मेरी शादी की सालगिरह कैसे मनी, मेरी चूत चुदाई की सेक्सी कहानी-4
रात के 10:30 बजे थे कि मेरे फ़ोन की घण्टी बजी।
मैंने फोन उठाया- हलो!
‘मेमसाब सो गई क्या, दरवाजा खोलिये!’
अब यह कौन है? यही सोच रहे हैं ना, शहर के फ्लैट में क्या गुल खिल रहा है।
यह बात पड़ोसियों को भी नहीं पता चलती, लेकिन कोई होता है जिसे सब पता होता कि किसके यहाँ क्या हो रहा है, वो होता अपार्टमेंट का सेक्युरिटी गार्ड!
मेरी चुत तो चुलबुला उठी, मैं सोचने लगी क्या करूँ..
मैं उठी और जाकर दरवाजा खोला- हाय… ये क्या… दोनों गार्ड एक साथ!
दोनों की शादी नहीं हुई है, दोनों काफी अच्छे शरीर है और लंड भी… एक बिहारी था और एक लोकल यहीं का!
दोनों मुस्कुराते हुए अन्दर आ गये, एक ने दरवाजा बंद किया. दोनों साफ सुथरे होकर आये थे मतलब नहा धोकर, परफ्यूम भी!
दोनों ने मेरे आगे पीछे होकर एक साथ मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे कान में बोले- बहुत दिनों बाद आज तो पूरी रात मिली है मजा लेने को… वरना हमें तो जल्दी वाली ही मिलती है।
पिछले एक महीने से दोनों को मेरी चुत नहीं मिली थी, उनकी दिन की ड्यूटी और रात में पति घर पे, जब कभी उन्होंने मौका मिलता तो अपना लंड ही चुसवा लेते या मैं उनकी मुठ मार देती। आज उन्हें मौका मिला था।
मैं भी खुश थी कि करीब 4-5 महीने बाद एक साथ दो लंदों से चुदेगी मेरे चुत!
मैं उन दोनों को चूमते, किस करते बेडरूम में ले गई, तब तक तीनों के कपड़े उतर चुके थे।
दोनों ने पहले एक एक कर मेरी चुत की चुदाई की, फिर जो बिहारी गार्ड था, उसने मेरी अच्छी तरह गांड की चुदाई की और फिर दोनों ने एक साथ मेरी चुत और गांड एक साथ ठुकाई की।
अब हम तीनों थक चुके थे, मैं तो क्या बताऊँ कि किस हाल में थी, मेरी चुत और गांड अब दुख रही थी।
दोनों मेरे अगल बगल मैं थे, रात में दोनों ने एक बार और एक साथ मेरी अच्छी तरह चुदाई की।
सुबह मेरी नींद तब खुली, तब 6 ही बजे थे, जब मुझे लगा कोई मेरी चुत चाट रहा हो, आँख खोली तो देखी तो वो बिहारी गार्ड मेरी चुत चाट रहा औऱ चूस रहा था।
मैं ‘उम्म म्ममह मम्म आहहह…’ करने लगी और उसका सर अपनी चुत पर दबाने लगी।
दूसरा गार्ड भी अब उठ गया था, उसने मेरी होंठों को चूमना शुरू कर दिया और चुची सहलाने लगा और नीचे मेरी चुत में उंगली करनी शुरू कर दी।
अब मैं भी पूरी तरह गर्म हो चुकी थी।
बिहारी गार्ड ऊपर आया और अपना लंड मेरे तरफ कर दिया, अब मैंने उसका लंड मुँह में ले लिया औऱ दूसरा गार्ड नीचे मेरी चुत में उंगली और साथ मैं अपनी जीभ करने लग गया।
‘उम्मम म्मह उम्म्ह… अहह… हय… याह… मम्ममाँ… आहहह आहह… ह’
थोड़ी देर में उसने ऊपर आकर अपना लंड मेरे मुँह में डाला और बिहारी गार्ड ने मेरी चुत में लंड डाल दिया।