया कि बारी-बारी से चुदाई में मज़ा नहीं आया.. दोनों एक साथ करते हैं।
मैंने रवि से बोला- सुन्न करने वाली जैली ले लो..
तो वो क्लिनिक से जैली उठा लाया.. फिर हमने दूसरे राउंड की शुरूआत की.. इस बार हमारा प्लान शीतल की दूसरी सील तोड़ने का था।
पहले हमने शीतल को गरम किया.. हम दोनों भी गरम थे.. अब रवि नीचे लेट गया शीतल उसके लंड पर बैठ गई.. रवि का पूरा लंड शीतल की चूत के अन्दर था।
अब शीतल के मम्मे रवि की छाती से लगे हुए थे और उसकी गांड ऊपर की तरफ मेरे लौड़े की तरफ थी।
शीतल उछल उछल कर चूत चुदाई के मज़े ले रही थी..।
मैंने शीतल को बताया- शीतल अब में तेरी गांड मारूंगा.. थोड़ा दर्द हो सकता है..
शीतल ने ‘हाँ’ कर दी.. फिर मैंने रवि को बोला- दोनों हाथों से शीतल को कमर के पीछे से अच्छे से पकड़ लो।
मैंने सुन्न करने वाली क्रीम ली और आधी क्रीम शीतल की गांड में लगा दी..